Smriti Irani: ‘लोग घटिया कलाकार बताते थे’, स्मृति ने संघर्ष के दिनों को किया याद; पिता ने रखी थी अनोखी शर्त
Smriti Irani Remembers Her Struggle: अभिनेत्री और राजनेता स्मृति ईरानी ने अपने करियर, स्ट्रगल और राजनीतिक सफर के बारे में बात की। साथ ही उन्होंने अपने पिता की एक अनोखी शर्त के बारे में भी बताया।
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टेलीविजन अभिनेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इन दिनों ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के रीबूट में नजर आ रही हैं। हाल ही में अभिनेत्री ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। साथ ही बताया कि एक वक्त पर लोग उन्हें बेकार अभिनेत्री बताते थे। अपने राजनीतिक करियर के बारे में भी उन्होंने बात की।
पार्ट टाइम नेता और फुल टाइम एक्टर कहते थे लोग
सोहा अली खान के पॉडकास्ट 'ऑल अबाउट हर' के एक एपिसोड में स्मृति ईरानी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। साथ ही उन्होंने एक अभिनेत्री और राजनेता के अपने सफर को याद करते हुए कहा कि 25 साल पहले मुझे पार्ट-टाइम नेता और फुल-टाइम एक्टर कहा जाता था। उन्होंने आगे बताया कि एक बार उन्होंने अपने पिता से पूछा था कि मैं अपनी बाकी जिंदगी किसी की पत्नी बनकर जीने वाली हूं। 17 साल आपकी बेटी बनकर। मुझे अपने लिए जीने का मौका कब मिलेगा?
पिता ने रखी थी ये शर्त
स्मृति ने बताया कि उनकी पहली नौकरी दिल्ली की सड़कों पर जनपथ में 200 रुपए रोजाना पर थी। अभिनेत्री ने कहा कि मैंने अपने पिता से कर्ज लिया था। पिता ने कहा था कि मैं तुम्हें एक साल का समय देता हूं और अगर तुम मुझे पैसे नहीं दे सकती, तो मैं जिससे भी कहूं, उससे शादी कर लेना।
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शुरुआती दिनों को किया याद
तुलसी के किरदार को मिली लोकप्रियता और अपने करियर के शुरुआती दिनों को स्मृति ने याद किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में मैं जहां भी जाती थी, लोग कहते कि तुम एक घटिया अदाकारा हो। पुरुष कलाकारों को मुझसे ज्यादा पैसे मिलते थे। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि आज की तुलसी 25 साल पहले क्या कहतीं, तो स्मृति ने कहा, ‘ज्यादा तनख्वाह पाओ।’
27 साल में लड़ा पहला चुनाव
अपने राजनीतिक करियर के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि 2004 में मैंने अपना पहला चुनाव लड़ा। मैं 27 साल की थी। कट्टर राजनीति को समझने के लिए न तो कोई शिक्षा है, न ही कोई अकादमिक साहसिक कार्य।