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SD Burman: एसडी बर्मन ने दी हिंदी सिनेमा को मनमोहक गानों की सौगात, आज भी श्रोताओं के दिलों में करते हैं राज
Tue, 01 Oct 2024 07:14 AM IST
तनु चतुर्वेदी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: तनु चतुर्वेदी
Updated Tue, 01 Oct 2024 07:14 AM IST
सार
एसडी बर्मन को हिंदी सिनेमा में संगीत जगत में योगदान देने के लिए जाना जाता है। एसडी बर्मन शाही परिवार से ताल्लुक रखते थे। एसडी बर्मन के गानों को श्रोता आज भी सुनना पसंद करते हैं।
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एसडी बर्मन के संगीत के जादू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एसडी बर्मन को हिंदी सिनेमा में उनके संगीत के उत्कृष्ट योगदान के लिए जाना जाता है। एसडी बर्मन ने संगीत को न सिर्फ नया आयाम दिया बल्कि 100 से ज्यादा फिल्मों में गाने दिए हैं। एसडी बर्मन ने मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, मुकेश जैसे शानदार गायकों के साथ काम किया है। एसडी बर्मन शाही परिवार से थे। एसडी बर्मन ने 19 के दशक में शानदार गाने दिए हैं।
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एसडी बर्मन
- फोटो : इंस्टाग्राम @sd_burman_fc
बांग्लादेश के शाही परिवार में हुआ था जन्म
एसडी बर्मन का जन्म एक अक्टूबर 1906 में बांग्लादेश में हुआ था। एसडी बर्मन त्रिपुरा में शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। एसडी बर्मन का जन्म टिप्पेराह पैलेस, बंगाल प्रेसीडेंसी में हुआ था। एसडी बर्मन की मां राजकुमारी निर्मला देवी था, जो मणिपुर की शाही राजकुमारी थीं। उनके पिता का नाम नवदीप चंद्र देव बर्मन था। सचिन देव बर्मन जब दो साल के थे, तभी उनकी मां का देहांत हो गया था। सचिन देव बर्मन का विवाह मीरा दासगुप्ता से हुआ था। मीरा बंगाली और हिंदी फिल्मों के लिए गाने लिखती थीं।
एसडी बर्मन का जन्म एक अक्टूबर 1906 में बांग्लादेश में हुआ था। एसडी बर्मन त्रिपुरा में शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। एसडी बर्मन का जन्म टिप्पेराह पैलेस, बंगाल प्रेसीडेंसी में हुआ था। एसडी बर्मन की मां राजकुमारी निर्मला देवी था, जो मणिपुर की शाही राजकुमारी थीं। उनके पिता का नाम नवदीप चंद्र देव बर्मन था। सचिन देव बर्मन जब दो साल के थे, तभी उनकी मां का देहांत हो गया था। सचिन देव बर्मन का विवाह मीरा दासगुप्ता से हुआ था। मीरा बंगाली और हिंदी फिल्मों के लिए गाने लिखती थीं।
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एसडी बर्मन
- फोटो : इंस्टाग्राम @sd_burman_fc
100 से ज्यादा फिल्मों में दी अपने संगीत की सौगात
एसडी बर्मन ने अपने संगीत करियर की शुरुआत 1937 में की थी। धीरे-धीरे उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी संगीत करियर की शुरुआत की थी। हिंदी और बंगाली फिल्मों को मिलाकर करीब 100 फिल्मों में अपने संगीत का जादू बिखेरा है। इस फिल्मों के लिए एसडी बर्मन ने किशोर कुमार, लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, आशा भोसले, तलत मेहमूद जैसे शानदार गायकों के साथ काम किया। एसडी बर्मन के बेटे आरडी बर्मन ने भी संगीत जगत में अपने शानदार गाने दिए हैं।
एसडी बर्मन ने अपने संगीत करियर की शुरुआत 1937 में की थी। धीरे-धीरे उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी संगीत करियर की शुरुआत की थी। हिंदी और बंगाली फिल्मों को मिलाकर करीब 100 फिल्मों में अपने संगीत का जादू बिखेरा है। इस फिल्मों के लिए एसडी बर्मन ने किशोर कुमार, लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, आशा भोसले, तलत मेहमूद जैसे शानदार गायकों के साथ काम किया। एसडी बर्मन के बेटे आरडी बर्मन ने भी संगीत जगत में अपने शानदार गाने दिए हैं।
एसडी बर्मन
- फोटो : इंस्टाग्राम @sd_burman_fc
हिंदी सिनेमा को दिए ये यादगार गाने
हिंदी सिनेमा के संगीतकार सचिन देव बर्मन को एसडी बर्मन के नाम से जाना जाता है। एसडी बर्मन ने बंगाली सिनेमा के साथ हिंदी जगत में भी मनमोहक गाने दिए हैं। इसमें 'कोरा कागज था ये मन मेरा', 'मीत न मिला रे मन का', 'तेरी बिंदिया रे', 'आज फिर जीने की तमन्ना है', 'अब तो है तुमसे हर खुशी अपनी', 'एक लड़की भीगी भागी सी', 'रूप तेरा मस्ताना' जैसे एवरग्रीन गाने में शामिल गाने हैं। 19 के दशक से आज तक हर पीढ़ी के लोग एसडी बर्मन के संगीत को पसंद करते हैं।
हिंदी सिनेमा के संगीतकार सचिन देव बर्मन को एसडी बर्मन के नाम से जाना जाता है। एसडी बर्मन ने बंगाली सिनेमा के साथ हिंदी जगत में भी मनमोहक गाने दिए हैं। इसमें 'कोरा कागज था ये मन मेरा', 'मीत न मिला रे मन का', 'तेरी बिंदिया रे', 'आज फिर जीने की तमन्ना है', 'अब तो है तुमसे हर खुशी अपनी', 'एक लड़की भीगी भागी सी', 'रूप तेरा मस्ताना' जैसे एवरग्रीन गाने में शामिल गाने हैं। 19 के दशक से आज तक हर पीढ़ी के लोग एसडी बर्मन के संगीत को पसंद करते हैं।