Saira-Dilip: सायरा बानो को पुण्यतिथि पर याद आए दिलीप कुमार, प्यारा नोट साझा कर सुनाए साहेब के अनसुने किस्से
सायरा बानो ने दिलीप कुमार की तीसरी पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने साहेब के लिए लंबा भावुक पत्र भी लिखा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सायरा बानो ने दिवंगत अभिनेता दिलीप कुमार की तीसरी पुण्यतिथि पर अपने साहेब याद किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर दिलीप कुमार के लिए लंबा भावुक पत्र लिखा। उन्होंने दिलीप को याद दिलाया कि वे समय के अंत तक एक-दूसरे का हाथ थामे चलते रहेंगे। पत्र के अलावा उन्होंने तस्वीरों की एक सीरीज के साथ-साथ अपने रिश्ते के बारे में एक किस्सा भी साझा किया।
सायरा को आंटी कहते थे दिलीप
सायरा ने बताया कि दिलीप कुमार उन्हें अपनी नींद की गोली कहते थे, क्योंकि वे उन्हें बेहतर नींद दिलाने में मदद करती थीं। वे उन्हें आंटी कहकर चिढ़ाते भी थे। उन्होंने कहा, 'देखिए, साहब अब तक के सबसे महान अभिनेता थे। उनके पास हर तरह की सुविधा थी, फिर भी बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्हें गंभीर अनिद्रा की समस्या थी। हमारी शादी से पहले गोलियां लेने के बाद भी वे सुबह तक जागते रहते थे। हालांकि, एक बार जब हमारी शादी हो गई और हम एक-दूसरे के लिए अपरिहार्य हो गए तो वह समय पर सोने लगे। उन्होंने मुझे एक प्यारा सा उपनाम भी दिया, प्यार से कहा, 'सायरा, तुम मेरी नींद की गोली हो, तुम मेरा तकिया हो।' आज भी, मैं उस आकर्षण को याद करके हंस पड़ती हूं, जिसके साथ वे यह कहते थे।'
View this post on Instagram
सायरा-दिलीप की मस्ती
सायरा ने आगे बताया, 'एक और यादगार घटना थी, जब उन्होंने मुझे एक नोट लिखा था। उन्हें संगीत का बहुत शौक था और अक्सर हमारे घर में पूरा दरबार लगाया करते थे, जहां कलाकारों द्वारा बनाए गए जादू को देखा जा सकता था। साहब, हमेशा बहुत कुशलता से अक्सर दरबार से कुछ देर सोने के लिए चले जाते थे। ऐसी ही एक शाम चुपके से जाने के बावजूद वे खुद को मेरे बिना सोने में असमर्थ पाते थे, इसलिए उन्होंने एक नोट लिखा, 'नींद आ रही है, आप क्या सुझाव देती हैं, आंटी?'
दिलीप साहब हमेशा साथ हैं
मैं उन्हें एक मस्ती पसंद करने वाले व्यक्ति के रूप में याद करती हूं, जो हमेशा मुझे आंटी कहकर बुलाते थे और हंसते थे। फिर भी मजाक, हंसी और उन दिल से निकले नोटों के नीचे, शुद्ध प्रेम छिपा था।' सायरा बानो ने अपने नोट को इस पंक्ति के साथ समाप्त किया, 'दिलीप साहब हमेशा के लिए हैं... अल्लाह उन्हें अपने प्यार और आशीर्वाद में रखे... आमीन।'