Pushpa Impossible: कैसे एक हजार एपिसोड तक पहुंचा 'पुष्पा इम्पॉसिबल', निर्माता और अभिनेत्री ने बताए किस्से
Pushpa Impossible 1000 Episodes: टीवी शो 'पुष्पा इम्पॉसिबल' के एक हजार एपिसोड पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर शो के निर्माता जेडी मजेठिया और लीड एक्ट्रेस करुणा पांडे ने बताए शो से जुड़े किस्से।
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ऐसे दिनों में जब टीवी शो शुरू होते हैं और अचानक खत्म हो जाते हैं, 'पुष्पा इम्पॉसिबल' ने 1000 एपिसोड पूरे करके एक मिसाल कायम कर दी है। तीन साल की लंबी यात्रा में यह शो दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुका है। इस मौके पर अमर उजाला ने निर्माता जे. डी. माजेठिया और प्रमुख अभिनेत्री करुणा पांडे से बातचीत की। उन्होंने बताया कि शो की सफलता का राज सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि किरदार और उनकी रियलिटी में है।
चुनौतीपूर्ण रहा ‘पुष्पा’ का किरदार: करुणा पांडे
अपने अनुभव को लेकर करुणा पांडे बताती हैं कि पुष्पा का रोल निभाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा, ‘शूटिंग शुरू होने से पहले हमने महीनों तक पढ़ाई और रीडिंग की। मैंने अपनी डायलॉग और भाषा पर मेहनत की। हमारे शो का माहौल मुंबई और गुजरात का मिश्रण है। इसलिए भाषा और इमोशंस को सटीक बनाना जरूरी था। पुष्पा बच्चों और दूसरों की मदद करने वाली, दयालु महिला है। इसे निभाना इमोशनल और मजेदार दोनों रहा।
जब करुणा ने खुद लकड़ी जलाकर बनाया खाना
अभिनेत्री ने आगे बताया कि कई बार शूटिंग कठिन मौसम में करनी पड़ती है। जैसे तेज गर्मी, बारिश या धूल। सबसे यादगार सीन्स में से एक था जब पुष्पा ने आंगन में लकड़ी जलाकर खाना बनाया। कोई मदद नहीं कर रहा था। मुझे खुद यह करना पड़ा। कई बार शूटिंग की वजह से मुझे अपनी असली जिंदगी में भी कुछ चीजें छोड़नी पड़ती थीं। इन सबके बावजूद अनुभव अद्भुत रहा। करुणा बताती हैं कि शूटिंग के बाद घर लौटना सबसे अच्छा लगता है। मेरी दो बिल्लियां और एक कुत्ता मेरे बच्चे हैं। घर पर पहुंचकर उनके साथ खेलना बहुत अच्छा लगता है।
शो का मकसद सीख और पॉजिटिव मैसेज देना: जेडी माजेठिया
शो को लेकर निर्माता जेडी माजेठिया कहते हैं कि शो की सफलता का सबसे बड़ा कारण इसकी रियलिटी और रिलेटिबिलिटी है। उन्होंने कहा कि इंडियन ऑडियंस उन कहानियों को पसंद करते हैं जो उनके जीवन से जुड़ी हों। पुष्पा हर मुश्किल हालात में हिम्मत के साथ आगे बढ़ती है। यह दर्शकों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। हमारी कोशिश रहती है कि शो में सिर्फ मनोरंजन न हो। बल्कि जीवन की सीख और पॉजिटिव मैसेज भी मिले।
उन्होंने आगे बताया कि शो में कहानी और किरदार का बैलेंस बहुत जरूरी है। हमेशा यह ध्यान रखा जाता है कि कहानी में हास्य, संघर्ष, भावनाएं और उम्मीद सब शामिल हों। जीवन में चुनौतियां हर किसी के सामने आती हैं। दर्शक चाहते हैं कि किरदार उनके जैसे ही इन चुनौतियों का सामना करें। यही कारण है कि पुष्पा का किरदार इतना पॉपुलर हुआ।
दर्शकों के इमोशंस को समझना जरूरी
नए लेखक और प्रोड्यूसर्स को सलाह देते हुए जेडी माजेठिया कहते हैं कि ऑडियंस के इमोशंस को समझना सबसे जरूरी है। कहानी और किरदार पर ध्यान दें। अगर किरदार लोगों के दिल में बस जाए, तब आप उसकी नई कहानी विकसित कर सकते हैं। भारतीय दर्शक अपने पसंदीदा किरदार से जल्दी जुड़ जाते हैं। इसलिए कहानी बनाते समय उसे असली जिंदगी जैसा और लोगों के लिए प्रेरणा देने वाला बनाना जरूरी है। निर्माता ने आगे बताया कि शो के लिए हमने चॉल जैसी जगह बनाई जो टीवी पर पहले नहीं देखी गई। यह नया माहौल दर्शकों को अलग अनुभव देता है। इसलिए कहानी को असली और प्रेरक बनाना जरूरी है।