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प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस: 10 साल बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला, राहुल राज सिंह हुए आरोपमुक्त; जानें पूरा मामला
Wed, 30 Sep 2026 11:50 PM IST
संदेश मेहरा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: संदेश मेहरा
Updated Wed, 30 Sep 2026 11:50 PM IST
सार
Pratyusha Banerjee Suicide Case: अभिनेत्री प्रत्युषा बनर्जी की आत्महत्या मामले में कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। जानिए क्या है पूरा मामला और क्या है नया अपडेट।
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प्रत्युषा बनर्जी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
टीवी की मशहूर 'बालिका वधू' यानी आनंदी के नाम से जानी जाने वाली अभिनेत्री प्रत्युषा बनर्जी की आत्महत्या मामले में कोर्ट ने अपनी ओर से फैसला सुना दिया है। जानिए क्या है पूरा केस।
क्या है पूरा मामला?
24 साल की प्रत्युषा बनर्जी 1 अप्रैल 2016 को गोरेगांव वेस्ट स्थित अपने किराए के फ्लैट में फांसी पर लटकी मिली थीं। उनकी मां सोमा बनर्जी की शिकायत पर बांगुर नगर पुलिस ने राहुल राज सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 323, 504, और 506 के तहत केस दर्ज किया था। आरोप था कि राहुल ने उन्हें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया।
राहुल को जुलाई 2016 में हाई कोर्ट से ही अग्रिम जमानत मिल गई थी। 2018 में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद राहुल ने डिस्चार्ज के लिए अर्जी लगाई, जिसे डिंडोशी सेशन कोर्ट ने अगस्त 2023 में खारिज कर दिया था। सेशन कोर्ट ने तब कहा था कि गवाहों के बयान से लगता है कि आरोपी ने मृतका की जिंदगी नर्क बना दी थी।
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राहुल की ओर से सीनियर वकील आबाद पोंडा और श्रेयांश मिठारे ने दलील दी कि एफआईआर जल्दबाजी में दर्ज की गई, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। आत्महत्या से एक घंटे पहले की आखिरी फोन रिकॉर्डिंग में राहुल प्रत्युषा को कोई भी कदम न उठाने के लिए समझा रहे थे और अपना प्यार जता रहे थे। राहुल ही वह व्यक्ति था जिसने दरवाजा खुलवाया और उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की।
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क्या है पूरा मामला?
24 साल की प्रत्युषा बनर्जी 1 अप्रैल 2016 को गोरेगांव वेस्ट स्थित अपने किराए के फ्लैट में फांसी पर लटकी मिली थीं। उनकी मां सोमा बनर्जी की शिकायत पर बांगुर नगर पुलिस ने राहुल राज सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 323, 504, और 506 के तहत केस दर्ज किया था। आरोप था कि राहुल ने उन्हें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया।
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राहुल को जुलाई 2016 में हाई कोर्ट से ही अग्रिम जमानत मिल गई थी। 2018 में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद राहुल ने डिस्चार्ज के लिए अर्जी लगाई, जिसे डिंडोशी सेशन कोर्ट ने अगस्त 2023 में खारिज कर दिया था। सेशन कोर्ट ने तब कहा था कि गवाहों के बयान से लगता है कि आरोपी ने मृतका की जिंदगी नर्क बना दी थी।
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राहुल की ओर से सीनियर वकील आबाद पोंडा और श्रेयांश मिठारे ने दलील दी कि एफआईआर जल्दबाजी में दर्ज की गई, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। आत्महत्या से एक घंटे पहले की आखिरी फोन रिकॉर्डिंग में राहुल प्रत्युषा को कोई भी कदम न उठाने के लिए समझा रहे थे और अपना प्यार जता रहे थे। राहुल ही वह व्यक्ति था जिसने दरवाजा खुलवाया और उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की।
प्रत्युषा बनर्जी
- फोटो : सोशल मीडिया
कोर्ट ने सुनाया ये फैसला
अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए उनके पूर्व पार्टनर राहुल राज सिंह को आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) कर दिया है। जस्टिस एसजी डिगे की सिंगल बेंच ने बुधवार को यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन के पास मामले को ट्रायल तक ले जाने लायक पर्याप्त सबूत ही नहीं हैं।
कोर्ट ने इन दलीलों को मानते हुए कहा कि यह उकसाने का मामला नहीं बनता, इसलिए ट्रायल चलाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। राहुल का शुरू से दावा रहा है कि दोनों दिसंबर 2016 में शादी करने वाले थे। अब 10 साल चली इस कानूनी लड़ाई के बाद राहुल बरी हो गए हैं। प्रत्युषा का परिवार चाहे तो सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है।
ये भी पढ़ें- स्त्री 3: कब रिलीज होगा फिल्म का तीसरा पार्ट? प्रोड्यूसर दिनेश विजान ने दी जानकारी; फैंस की बढ़ी एक्साइटमेंट
अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए उनके पूर्व पार्टनर राहुल राज सिंह को आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) कर दिया है। जस्टिस एसजी डिगे की सिंगल बेंच ने बुधवार को यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन के पास मामले को ट्रायल तक ले जाने लायक पर्याप्त सबूत ही नहीं हैं।
कोर्ट ने इन दलीलों को मानते हुए कहा कि यह उकसाने का मामला नहीं बनता, इसलिए ट्रायल चलाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। राहुल का शुरू से दावा रहा है कि दोनों दिसंबर 2016 में शादी करने वाले थे। अब 10 साल चली इस कानूनी लड़ाई के बाद राहुल बरी हो गए हैं। प्रत्युषा का परिवार चाहे तो सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है।
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