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Salaar: प्रशांत नील ने यूक्रेन-गाजा के युद्ध से की सालार के हिंसक दृश्यों की तुलना, बोले- इसमें एक नैतिकता है
Tue, 19 Dec 2023 01:05 PM IST
दीक्षा पाठक
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Tue, 19 Dec 2023 01:05 PM IST
सार
फिल्म में प्रभास और पृथ्वीराज सुकुमारन अहम किरदारों में नजर आने वाले हैं। क्रिसमस से पहले यह फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। रिलीज से पहले ही फिल्म के हिंसक दृश्यों पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अब निर्देशक ने इस पर चुप्पी तोड़ी है।
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सालार
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
निर्देशक प्रशांत नील अपनी आगामी फिल्म 'सालार' को लेकर लगातार सुर्खियों बटोर रहे हैं। दर्शक इस फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म में प्रभास और पृथ्वीराज सुकुमारन अहम किरदारों में नजर आने वाले हैं। क्रिसमस से पहले यह फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। रिलीज से पहले ही फिल्म के हिंसक दृश्यों पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अब निर्देशक ने इस पर चुप्पी तोड़ी है।
फिल्म में हिंसा के महिमामंडन को लेकर छिड़ी बहस
1 दिसंबर को प्रभास की फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से, फिल्म में ऑन-स्क्रीन हिंसा के महिमामंडन को लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोग इस फिल्म को प्रशांत नील की पिछली फिल्म केजीएफ के साथ भी जोड़ कर देख रहे हैं। अब प्रशांत नील ने इसपर अपनी चुप्पी तोड़ी है और सालार के हिंसक दृश्यों की तुलना यूक्रेन-गाजा के युद्ध से की है।
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ऐसे दृश्यों को देते हैं कम महत्व
प्रशांत नील ने अपने हालिया इंटरव्यू में फिल्म के हिंसक दृश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपनी फिल्मों में ऐसे दृश्यों को कम महत्व दे रहे हैं। आगे नील से पूछा कि क्या उन्हें विश्वास है कि लोग फिल्मों में नकारात्मक चित्रण से प्रभावित होकर यह सब कर सकते हैं। नील ने कहा, ''अगर लोग सिनेमा से प्रभावित होते, तो मुझे लगता है कि आपने किसी भी अन्य चीज की तुलना में आज एक अरब से अधिक नायकों को देखा होता।"
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यूक्रेन-गाजा के युद्ध से की फिल्म की तुलना
नील ने आगे कहा, 'आज दुनिया भर में क्या हो रहा है। यह सब वास्तविक है। हमें लगता है कि सिनेमा अतिशयोक्ति है, लेकिन अगर आप देखें कि यूक्रेन और गाजा पट्टी में क्या हो रहा है, तो आप जानते हैं कि हम शायद अपनी फिल्मों में इसे कम दिखा रहे हैं। हकीकत सामने है। हम यह कहने के लिए हिंसा का उपयोग नहीं कर रहे हैं कि यह अच्छा है। हम हमेशा एक नायक को बुरे लोगों को नीचे लाने के लिए हिंसा का उपयोग करते हुए दिखाते हैं। इसमें एक नैतिकता है।'
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फिल्म में हिंसा के महिमामंडन को लेकर छिड़ी बहस
1 दिसंबर को प्रभास की फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से, फिल्म में ऑन-स्क्रीन हिंसा के महिमामंडन को लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोग इस फिल्म को प्रशांत नील की पिछली फिल्म केजीएफ के साथ भी जोड़ कर देख रहे हैं। अब प्रशांत नील ने इसपर अपनी चुप्पी तोड़ी है और सालार के हिंसक दृश्यों की तुलना यूक्रेन-गाजा के युद्ध से की है।
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ऐसे दृश्यों को देते हैं कम महत्व
प्रशांत नील ने अपने हालिया इंटरव्यू में फिल्म के हिंसक दृश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपनी फिल्मों में ऐसे दृश्यों को कम महत्व दे रहे हैं। आगे नील से पूछा कि क्या उन्हें विश्वास है कि लोग फिल्मों में नकारात्मक चित्रण से प्रभावित होकर यह सब कर सकते हैं। नील ने कहा, ''अगर लोग सिनेमा से प्रभावित होते, तो मुझे लगता है कि आपने किसी भी अन्य चीज की तुलना में आज एक अरब से अधिक नायकों को देखा होता।"
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यूक्रेन-गाजा के युद्ध से की फिल्म की तुलना
नील ने आगे कहा, 'आज दुनिया भर में क्या हो रहा है। यह सब वास्तविक है। हमें लगता है कि सिनेमा अतिशयोक्ति है, लेकिन अगर आप देखें कि यूक्रेन और गाजा पट्टी में क्या हो रहा है, तो आप जानते हैं कि हम शायद अपनी फिल्मों में इसे कम दिखा रहे हैं। हकीकत सामने है। हम यह कहने के लिए हिंसा का उपयोग नहीं कर रहे हैं कि यह अच्छा है। हम हमेशा एक नायक को बुरे लोगों को नीचे लाने के लिए हिंसा का उपयोग करते हुए दिखाते हैं। इसमें एक नैतिकता है।'