फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Prasar Bharati Refuses To Stream AMU Founder Sir Syed Ahmed Khan Biopic

AMU founder biopic: प्रसार भारती ने एएमयू फाउंडर की बायोपिक को स्ट्रीम करने से किया इनकार, क्या बताया है कारण?

Fri, 21 Feb 2025 08:17 PM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: पूनम कंडारी Updated Fri, 21 Feb 2025 08:17 PM IST
सार

शिक्षाविद् सर सैयद अहमद खान पर हाल ही में एक बायोपिक फिल्म बनकर तैयार हुई। इसे इंटरनेशनल लेवल पर एक ओटीटी प्लेटफॉर्म ने रिलीज भी किया। लेकिन देश में प्रसार भारती ने अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इस बायोपिक को दिखाए जाने से इंकार कर दिया है। 

विज्ञापन
Prasar Bharati Refuses To Stream AMU Founder Sir Syed Ahmed Khan Biopic
एएमयू विश्वविद्यालय परिसर में फिल्म ‘सर सैयद अहमद खान: द मसीहा’ का अनावरण - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

विस्तार

नेशनल ब्रॉडकास्टर दूरदर्शन ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के संस्थापक सर सैयद अहमद खान (1817-1898) की बायोपिक को अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म वेव्स पर स्ट्रीम करने से इनकार कर दिया है। हालांकि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ओटीटी प्लेटफॉर्म द्वारा रिलीज किया गया है।  

विज्ञापन


टेलीकास्ट ना करने का क्या दिया गया कारण 
हाल ही में एएमयू की कुलपति नईमा खातून ने विश्वविद्यालय परिसर में फिल्म ‘सर सैयद अहमद खान: द मसीहा’ का अनावरण किया गया था। इस फिल्म को डार्क हॉर्स प्रोडक्शंस ने बनाया है। इसी प्रोडक्शन को लिखे गए एक खत में प्रसार भारती के प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव ने कहा है, ‘सर सैयद अहमद खान पर आधारित फिल्म पेश करने का आपका प्रस्ताव प्रसार भारती के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रेवेन्यू शेयरिंग मोड (आरएसएम) के तहत प्रसारण/स्ट्रीम के लिए योग्य नहीं हो सका।’ 
विज्ञापन


निर्माता ने अफसोस जताया 
फिल्म के निर्माता शोएब चौधरी ने प्रसार भारती के इस व्यवहार पर अफसोस जताया। वह बताते हैं कि उन्होंने दूरदर्शन के लिए एक सीरियल्स बनाया था, जो डीडी के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चले वाला शो रहा। लेकिन अब सुधारवादी और शिक्षाविद् सर सैयद अहमद खान पर बनाई गई बायोपिक योग्यता प्राप्त करने में विफल रही है। उन्होंने डीडी पर राजनीतिक तौर पर प्रभावित होने का आरोप लगाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है बायोपिक की कहानी 
सर सैयद की जीवनी ‘हयात-ए-जावेद’ पर आधारित यह फिल्म उनके मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल (एमएओ) कॉलेज की स्थापना के संघर्ष को दर्शाती है। यह कॉलेज 1920 में एएमयू बन गया। मुसलमानों के बीच कैसे सर सैयद ने वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया? उसी प्रयास को यह बायोपिक दिखाती है। ऐसा माना जाता है कि बायोपिक कई गलतफहमियों को दूर कर सकती है। नई पीढ़ी को एजुकेशन, तरक्की का रास्ता दिखा सकती है, उन्हें इंस्पायर कर सकती है। सर सैयद बहुत ही खोली सोच के व्यक्ति थे। एक बार उन्होंने कहा था- ‘हिंदू और मुस्लिम दुल्हन रूपी भारत देश की दो आंखे हैं।'  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed