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Payal Kapadia: कान में भारत के लिए यादगार पल, पायल कपाड़िया की 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' को मिला स्टैंडिंग ओवेशन

Sat, 25 May 2024 04:27 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Sat, 25 May 2024 04:27 PM IST
सार

'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' एक मलयालम-हिंदी भाषा की फिल्म है। यह दो युवा महिलाओं, प्रभा और अनु के जीवन की कहानी है और उनके जीवन की जटिलताओं को दिखाती है।

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Payal Kapadia film All We Imagine As Light receives 8 minute standing ovation at its world premiere in Cannes
'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' की टीम - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पायल कपाड़िया की 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' को कान फिल्म फेस्टिवल में स्टैंडिंग ओवेशन मिला है। कान में इस फिल्म को आठ मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला। यह भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक पल बन गया। लेट नाइट स्लॉट में फिल्म की स्क्रीनिंग हुई। यह न सिर्फ पायल कपाड़िया की निजी जीत है, बल्कि भारतीय फिल्म निर्माण में एक यादगार पल भी है। तीस वर्षों में यह पहला मौका है, जब कोई भारतीय फिल्म कान में प्रतिष्ठित अवॉर्ड की प्रतिस्पर्धा में शामिल हुई।

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मुंबई में 25 दिनों तक हुई शूटिंग
इसमें पायल कपाड़िया की फिल्म 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' पाम डिओर पुरस्कार (गोल्डन पाम अवॉर्ड) की प्रतिस्पर्धा में शामिल हुई। पायल कपाड़िया पहली भारतीय महिला फिल्म निर्माता हैं, जिनकी फिल्म को यह सम्मान मिला है। पायल कपाड़िया की यह पहली फिक्शन फीचर फिल्म है। इसकी शूटिंग मुंबई की तपती गर्मी में लगातार 25 दिनों तक की गई थी। इसके अलावा 25 दिन फिल्म की शूटिंग रत्नागिरी में हुई।
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दो महिलाओं की जिंदगी पर बनी फिल्म
'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' एक मलयालम-हिंदी भाषा की फिल्म है। यह दो युवा महिलाओं, प्रभा और अनु के जीवन की कहानी है और उनके जीवन की जटिलताओं को दिखाती है। प्रभा मुंबई की एक मेहनती नर्स है, जो अपने अलग हो चुके पति से अचानक मिले गिफ्ट से अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कठिनाईयां महसूस करती है। वहीं, उसकी रूममेट अनु अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए हलचल भरे शहर में निजता ढूंढने के लिए संघर्ष से गुजरती है।
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पायल कपाड़िया ने जताई उम्मीद
पायल कपाड़िया को उनकी डॉक्यूमेंट्री 'ए नाइट ऑफ नोइंग नथिंग' के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिला। साल 2021 में कान फिल्म फेस्टिवल में पायल को इस डॉक्यूमेंट्री के लिए ओइल डी'ओर (गोल्डन आई) अवॉर्ड मिला था।  पायल कपाड़िया ने कान में अपनी फिल्म को मिले स्टैंडिंग ओवेशन पर कहा है, 'भारत एक ऐसा देश है, जहां बहुत सारी अच्छी फिल्में बनती हैं। न केवल बॉलीवुड, बल्कि हर राज्य की अपनी इंडस्ट्री है और वहां शानदार फिल्म निर्माता हैं। मुझे उम्मीद है कि इसके बाद हमें 30 साल और इंतजार नहीं करना पड़ेगा'। बता दें आज 25 मई को कान फिल्म फेस्टिवल का समापन है।
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