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Hindi News ›   Entertainment ›   NCPCR chief Priyank Kanoongo calls for more taxes on tobacco products OTT films displaying their use news and updates

Tobacco Products: तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल दिखाने वाली फिल्मों-ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर लगे ज्यादा टैक्स, NCPCR प्रमुख की मांग

Sun, 16 Jan 2022 06:37 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sun, 16 Jan 2022 06:37 PM IST
सार

एनसीपीसीआर प्रमुख ने कहा कि तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने से न सिर्फ यह लोगों की पहुंच से दूर होंगे, बल्कि इनका इस्तेमाल दिखाने वाली फिल्मों और ओटीटी पर भी टैक्स लगाने से सरकार को ज्यादा राजस्व मिलेगा।

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NCPCR chief Priyank Kanoongo calls for more taxes on tobacco products OTT films displaying their use news and updates
तंबाकू उत्पादों और इनका इस्तेमाल दिखाने वाली फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर टैक्स लगाने की मांग। - फोटो : Social Media

विस्तार

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने तंबाकू उत्पादों और इनके इस्तेमाल को दिखाने वाली फिल्मों और ओटीटी कार्यक्रमों पर ज्यादा टैक्स लगाने की मांग की है। आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने कहा है कि तंबाकू उत्पादों के आसानी से मिल जाना काफी हानिकारक है, खासकर युवाओं के लिए। ऐसे में तंबाकू उत्पादों और इनका इस्तेमाल दिखाने वाले मीडिया पर भी अतिरिक्त टैक्स लगाना चाहिए। 
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कानूनगो ने कहा कि तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने से न सिर्फ यह लोगों की पहुंच से दूर होंगे, बल्कि इनका इस्तेमाल दिखाने वाली फिल्मों और ओटीटी पर भी टैक्स लगाने से सरकार को ज्यादा राजस्व मिलेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार इस राजस्व का इस्तेमाल तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के इलाज और पुनर्वास में खर्च कर सकती है। 
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एनसीपीसीआर के अध्यक्ष ने कहा कि 12 से 18 जनवरी तक हुए राष्ट्रीय युवा सप्ताह पर कई विशेषज्ञों ने भारत को तंबाकू मुक्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "ज्यादा टैक्स लगाने से तंबाकू के प्रयोग को बढ़ाचढ़ाकर और महिमामंडित करके दिखाने वाली  मीडिया पर लगाम कसी जा सकेगी।" उन्होंने बताया कि एनसीपीसीआर ने सरकार से तंबाकू उत्पादों पर वसूले गए टैक्स को पूरी तरह इन्हें रोकने और लोगों के पुनर्वास पर खर्च करने की मांग रखी है। 
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गौरतलब है कि मौजूदा समय में भारत के 13 लाख से अधिक नागरिक हर साल तंबाकू और परोक्ष धूम्रपान के कारण जान गंवा बैठते हैं।  दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के रुमेटोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉक्टर उमा कुमार ने कहा, ‘‘तंबाकू का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ रही है और यह जानकारी बहुत ही डरावनी है कि ऐसे लोगों की कुल संख्या में 13 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों का आंकड़ा 8.5 प्रतिशत हैं।’’


उन्होंने युवाओं को इस खतरे से बचाने के लिए विभिन्न नीतिगत उपायों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तंबाकू का लंबे समय तक सेवन खतरनाक है और कार्डियो-वैस्कुलर समस्याओं, तंत्रिका संबंधी विकारों, स्ट्रोक, प्रतिरक्षा में कमी, बार-बार होने वाले संक्रमण, सांस की बीमारियों और ऑटो-इम्यून स्थितियों का एक ज्ञात कारण है।
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