फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Mumbai Actors Crisis Actors not getting salary on time now they are not getting work too

Mumbai Actors Crisis: मुंबई के सहायक कलाकारों पर दोहरी आफत, भुगतान के दिन 90, अब कास्टिंग भी होने लगी लोकल

Thu, 27 Mar 2025 02:20 PM IST
सिराजुद्दीन अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: सिराजुद्दीन Updated Thu, 27 Mar 2025 02:20 PM IST
सार

Mumbai Actors Crisis: जयशंकर त्रिपाठी का कहना है कि सहकलाकारों को पहले ही तीन महीने बाद वेतन मिलता था, लेकिन अब हर इलाके में सहकलाकारों को ढूंढ लिया जाता है। ऐसे में सहकलाकारों को काम मिलने में भी दिक्कत हो रही है।

विज्ञापन
Mumbai Actors Crisis Actors not getting salary on time now they are not getting work too
जयशंकर त्रिपाठी उपासना सिंह - फोटो : फोटो- अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

प्रयागराज के रहने वाले जयशंकर त्रिपाठी के नाम इतनी विज्ञापन फिल्में हैं कि गिनने बैठें तो सुबह से शाम हो जाए। फिल्म और टेलीविजन के वह नामचीन कलाकार हैं लेकिन इन दिनों मुंबई फिल्म और टीवी जगत के बदलते माहौल से परेशान हैं। जयशंकर जैसे अनगिनत अभिनेता टीवी इंडस्ट्री में काम पूरा होने के 90 दिन बाद होने वाले भुगतान से तो परेशान रहते ही हैं, दूसरी बड़ी परेशानी इन कलाकारों की ये है कि निर्माताओं ने अब फिल्मों के लिए इन्हें आउटडोर लोकेशन पर ले जाना बंद कर दिया है। कास्टिंग डायरेक्टर अब निर्माताओं को वहीं के कलाकार सस्ते दाम पर उपलब्ध कराना शुरू कर चुके हैं।

विज्ञापन

Mumbai Actors Crisis Actors not getting salary on time now they are not getting work too
मुकेश छाबड़ा - फोटो : फोटो- अमर उजाला ब्यूरो

हिंदी सिनेमा के दिग्गज कास्टिंग डायरेक्टर्स में शुमार मुकेश छाबड़ा ने देश के तकरीबन सारे हिंदी भाषी राज्यों के बड़े शहरों में अपनी शाखाएं खोल दी हैं। उनकी टीम वहां जाकर इन शहरों के कलाकारों की सूची बनाती है। फिर मुकेश छाबड़ा खुद जाकर इन कलाकारों को अभिनय की टिप्स देते हैं। ऐसी वर्कशॉप उनके नाम पर यहां मुंबई में भी खूब होती हैं। कुछ में वह खुद अभिनय पढ़ाते हैं। कुछ में रंगमंच के उस्ताद अभिनय पढ़ाने आते हैं। मुकेश खुद कहते हैं, "अभिनय के लिए अब मुंबई ही इकलौता ठिकाना नहीं है। फिल्में अब जहां-जहां शूट होने जा रही हैं, हम वहीं के कलाकार चुनने शुरू कर चुके हैं।"
Salman Khan: गैलेक्सी हमले पर पहली बार बोले सलमान; कहा- जितनी उम्र लिखी है, उतनी तो रहेगी ही; परेशानी भी बताई

विज्ञापन
विज्ञापन

Mumbai Actors Crisis Actors not getting salary on time now they are not getting work too
जयशंकर त्रिपाठी - फोटो : फोटो- अमर उजाला ब्यूरो

जहां शूटिंग, वहीं के कलाकार, की ये नई समस्या जयशंकर त्रिपाठी जैसे कलाकार रोज भुगत रहे हैं। जयशंकर कहते हैं, “हमारे जैसे लाखों कलाकारों ने अपना पूरा जीवन मुंबई में अपनी गृहस्थी सजाने में खर्च कर दिया। अब जाकर हालात कुछ ऐसे बने हैं कि हम अपने बच्चों की अच्छी पढ़ाई और अच्छी शादी की बात सोच सकते हैं कि अब फिल्म निर्माता हमें बाहर शूटिंग पर ले ही नहीं जाते। उन्हें वहीं के कलाकार ढूंढ कर दिए जा रहे हैं। इनके न आने-जाने के किराये पर खर्च होता है और न वहां रहने पर। खाना भी ये घर से ही खाकर आ जाते हैं।”
Shabana Azmi: जावेद-कंगना के कानूनी मामले पर शबाना आजमी का बड़ा खुलासा, कहा- ‘ये आपसी समझौता नहीं था, वो…’

विज्ञापन

Mumbai Actors Crisis Actors not getting salary on time now they are not getting work too
अमिताभ उपासना - फोटो : फोटो- अमर उजाला ब्यूरो

हिंदी फिल्म व टीवी कलाकारों की सबसे बड़ी संस्था सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (सिन्टा) की महासचिव अभिनेत्री उपासना सिंह को भी इस समस्या की जानकारी है। वह बताती हैं, “सहायक कलाकारों को महीना पूरा होने के हफ्ते भर के भीतर ही भुगतान हो जाए इसके लिए हम लगातार प्रयासरत हैं। बीते साल महाराष्ट्र सरकार ने इस बारे में एक संकल्प पत्र जारी किया था लेकिन उसमें कामगारों के महीना खत्म होने के हफ्ते भर भीतर भुगतान की बात कही गई है। कलाकारों के भुगतान का इसमें जिक्र ही नहीं है। हम जल्द ही इसे लेकर निर्माताओं की संस्थाओं से संवाद शुरू करने की कोशिश करने जा रहे हैं। कलाकारों को वैसे ही काम कम मिलता है और जिन्हें मिलता है, उनको पैसा समय से न मिलने से बहुत दिक्कतें हो रही हैं।”

Mumbai Actors Crisis Actors not getting salary on time now they are not getting work too
जयशंकर त्रिपाठी - फोटो : फोटो- अमर उजाला

जिस संकल्प पत्र की उपासना सिंह बात कर रही हैं, उसे फिल्म और टीवी निर्देशकों की संस्था इफ्टडा ने बुधवार को एक बार फिर अपने सारे सदस्यों के बीच वितरित किया है। इस संकल्प पत्र में साफ लिखा है कि मानदेय (ऑनरेरियम) पर काम करने वाले सभी लोगों का भुगतान महीने खत्म होने के अगले सात दिन के सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निर्माता की होगी। इसी संकल्प पत्र में ये भी साफ किया गया है कि महाराष्ट्र राज्य में किसी फिल्म या टीवी सीरियल में काम करने के लिए किसी तरह की किसी यूनियन के परिचय पत्र या सदस्यता की आवश्यकता नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed