वेलकम 2 कराची समीक्षा: गर्मी से ऊब रहे हैं तो देख आइए
वेलकम 2 कराची *1/2
निर्माताः वाशु भगनानी
निर्देशकः आशीष आर.मोहन
सितारेः अरशद वारसी, जैकी भगनानी, लॉरेन गॉटलिब
फिल्मी कहानियां केवल स्मार्ट और समझदार लोगों की नहीं होती। सिनेमा मूर्ख और मंदबुद्धी नायकों को भी विजय पताका थामे सामने लाता है। इसके लिए कड़े परिश्रम की जरूरत होती है। निर्देशक आशीष आर.मोहन की वेलकम 2 कराची में यह दुस्साहस तो दिखता है, परंतु प्रभावित नहीं करता।
मुश्किल यह है कि नायकों के साथ निर्देशक भी बुद्धिहीनता की खाई में गिरते चले जाते हैं। कुछेक दृश्य जरूर पसलियों में हरकत पैदा करते हैं, मगर ज्यादातर फिल्म सिर पर भारी पड़ती है।
वेलकम 2 कराची की विषयवस्तु रोचक है
वेलकम 2 कराची की विषयवस्तु रोचक है। नौसेना से निकाल दिया गया शम्मी (अरशद वारसी) और उसका मंदबुद्धि दोस्त कादर (जैकी भगनानी) गुजरात के तट से नाव लेकर समुद्र में निकलते हैं। भारी तूफान में नौका रास्ता भटक कर डूब जाती है। दोनों किसी तरह किनारे लगते हैं।
पता चलता है कि दोनों पड़ोसी पाकिस्तान के बंदरगाह शहर कराची जा पहुंचे हैं। आतंकवाद की मार के बीच घटनाएं आगे बढ़ती है और होते-होते दोनों तालिबान के कैंप तक जा पहुंचते हैं। यहां पर कहानी में अमेरिका भी आता है।
घर वापसी और अपनी असली पहचान के लिए संघर्ष कर रहे शम्मी और कादर कुछ ऐसा कर गुजरते हैं कि उन्हें पाकिस्तान अपना हीरो मान लेता है। क्या दोनों भारत लौट सकेंगे?
लॉरेन गॉटलिब सबसे ज्यादा निराश करती हैं
लंबे दृश्यों, बनावटी संवादों और थकी चाल के कारण फिल्म कभी असली रंग में नहीं आ पाती। जिस फिल्म की ताकत कहानी और संवाद होने चाहिए, वह ऐक्टरों की कॉमिक टाइमिंग पर टिक जाती है। भटके हुए सफर में कोई कहीं नहीं पहुंचता।
अरशद और जैकी ने निश्चित रूप से मेहनत की है, मगर उन पर तरस ही आता है। जैकी ने उम्मीद से बेहतर काम किया है और भविष्य में वह संभवतः तुषार कपूर की तरह कॉमेडी के सहारे ही आगे बढ़ सकेंगे। इस लिहाज से उनके फिल्म निर्माता पिता के लिए यह पैसा वसूल फिल्म हो सकती है।
नायिका लॉरेन गॉटलिब सबसे ज्यादा निराश करती हैं। अपने गलत स्क्रिप्ट चुनने का जिम्मा उन्हीं का है। गीत-संगीत-नृत्य अर्थहीन है। सिनेमैटोग्राफी जरूर कुछ खूबसूरत दृश्य पर्दे पर लाती है। वास्तव में यह फिल्म लेखकों और निर्देशक की साझा विफलता है। गर्मी के लंबे दिनों में अगर आप अपनी ऊब से भी ऊब चुके हैं तो जरूर सिनेमाघर में जाइए।