फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Movie Reviews ›   Shehar Lakhot Review in Hindi by Pankaj Shukla Amazon Prime Navdeep Singh Priyanshu Chandan Kubbra Manu

Shehar Lakhot Review: दो-दो चंदनों के बाद भी नहीं महका ‘शहर लखोट’, भानुमती के कुनबे सरीखी नवदीप की वेब सीरीज

Fri, 01 Dec 2023 12:16 AM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Fri, 01 Dec 2023 12:16 AM IST
विज्ञापन
Shehar Lakhot Review in Hindi by Pankaj Shukla Amazon Prime Navdeep Singh Priyanshu Chandan Kubbra Manu
शहर लखोट रिव्यू - फोटो : अमर उजाला
Movie Review
शहर लखोट
कलाकार
प्रियांशु पैन्यूली , चंदन रॉय सान्याल , चंदन रॉय , कुब्रा सैत , श्रुति मेनन , आशीष थपलियाल और मनु ऋषि चड्ढा आदि
लेखक
नवदीप सिंह और देविका भगत
निर्देशक
नवदीप सिंह
निर्माता
नवदीप सिंह और खलिल बचूअली
रिलीज
30 नवंबर 2023
ओटीटी
अमेजन प्राइम वीडियो
रेटिंग
2/5
ओटीटी पर पूरे देश के गांव, देहात, कस्बों और शहरों की इतनी अपराध कथाएं बीते पांच साल में दिखाई जा चुकी हैं कि अब दर्शक किसी भी सीरीज का बस पहला एपिसोड देखकर बता सकते हैं कि सीरीज में आगे क्या होने वाला है? मामला ओटीटी पर कहानियां मंजूर करने वालों को भी धीरे धीरे समझ आ रहा है। एक तरह से नई वेब सीरीज ‘शहर लखोट’ अमेजन प्राइम वीडियो की वो परखी है जिसके जरिये वह दर्शकों की इन दिनों की पसंद जानना चाहते हैं। अपराध कथाओं से दूर भाग रहे दर्शकों के इसी नए चलन ने ही अब तक ‘मिर्जापुर’ का नया सीजन रोक रखा है। वेब सीरीज ‘शहर लखोट’ भी अमेजन प्राइम वीडियो की सीरीज ‘मिर्जापुर’ वाले फरमे की ही तरह है। यहां भी वह सब है जो ‘मनोहर कहानियां’ पत्रिका को देश की नंबर वन पत्रिका किसी दौर में बना चुके हैं, लेकिन अपराध कथाओं के साथ सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि ये हर बार एक नया स्वाद मांगती हैं और ‘शहर लखोट’ में बस वही नहीं है।
विज्ञापन

 

Shehar Lakhot Review in Hindi by Pankaj Shukla Amazon Prime Navdeep Singh Priyanshu Chandan Kubbra Manu
शहर लखोट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
कहानी में ही मार खा गई सीरीज

कोई 16 साल पहले अपनी पहली ही फिल्म ‘मनोरमा सिक्स फिट अंडर’ से फिल्म जगत का ध्यान अपनी तरफ खींचने वाले निर्देशक नवदीप सिंह अपनी पिछली फिल्म ‘लाल कप्तान’ के बाद से हाशिये पर रहे हैं। बीच में ‘पाताल लोक’ में उनका नाम स्क्रीन पर चमका था, लेकिन गाड़ी उनकी अब भी ‘एनएच 10’ पर ही अटकी है। वेब सीरीज ‘शहर लखोट’ नवदीप ने देविका भगत के साथ लिखी है और इसमें ऐसा कुछ नहीं है जो आप पहले देख नहीं चुके हैं। इस अपराध कथा का आधार खनन है। संगमरमर की खदानों के आसपास कुछ आदिवासी धरना देकर बैठे हैं, उसके नेता को तोड़ने (जरूरत पड़े तो फोड़ने भी) गुरुग्राम से एक शातिर को भेजा जाता है। उसका अपना अतीत शहर लखोट में कहीं दबा है। भाई से उसकी बनती नहीं है। पुश्तैनी विरासत की ऐंठ में हर बात आधी अंग्रेजी और आधी हिंदी में करने वाले एक ‘हुकुम’ भी कहानी में हैं। अब लोग ‘हुकुम’ कहकर बुलाते हैं तो जाहिर है कि पुलिस को वह गरियाएंगे। दैहिक संबंधों की बगिया खिलाएंगे। और, वह सब करेंगे जिसकी झलक वेब सीरीज ‘आर्या’ में इला अरुण और उनका गिरोह पहले ही दिखा चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Shehar Lakhot Review in Hindi by Pankaj Shukla Amazon Prime Navdeep Singh Priyanshu Chandan Kubbra Manu
शहर लखोट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जरूरत से ज्यादा लंबी पटकथा

कहानी के नाम पर फीकी साबित हुई वेब सीरीज ‘शहर लखोट’ की दूसरी बड़ी दिक्कत इसकी पटकथा में है। आठ एपिसोड की ये सीरीज देखना अपने आप में चुनौती है। सारे एपिसोड एक साथ प्राइम वीडियो ने रिलीज कर दिए हैं और हर एक एपिसोड औसतन 50 मिनट के आसपास का है। इस सीरीज की पटकथा इतनी फैली हुई भी नहीं है कि हर एपिसोड में नए किरदार नमूदार होने के साथ इसका रायता फैलता जाए, लेकिन कहानी जमा जमाकर आगे बढ़ाने के चक्कर में नवदीप ने इसकी रफ्तार बहुत घटा दी है। जब सारे किरदार पहले ही एपिसोड में अपने पत्ते खोल चुके हैं तो फिर उसके बाद तुरुप के पत्ते बचाने के लिए नवदीप पुरानी गुलाटियां मारते तो हैं, लेकिन एक बार चूक जाने के बाद भी लौटकर पुरानी डाली पर लौट नहीं पाते। देविका भगत का साथ मिलने से उम्मीद यही थी कि सीरीज के महिला किरदारों का एक नया रुआब सीरीज में नजर आएगा। लेकिन, ‘दहाड़’ और ‘आर्या’ के बीच पेंडुलम सी डोलती इस कहानी में कभी ‘गन्स और गुलाब्स’ की महक आती है तो कभी सुनाई देती हैं ‘मिर्जापुर’ जैसी मुक्तहस्त गालियां।

Animal Review: आलिया भट्ट ने किया रणबीर कपूर की फिल्म 'एनिमल' का पहला रिव्यू, चर्चा में प्रतिक्रिया

विज्ञापन

Shehar Lakhot Review in Hindi by Pankaj Shukla Amazon Prime Navdeep Singh Priyanshu Chandan Kubbra Manu
शहर लखोट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
प्रियांशु और चंदन ने बचाई इज्जत

अभिनय के मामले में प्रियांशु पैन्यूली और चंदन रॉय को छोड़कर दूसरा कोई कलाकार प्रभावित नहीं करता है। प्रियांशु का देव का किरदार परतदार है। वह बीच बीच में अपने अतीत के सुर्रे छोड़ता रहता तो है लेकिन इसकी अतीत खुलने में कहानी इतनी सुस्त हो जाती है कि जब तक हादसे में मौत नहीं हो जाती है, कहानी में कहीं कोई चौंकाने वाला खुलासा होता नहीं है। प्रियांशु का लगातार गांजा पीते रहना भी उनके किरदार को कमजोर ही करता है हालांकि अपनी भाव भंगिमाओं से वह मामला संभाल लेते हैं। चंदन रॉय को ‘पंचायत’ सीरीज के बाद अपना अलग हुनर दिखाने का ये बढ़िया मौका मिला और इसे उन्होंने दोनों हाथों से भुनाया भी है। लेकिन, चंदन रॉय सान्याल के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता। एक तो उनकी कद काठी रजवाड़ों के नवयुवकों जैसी कतई नहीं है। दूसरे उनके किरदार को स्याह बनाने के चक्कर में उसके ऐब इतने ज्यादा हो जाते हैं कि लगता है अति हो गई।

Naga Chaitanya: 'रोमांटिक जोन से बाहर भी फिट हो सकता हूं', 'धूथा' के किरदार से यह साबित करना चाहते हैं नागा

Shehar Lakhot Review in Hindi by Pankaj Shukla Amazon Prime Navdeep Singh Priyanshu Chandan Kubbra Manu
शहर लखोट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
तकनीकी रूप से बेहद औसत सीरीज

वेब सीरीज ‘शहर लखोट’ के महिला किरदार भी बिना गुर्दा वाले हैं। कुब्रा सैत की तो कास्टिंग ही गलत है। उनके किरदार के लिए जो रुआब चेहरे पर चाहिए था, वह नजर नहीं आता। मनु ऋषि चड्ढा जरूर अपने किरदार में अलग अलग रंग लाने की कोशिश करते हैं लेकिन पहली बार परदे पर दिखने के बाद जो कुत्ता घसीटने का काम उन्होंने किया है, वह उनके किरदार को आगे दो टांगों पर खड़ा नहीं होने देता। श्रुति मेनन का काम सीरीज की कहानी में वह सब परोसना है, जो इतनी बार वेब सीरीज के दर्शक चख चुके हैं कि अब इस स्वाद में मजा नहीं रहा। सीरीज तकनीकी रूप से भी कुछ खास नहीं है। बैकग्राउंड म्यूजिक, सिनेमैटोग्राफी औसत है और संपादन लचर। अगर आपको अपने जीवन के आठ कीमती घंटे बचाने हैं तो इस सीरीज को देखने से पहले दो बार सोचें जरूर।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Entertainment News से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट Hollywood News और Movie Reviews आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed