फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Movie Review ›   film review Singh is Bliing

सिंह इज ब्लिंग समीक्षा: दिमाग की बत्ती बुझा देगी ये फिल्म

Fri, 02 Oct 2015 01:28 PM IST
Updated Fri, 02 Oct 2015 01:28 PM IST
विज्ञापन
film review Singh is Bliing

-निर्माताः अश्विनी यर्दी

विज्ञापन

-निर्देशकः प्रभुदेवा
-सितारेः अक्षय कुमार, एमी जैक्सन, केके मेनन, लारा दत्ता, योगराज सिंह, रति अग्निहोत्री
रेटिंग *1/2

आलसी, नाकाबिक और निकम्मे बेटों को काबिल, समझदार और पैरों पर खड़ा करने के लिए शादी का फार्मूला सदियों से भारतीय समाज में इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह मान कर चला जाता है कि शादी हो जाएगी तो बेटा समझदार/जिम्मेदार बन जाएगा।

रफ्तार सिंह (अक्षय कुमार) का पिता (योगराज सिंह) बेटे को पैरों पर खड़ा करने के लिए उसके सामने विकल्प रखता है कि या तो उनके दोस्त के पास गोवा जाकर काम-धाम करे या फिर गांव की मोटी लड़की स्वीटी के साथ शादी कर ले। रफ्तार का कहना है कि कि स्वीटी कुश्ती लड़ने की चीज है, शादी करने की नहीं।
विज्ञापन


आपको आश्चर्य होगा कि फिल्म की रिलीज से पहले अक्षय और उनकी टीम जोर-शोर से प्रचार कर रही थी कि सिंह इज ब्लिंग लोगों को महिलाओं का सम्मान करना और महिलाओं को सशक्त बनाने के पाठ पढ़ाएगी!
विज्ञापन
विज्ञापन

गंवई हीरो और तेज-तर्रार गोरी मेम हीरोइन की कहानी

film review Singh is Bliing

निर्देशक प्रभुदेवा की यह फिल्म पूरी तरह से अक्षय और उनकी कॉमिक टाइमिंग पर निर्भर है। सरदार के रूप में गंवई बने अक्षय ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश भी की है कि लोग हंसें। लेकिन कई जगहों पर उनकी बातें हंसाने से ज्यादा हास्यास्पद मालूम पड़ती हैं।

लारा दत्ता अपनी कमबैक फिल्म में कमर से नीचे की कॉमेडी बातों के लिए क्यों राजी हुईं यह वही बता सकती हैं। केके मेनन बार बार खुद को ‘टू गुड’ कहते हैं, मगर यह सच नहीं है। ऐमी जैक्सन सिर्फ अपने सौंदर्य के लिए हैं।

प्रभु देवा पर्दे पर केवल लघुशंका निवारण के लिए दिखते हैं... सोचिए इसमें कॉमेडी क्या है!! ऐक्शन जैक्सन के बाद प्रभु देवा ने निर्देशक के रूप में एक और खराब फिल्म दी है। कहानी के नाम पर यहां ऐसा कुछ है भी नहीं, जिसके बारे में कहा जाए कि यह नया है। गंवई हीरो। तेज-तर्रार गोरी मेम हीरोइन।

तब सिंह इज किंग याद आती है

film review Singh is Bliing

दोनों एक-दूसरे की भाषा नहीं समझते। ऐसे में एमिली (लारा दत्ता) की एंट्री होती है जो दोनों के बीच अनुवादक का काम करती है। इन सबके बीच एक विलेन (केके मेनन), जो हीरोइन के हाथों अपमानित होने के बावजूद उस पर फिदा है। मगर अपमान का बदला लेना चाहता है।

अगर आपने थोड़ी भी बॉलीवुड फिल्में देखी हैं तो आसानी से इस प्लॉट को पूरे सिनेमा में तब्दील कर सकते हैं। रफ्तार सिंह के रोमानिया जाते ही आपको अक्षय की सिंह इज किंग याद आती है और आप पाते हैं कि यह फिल्म काफी हद तक उससे प्रभावित है।

फिल्म में पंजाब के साथ गोवा और रोमानिया के लोकेशन हैं, जिन्हें खूबसूरती से शूट किया गया है। सिंह इज ब्लिंग में सिर्फ उन्हीं दर्शकों को कुछ चमक दिख सकती है जो अक्षय की फिल्मों पर आंख मूंद कर भरोसा करते हैं।

पचास के करीब पहुंच रहे अक्षय की रफ्तार जरूर चकित और प्रभावित करती है। फिल्म तब भी देखी जा सकती है जब आप दिमाग के सारे बटन बंद रखें। अगर आप थोड़ा भी सचेत होकर फिल्म देखेंगे तो फ्यूज उड़ जाएगा और दिमाग की बत्ती गुल हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Entertainment News से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट Hollywood News और Movie Reviews आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed