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शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी

Wed, 26 Sep 2012 12:42 PM IST
अनुराधा गोयल
अनुराधा गोयल Updated Wed, 26 Sep 2012 12:42 PM IST
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film review Shirin Farhad Ki Toh Nikal Padi

हैलो फ्रैंड्स! आजकल फिल्मों में कॉमेडी के नाम पर बहुत कुछ उल्टा-पुल्टा भी परोसा जा रहा है- लेकिन हम जिस फिल्म की चर्चा करने जा रहे हैं, वह एक हेल्दी कॉमेडी फिल्म है। इसका नाम भी बेहद गुदगुदाने वाला है। फिल्म है, निर्देशक से एक्टर बनी फराह खान और बोमन ईरानी अभिनीत'शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी'।

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कहानी
इसकी कहानी फरहान पास्तकिया (बोमन ईरानी) और शिरीन फागुवाला (फराह खान) के इर्द-गिर्द धूमती है। फरहान 45 साल का हो चुका है और बतौर लिंगरी सेल्समैन होने के कारण कोई लड़की उससे शादी करने को तैयार नहीं, इससे उसके घरवाले बेहद परेशान है। वहीं शिरीन की उम्र भी इतनी ही है लेकिन घर की जिम्मेदारियों के कारण शिरीन की शादी भी नहीं हुई है। लेकिन कहानी में मोड़ उस वक्त आता है जब शिरीन और फरहाद का मिलन होता है। दोनों जाने-अनजाने एक-दूसरे के पहले से ही जान-पहचान वाले निकलते हैं। कहानी में कई ऐसे ट्विस्ट आते हैं जो आपको कभी बहुत हंसाएंगे तो कभी इमोशनल कर देंगे।
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अभिनय
बोमन ईरानी ने फरहाद के किरदार में जान डाल दी है। एक लवर के रूप में बोमन बहुत क्यूट लगे हैं वहीं फरहा को देखकर लगता है कि उन्होंने अपने एक्टिंग टिप्स को इस फिल्म में बखूबी इस्तेमाल किया है। फिल्म में शिरीन-फरहाद की जोड़ी बहुत अच्छी लग रही हैं। फरहाद की मां डेजी ईरानी ने भी दमदार भूमिका निभाई है।
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निर्देशन
फिल्म के तार आपस में एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसा नहीं है कि फिल्म की कहानी एकदम नई है। बेशक, कहानी पुरानी है लेकिन इसके किरदारों की उम्र अलग है। फिल्म एक खास सोसाइटी की हकीकत तो बयां करती ही है, वहीं कहानी और ह्यूमर के उतार-चढ़ाव से मनोरंजन का संतुलन भी बना रहता है। यही फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है। बेला सहगल ने बोमन ईरानी और फरहा खान से अच्छा काम लिया है। दोनों की केमिस्ट्री बहुत अच्छी और इनोसेंट है।

संगीत
फिल्म का गीत-संगीत बिना वजह नहीं है बल्कि सिचुएशनल है। 'रंभा में संभा' गीत में तो बकायदा शाहरूख और काजोल के कुछ सींस को शिरीन-फरहाद के जरिए फिल्माया गया है। जो कि हंसाता भी है। श्रेया घोषाल का गाया गीत 'खट्टी मिट्टी स्ट्रॉबरी सी' सुनने में अच्छा लगता है। फिल्म का टाइटल सॉन्ग भी लोगों की जुबां पर है। 'काफिर अंधेरे' गीत भी बेहद दमदार है।

क्यों देखें
बहुत समय से अगर एक अच्छी हल्की-फुल्की हेल्दी कॉमेडी फिल्म देखना चाह रहे हों तो यह फिल्म आपके लिए है। एक्शन और एडल्ट कॉमेडीज के बाद एक रोमाटिंक कॉमेडी देखने का मन है तो भी ये फिल्म आपके लिए है। यदि आप सोशल इश्यूज पसंद करते हैं तो इस फिल्म में हंसी-मजाक के बीच कुछ मुद्दों को गंभीरता से उठाया गया है। जैसे बड़ी उम्र में शादी की दिक्कतें आना। जिम्मेदारियों के कारण सही उम्र में शादी ना होना इत्यादि।

क्यों न देखें
फिल्म एक खास वर्ग के लिए है। खासतौर पर वो वर्ग जिसकी 40 पार करने के बाद भी शादी नहीं हुई है। अगर आप इस तरह की डिफरेंट लव स्टोरी देखने के मूड में नहीं हैं तो यह फिल्म आपके लिए नहीं है।


एक्स्ट्रा शॉट्स
  • खबरों के मुताबिक, इस फिल्म के रिलीज से पहले ही इसका दूसरा पार्ट आने की तैयारी में है।
  • 47 वर्ष की फरहा खान ने इस फिल्म के जरिए निर्देशक से एक्टिंग की लाइन में डेब्यू किया है।
  • फरहा खान ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि उनसे सभी हीरोइनों को डरना चाहिए।
  • फरहा खान का मानना है कि एक्टिंग से ज्यादा आसान है निर्देशन, इसीलिए वह पार्ट 2 को छोड़कर निर्देशक के रोल में बने रहना ही पसंद करेंगी।
  • बड़े कलाकारों के साथ सेकेंड लीड में काम करने के बाद पहली बार बोमन ईरानी किसी फिल्म में मेन लीड रोल निभाते नज़र आए।
  • निर्देशक बेला सहगल की यह पहली फिल्म है।

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