{"_id":"66053155314a733c700fbd5f","slug":"most-popular-violin-icon-dr-l-subramaniam-received-the-sur-jyotsna-national-music-legends-award-know-details-2024-03-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"L. Subramaniam: एल सुब्रमण्यम को मिला सुर ज्योत्सना म्यूजिक लीजेंड्स अवॉर्ड, वायलिन आइकन के नाम से हैं मशहूर","category":{"title":"Entertainment","title_hn":"मनोरंजन","slug":"entertainment"}}
L. Subramaniam: एल सुब्रमण्यम को मिला सुर ज्योत्सना म्यूजिक लीजेंड्स अवॉर्ड, वायलिन आइकन के नाम से हैं मशहूर
Thu, 28 Mar 2024 02:29 PM IST
शुभम शर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: शुभम शर्मा
Updated Thu, 28 Mar 2024 02:29 PM IST
सार
23 मार्च 2024 को नागपुर में डॉ. एल. सुब्रमण्यम को सुर ज्योत्सना नेशनल म्यूजिक लीजेंड्स दिया गया। यह इस पुरस्कार का 11वां संस्करण है, जिसमें बीते साल ही लीजेंड्स श्रेणी की शुरुआत की गई है।
विज्ञापन
एल सुब्रमण्यम
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
वायलिन आइकन के नाम से दुनियाभर में मशहूर डॉ. एल. सुब्रमण्यम को सम्मानित किया गया है। उन्हें सुर ज्योत्सना नेशनल म्यूजिक लीजेंड्स अवॉर्ड से नवाजा गया है। 23 मार्च 2024 को नागपुर में डॉ. एल. सुब्रमण्यम को सुर ज्योत्सना नेशनल म्यूजिक लीजेंड्स दिया गया। यह इस पुरस्कार का 11वां संस्करण है, जिसमें बीते साल ही लीजेंड्स श्रेणी की शुरुआत की गई है।
विज्ञापन
पिता और गुरु का जताया आभार
इस पुरस्कार के मिलने के बाद डॉ. एल. सुब्रमण्यम ने अपने पिता और गुरु प्रोफेसर वी. लक्ष्मीनारायण का आभार जताया। उन्होंने आगे कहा, मेरे पिता और गुरु प्रोफेसर वी. लक्ष्मीनारायण वायलिन को वैश्विक मंच पर मुख्य धारा में लाने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान के कारण ही आज मैं इसे आगे बढ़ाने में सक्षम हुआ। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वायलिन अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुआ है। गौरतलब है सुर ज्योत्सना नेशनल म्यूजिक लीजेंड्स अवार्ड की शुरुआत श्री विजय दर्डा ने अपनी पत्नी श्रीमती ज्योत्सना दर्डा की स्मृति में की थी, जो एक संगीत पारखी और शास्त्रीय गायिका थीं।
Chamkila Trailer: पंजाबी लोकसंगीत का सबसे ‘चमकीला’ नाम, दिलजीत की दमदार अदाकारी, फिर लय में दिखे इम्तियाज
इस पुरस्कार के मिलने के बाद डॉ. एल. सुब्रमण्यम ने अपने पिता और गुरु प्रोफेसर वी. लक्ष्मीनारायण का आभार जताया। उन्होंने आगे कहा, मेरे पिता और गुरु प्रोफेसर वी. लक्ष्मीनारायण वायलिन को वैश्विक मंच पर मुख्य धारा में लाने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान के कारण ही आज मैं इसे आगे बढ़ाने में सक्षम हुआ। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वायलिन अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुआ है। गौरतलब है सुर ज्योत्सना नेशनल म्यूजिक लीजेंड्स अवार्ड की शुरुआत श्री विजय दर्डा ने अपनी पत्नी श्रीमती ज्योत्सना दर्डा की स्मृति में की थी, जो एक संगीत पारखी और शास्त्रीय गायिका थीं।
Chamkila Trailer: पंजाबी लोकसंगीत का सबसे ‘चमकीला’ नाम, दिलजीत की दमदार अदाकारी, फिर लय में दिखे इम्तियाज