Shefali Jariwala: शेफाली जरीवाला ही हमेशा रहेंगी 'कांटा लगा गर्ल', गाने के मेकर्स ने लिया फैसला
Kaanta Laga Girl: शेफाली जरीवाला के फेमस गाने 'कांटा लगा' के मेकर्स ने उनके निधन के बाद बड़ा फैसला लिया है। मेकर्स की तरफ से शेफाली को ट्रिब्यूट देने की कोशिश की गई है।
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साल 2002 में आई म्यूजिक वीडियो 'कांटा लगा' ने देशभर में तहलका मचा दिया था। इस गाने की पहचान बन चुकीं शेफाली जरीवाला अब हमारे बीच नहीं रहीं और उनके असमय निधन के बाद, इस गाने के मेकर्स ने एक इमोशनल फैसला लिया है। डायरेक्टर जोड़ी राधिका राव और विनय सप्रू ने हाल ही में ऐलान किया कि 'कांटा लगा' को अब हमेशा के लिए ‘रिटायर’ किया जा रहा है। इस गाने को अब न रीक्रिएट किया जाएगा, न ही इसका कोई सीक्वल बनाया जाएगा।
शेफाली ही रहेंगी ‘कांटा लगा’ गर्ल
गाने से जुड़े डायरेक्टर्स ने साफ किया कि 'ये फैसला किसी मार्केटिंग ट्रिक का हिस्सा नहीं, बल्कि शेफाली जरीवाला की याद में एक सच्चा और इमोशनल ट्रिब्यूट है। उनका कहना है कि कांटा लगा सिर्फ शेफाली की पहचान थी और हमेशा रहेगी। उन्होंने कहा, 'जैसे किसी दिग्गज खिलाड़ी की जर्सी रिटायर कर दी जाती है, वैसे ही अब ये गाना भी शेफाली के नाम के साथ ही रहेगा।'
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सिर्फ एक ही चेहरा- शेफाली
शेफाली जरीवाला का 'कांटा लगा' में दिखा अंदाज आज भी लोगों के जहन में ताजा है। उनका हेयर स्टाइल, डांस मूव्स और एक्सप्रेशन्स ने इस गाने को एक पॉप कल्चर आइकन बना दिया था। राधिका और विनय का कहना है कि वो नहीं चाहते कि इस गाने को दोबारा बनाकर उसकी मौलिकता और शेफाली की याद को कमजोर किया जाए। उनका मानना है कि किसी और को ‘कांटा लगा गर्ल’ कहना, शेफाली की विरासत के साथ अन्याय होगा।
फैसला जो दिल से लिया गया
ये कदम इंडस्ट्री में एक मिसाल बन सकता है, जहां अक्सर पुराने गानों को रीमिक्स करके नए कलेवर में पेश किया जाता है। लेकिन इस बार, भावनाओं ने बिजनेस से ऊपर जगह ले ली है। फैन्स के बीच भी इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। सोशल मीडिया पर लोग शेफाली को याद करते हुए कह रहे हैं कि यह एक सही निर्णय है, जिससे उनकी यादें उसी रूप में बनी रहेंगी जैसे वो थीं।
एक युग का अंत, लेकिन यादें हमेशा जिंदा रहेंगी
भले ही कांटा लगा अब कभी नए रूप में नहीं आएगा, लेकिन इस गाने की धुन, बोल और शेफाली की स्माइल हमेशा दिलों में गूंजती रहेगी। ये कदम न सिर्फ एक कलाकार को सम्मान देने वाला है, बल्कि ये भी दर्शाता है कि इंडस्ट्री में अब भी ऐसे लोग हैं जो फीलिंग्स को अहमियत देते हैं। अब जब भी कांटा लगा का नाम लिया जाएगा, वो सिर्फ और सिर्फ शेफाली जरीवाला की याद दिलाएगा।