Jackie Shroff: ‘आजादी का मतलब सिर्फ झंडा फहराना नहीं’, जैकी श्रॉफ ने सैनिकों के साहस को किया सलाम
Jackie Shroff On Independence Day: आज पूरा देश स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है। इस मौके पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने बताया कि आजादी का असली मतलब क्या है।
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“आजादी का मतलब सिर्फ झंडा फहराना या जश्न मनाना नहीं है। यह उन लाखों सैनिकों की कहानी है जो हमारी सरहद पर देश की रक्षा करते हुए अपनी जान की बाजी लगाते हैं।” यह कहना है कि अभिनेता जैकी श्रॉफ का। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जैकी श्रॉफ ने अमर उजाला से बातचीत में अपनी भावनाएं साझा कीं और बताया कि आजादी का असली मतलब क्या है।
हमारे लिए तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, एक प्रतीक है
जैकी श्रॉफ का कहना है कि जब हम अपने घरों में तिरंगा फहराते हैं, तो शायद हमें इस बात का एहसास कम होता है कि हमारी आजादी के पीछे कितनी बड़ी कीमत चुकाई गई है। हमारे लिए यह तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, बल्कि एक प्रतीक है, एक सम्मान है और इसके पीछे छुपे बलिदान को समझना बेहद जरूरी है। सरहद पर जो जवान खड़ा होता है, वह केवल एक सैनिक नहीं होता, बल्कि हमारी आजादी की सबसे बड़ी ताकत है। वह हर दिन अपनी जान की परवाह किए बिना देश की हिफाजत करता है ताकि हम अपने घरों में चैन की नींद सो सकें। उसकी हर एक सांस हमारे लिए अमूल्य है।
जवानों की कुर्बानी का हमें एहसास रखना चाहिए
अभिनेता ने कहा कि जब हम चैन की नींद सोते हैं, तो कहीं हमारे जवान अपनी जान की बाजी लगा रहे होते हैं। उनकी कुर्बानी का एहसास हमें हर पल दिल में रखना चाहिए। यही तो असली देशभक्ति है, जब हम उनके बलिदान को याद रखते हैं और उनके लिए गर्व महसूस करते हैं।
जैकी श्रॉफ ने बताया कौन है सच्चा देशभक्त
जैकी के लिए सैनिक केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक मिशन है, एक जिम्मेदारी है। वो कहते हैं कि वो जवान जो सरहद पर खड़ा रहता है, वह अपने परिवार से दूर होता है, अपने सपनों को पीछे छोड़ता है, लेकिन फिर भी वह देश के लिए खड़ा रहता है। उसका साहस हमें सिखाता है कि सच्चा देशभक्त वही है जो अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर देश की सेवा करे।
सरहद का मतलब केवल एक सीमा रेखा नहीं है, बल्कि यह एक भाव है, एक वचन है कि हर भारतीय अपने देश के लिए खड़ा है। सरहद पर जो खून बहता है, वह लाल स्याही नहीं है, वह देशभक्ति का रंग है। उस खून की वजह से ही हम आजाद हैं, उस खून की वजह से ही हमारा तिरंगा फहराता है।
जब अपने पैरों पर खड़े हो, तभी सच्ची आजादी
जब बात आती है आजादी की असली परिभाषा की, तो जैकी कहते हैं कि आजादी का मतलब है किसी पर निर्भर न रहना। यह आजादी केवल बाहर से देखने में नहीं है। जब हम खुली हवा में सांस लेते हैं या कहीं आराम से घूमते हैं। असली आजादी तो तब होती है, जब तुम्हें अपने हुनर, अपनी ताकत, अपने अनुशासन और अपने कोड ऑफ कंडक्ट पर भरोसा हो। जब तुम अपने पैरों पर खड़े हो, तभी तुम सच में आजाद हो।
'देशभक्ति सिर्फ नारे लगाने या जश्न मनाने का नाम नहीं है...'
जैकी श्रॉफ आगे कहते हैं कि देशभक्ति सिर्फ नारे लगाने या जश्न मनाने का नाम नहीं है। जब भी मैं सोचता हूं कि कोई जवान सरहद पर खून बहा रहा है ताकि मैं चैन की नींद सो सकूं, तो मेरी नींद उड़ जाती है। उस जवान का बलिदान, उसकी कुर्बानी हमारे लिए सबसे बड़ी दौलत है। हमें उसका सम्मान करना होगा और उसकी याद में खुद को बेहतर इंसान बनाना होगा।
भारत हमेशा भारत ही रहा है
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने अपने जीवन में भारत को कैसे बदलता देखा है, तो उन्होंने कहा कि भारत हमेशा भारत ही रहा है। हमारी संस्कृति, हमारी भाषा, हमारी परंपराएं, ये सब हमारी पहचान हैं। योग हो या आयुर्वेद, ऋग्वेद हो या अथर्ववेद, ये सब हमें जोड़ते हैं और दुनिया भर में फैलते हैं। बदलाव तो बाहरी दुनिया में आया है, जो हमें देखकर खुद को बेहतर बना रही है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत की आत्मा कभी नहीं बदली, बल्कि दुनिया ने हमारी संस्कृति से सीखा है।
असली आजादी हमारे अंदर की ताकत से आती है
आजादी का मतलब जैकी श्रॉफ लिए सिर्फ शासन या राजनीति नहीं है। वो बताते हैं कि खुले आसमान के नीचे सांस लेना तो बस एक पहलू है। असली आजादी वह है जो हमारे अंदर की ताकत से आती है, जो हमें निर्भय बनाती है। आजादी सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है। आत्मनिर्भरता, अनुशासन और आत्म-सम्मान से जुड़ा हुआ। यह हमें सिखाती है कि हमें अपने फैसलों का जिम्मा खुद उठाना होगा।
जैकी श्रॉफ ने युवाओं को दी ये सलाह
जैकी श्रॉफ ने युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा करो, क्योंकि उनके आशीर्वाद से ही हम मजबूत बनते हैं। साथ ही हमारे जवानों और किसानों की इज्जत करो। वे हमारी हिफाजत करते हैं और हमें भोजन देते हैं। उनके बिना हम कुछ भी नहीं हैं। बस यही दो बातें याद रखो, तो तुम देश के अच्छे नागरिक बनोगे।