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भारत के लिए झटका, रीमा की फिल्म 'द विलेज रॉकस्टार’ ऑस्कर की रेस से बाहर

Tue, 18 Dec 2018 08:30 PM IST
प्रियंका भल्ला एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: प्रियंका भल्ला Updated Tue, 18 Dec 2018 08:30 PM IST
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rima das the village rockstar gets out of the race of oscar film
भारत के लिए झटका, रीमा की फिल्म 'द विलेज रॉकस्टार’ ऑस्कर की रेस से बाहर
डॉयरेक्टर रीमा दास की फिल्म 'द विलेज रॉकस्टार’ ऑस्कर की रेस से बाहर हो चुकी है। दरअसल, रीमा की फिल्म भारत की तरफ से 91वें एकडेमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2019 में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म केटेगरी से बाहर हो गई है। बता दें कि फिल्म ने ऑस्कर में नॉमिनेट होने से पहले ही राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया था। एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट एंड साइंस ने अगले राउंड में जा रही फिल्मों की गोषणा की थी लेकिन रीमा की फिल्म 9 फिल्मों की लिस्ट में अपनी जगह नहीं बना पाई थी। फिल्म का ऑस्कर से बाहर होना भारत के लिए तगड़ा झटका है।
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फिल्म रीमा के गांव छैगांव में शूट हुई थी। वहीं फिल्म के प्रमोशन के लिए रीमा ने असम सरकार से 3 करोड़ रुपए भी मांगे थे लेकिन उन्हें 1 करोड़ रुपए ही मिले थे। रीमा के अलावा इमाम हक की नार्वेइन मूवी 'वॉट विल पीपल से' भी ऑस्कर की दौड़ से बाहर हो गई है। भारत की तरफ से भेजी गईं फिल्में 'सलाम बॉम्बे’, 'मदर इंडिया' और 'लगान' ही अभी तक बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज केटेगरी में अच्छा प्रदर्शन करने में ही कामयाब रहीं हैं।
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लोगों को काफी पसंद आया था फिल्म का थीम

आपको बता दें कि इस फिल्म की राइटर, डायरेक्टर, सिनेमेटोग्राफर, एडिटर और प्रोडक्शन डिजाइनर भी रीमा दास खुद ही हैं। रीमा ने यूट्यूब पर फिल्में देख-देखकर डायरेक्शन और रिद्म ऑफ द स्टोरी से एडिटिंग सीखी थी। जहा एक तरफ रीमा को यह फिल्म बनाने में 4 साल का लंबा वक्त लगा था तो वहीं उन्होंने इस फिल्म पर 25 लाख रुपए खर्च किए थे। बता दें कि यह पैसे रीमा ने अपने परिवार वालों और असम की को-ऑपरेटिव सोसायटीज की मदद से जुटाए थे।

फिल्म 'द विलेज रॉकस्टार’ की कहानी सपने और अस्तित्व की है। फिल्म में 10 साल बच्ची धुनू अपनी मां के साथ गुरबत में दिन काट रही है। वह गांव में एक बैंड को परफॉर्म करते देखती है और तय करती है कि वह भी बैंड बनाएगी लेकिन न तो उसके पास गिटार खरीदने के पैसे हैं और न किसी भी तरह का सपोर्ट। लेकिन उसके बाद भी धुनू कुछ न कुछ करके अपने सपनों के करीब आ जाती है लेकिन तभी गांव में बाढ़ आ जाती है। अब उसे तय करना है कि सपना चुनना है या सरवाइवल।

फिल्म का थीम लोगों को काफी पसंद आया था। फिल्म दुनियाभर के 44 फिल्म फेस्टिवल में अवार्ड जीत चुकी है। तो वहीं इस फिल्म ने इसी साल 4 नेशनल अवार्ड भी अपने नाम किए थे। 

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