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'हुकूमत' के लिए 5 मिनट में तैयार हुए धर्मेंद्र, फिल्म बनाने के लिए दिए 3 लाख रुपये; निर्देशक ने सुनाए किस्से
Sun, 07 Dec 2025 07:23 PM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Sun, 07 Dec 2025 07:23 PM IST
सार
Dharmendra: फिल्ममेकर अनिल शर्मा ने धर्मेंद्र के बारे में कई बातें बताई हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने फिल्म 'हुकूमत' के समय उनकी मदद की थी।
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धर्मेंद्र, हुकूमत
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर को निधन हो गया। उनके निधन के बाद से कई कलाकार उनसे जुड़े किस्से साझा कर रहे हैं। इसी कड़ी में 'गदर 2' के निर्देशक अनिल शर्मा ने भी उनसे जुड़ा एक किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया है कि जब फिल्म 'हुकूमत' को बनाने को लेकर मुश्किलें आईं थीं, तब धर्मेंद्र ने किस तरह से उनकी मदद की थी।
धर्मेंद्र को कहानी की समझ थी
एचजेड फाइल्स पॉडकास्ट के साथ बातचीत में फिल्ममेकर अनिल शर्मा ने बताया कि वह उस वक्त सिर्फ 25-26 साल के थे। धर्मेंद्र एक बड़े एक्टर थे। इसके बावजूद धर्मेंद्र ने उनसे अच्छे से बात की। अनिल शर्मा ने कहा 'उनमें कहानी कहने की बहुत अच्छी समझ थी। जब मैं उन्हें हुकूमत की कहानी सुनाने गया, मेरे पास सिर्फ पांच मिनट का आइडिया था।'
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धर्मेंद्र को कहानी की समझ थी
एचजेड फाइल्स पॉडकास्ट के साथ बातचीत में फिल्ममेकर अनिल शर्मा ने बताया कि वह उस वक्त सिर्फ 25-26 साल के थे। धर्मेंद्र एक बड़े एक्टर थे। इसके बावजूद धर्मेंद्र ने उनसे अच्छे से बात की। अनिल शर्मा ने कहा 'उनमें कहानी कहने की बहुत अच्छी समझ थी। जब मैं उन्हें हुकूमत की कहानी सुनाने गया, मेरे पास सिर्फ पांच मिनट का आइडिया था।'
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धर्मेद्र, अनिल शर्मा
- फोटो : एक्स
पांच मिनट में धर्मेंद्र हुए राजी
शर्मा ने बताया कि उनके पास पूरी स्क्रिप्ट नहीं थी, 'हुकूमत' के लिए 'पांच मिनट का आइडिया' था। धर्मेंद्र ने आइडिया ठीक पांच मिनट तक सुना। इसके बाद उन्होंने कहा 'इसमें जंप हैं। यह एक अच्छी फिल्म बन सकती है। खूब मेहनत से काम करो। मैं यह फिल्म कर रहा हूं।'
अनिल शर्मा ने बताया कि अपनी हैसियत के मुताबिक धर्मेंद्र ने फिल्म साइन करते वक्त ज्यादा पैसों की डिमांड नहीं की। शर्मा के पिता ने धर्मेंद्र को कुछ ही पैसे दिए। धर्मेंद्र फिल्म को बनाने के लिए इसलिए राजी हो गए क्योंकि उन्हें कहानी अच्छी लगी।
शर्मा ने बताया कि उनके पास पूरी स्क्रिप्ट नहीं थी, 'हुकूमत' के लिए 'पांच मिनट का आइडिया' था। धर्मेंद्र ने आइडिया ठीक पांच मिनट तक सुना। इसके बाद उन्होंने कहा 'इसमें जंप हैं। यह एक अच्छी फिल्म बन सकती है। खूब मेहनत से काम करो। मैं यह फिल्म कर रहा हूं।'
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धर्मेंद्र ने ज्यादा पैसों की डिमांड नहीं कीअनिल शर्मा ने बताया कि अपनी हैसियत के मुताबिक धर्मेंद्र ने फिल्म साइन करते वक्त ज्यादा पैसों की डिमांड नहीं की। शर्मा के पिता ने धर्मेंद्र को कुछ ही पैसे दिए। धर्मेंद्र फिल्म को बनाने के लिए इसलिए राजी हो गए क्योंकि उन्हें कहानी अच्छी लगी।
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फिल्म के लिए खुद दिए पैसे
अनिल शर्मा ने बताया कि उनकी फिल्म पैसे न होने की वजह से बीच में रुक गई। फाइनेंसर ने वादा किया था कि वह 30 लाख रुपये खर्च करेगा हालांकि उसने सिर्फ 5 लाख रुपये ही खर्च किए। जब यह बात धर्मेंद्र को पता चली तो उन्होंने मामला अपने हाथ में लिया और निर्देशक को फिल्म जारी रखने के लिए 3 लाख रुपये दिए।
साथ में की कई फिल्में
हुकूमत अनिल शर्मा के लिए अच्छी फिल्म बन गई। इसकी कामयाबी के बाद अनिल शर्मा का धर्मेंद्र के साथ अच्छा रिश्ता बन गया। दोनों ने 'एलान-ए-जंग', 'फरिश्ते', 'तहलका' और 'अपने' में साथ में काम किया।
अनिल शर्मा ने बताया कि उनकी फिल्म पैसे न होने की वजह से बीच में रुक गई। फाइनेंसर ने वादा किया था कि वह 30 लाख रुपये खर्च करेगा हालांकि उसने सिर्फ 5 लाख रुपये ही खर्च किए। जब यह बात धर्मेंद्र को पता चली तो उन्होंने मामला अपने हाथ में लिया और निर्देशक को फिल्म जारी रखने के लिए 3 लाख रुपये दिए।
साथ में की कई फिल्में
हुकूमत अनिल शर्मा के लिए अच्छी फिल्म बन गई। इसकी कामयाबी के बाद अनिल शर्मा का धर्मेंद्र के साथ अच्छा रिश्ता बन गया। दोनों ने 'एलान-ए-जंग', 'फरिश्ते', 'तहलका' और 'अपने' में साथ में काम किया।