Film Festival: पहले बैन, फिर शर्तों के साथ फिल्म फेस्टिवल की अनुमति, कटक विश्वविद्यालय में क्यों हुआ विवाद?
कटक के रवेंशॉ विश्वविद्यालय में फिल्म फेस्टिवल को रद्द करने के एक दिन बाद संस्थान के अधिकारियों ने शुक्रवार को छात्रों को इसे आयोजित करने की अनुमति दी। विश्वविद्यालय ने यह अनुमति देनें के साथ दो फिल्मों को फेस्टिवल से हटाने के भी निर्देश दिए। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि फेस्टिवल के आयोजकों से कहा गया है कि फिल्म ‘हाड अनहद’ और ‘गे इंडिया मैट्रिमोनी’ की स्क्रीनिंग रद्द कर दी जाए। इसे लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारी धर्मव्रत मोहंती ने कहा कि कुछ छात्र दोनों फिल्मों की स्क्रीनिंग के खिलाफ थे और वो कोई कॉन्ट्रोवर्सी नहीं चाहते थे और इसलिए दोनों फिल्मों हटाने के निर्देश दिए गए है।
विस्तार
कटक के रावेंशॉ विश्वविद्यालय में फिल्म फेस्टिवल को रद्द करने के एक दिन बाद संस्थान के अधिकारियों ने शुक्रवार को छात्रों को इसे आयोजित करने की अनुमति दे दी। विश्वविद्यालय ने यह अनुमति देने के साथ दो फिल्मों को फेस्टिवल से हटाने के निर्देश भी दिए। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि आयोजकों से दो फिल्मों ‘हाड अनहद’ और ‘गे इंडिया मैट्रिमोनी’ को हटाने के लिए कहा गया है। विश्वविद्यालय के अधिकारी धर्मव्रत मोहंती ने बताया कि कुछ छात्र दोनों फिल्मों की स्क्रीनिंग के खिलाफ थे और वह किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहते थे। ऐसे में दोनों फिल्मों हटाने के निर्देश दिए गए। विश्वविद्यालय की फिल्म सोसायटी के एक सदस्य ने कहा कि शुक्रवार सुबह 10:30 बजे शुरू होने वाले महोत्सव को अधिकारियों ने एक दिन पहले रद्द कर दिया था।
कुलपति के कार्यालय के बाहर हुआ विरोध
उन्होंने कहा कि इस फैसले से कुलपति के कार्यालय के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध हुआ, जिसके बाद अधिकारियों ने फैसले पर पुनर्विचार किया। बता दें कि विश्वविद्यालय का यह तीन दिवसीय फेस्टिवल मुख्य रूप से फिल्म निर्माता सत्यजीत रे पर केंद्रित है। सत्यजीत रे के मास्टर पीस 'पाथेर पांचाली' और 'चारुलता' उन 15 फिल्मों में से हैं, जिन्हें फिल्म महोत्सव में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया था। रावेंशॉ फिल्म सोसायटी के सचिव सुभा सुदर्शन नायक ने कहा कि 'पाथेर पांचाली' उन फिल्मों में से एक है, जो विवादों में फंस गई। छात्रों का एक वर्ग 'पाथेर पांचाली' की स्क्रीनिंग नहीं करना चाहता था।
विश्वविद्यालय के अधिकारी धर्मव्रत मोहंती ने कही यह बात
कटक के रावेंशॉ विश्वविद्यालय में फिल्म फेस्टिवल को रद्द करने के एक दिन बाद संस्थान के अधिकारियों ने शुक्रवार को छात्रों को इसे आयोजित करने की अनुमति दी। विश्वविद्यालय ने यह अनुमति देने के साथ दो फिल्मों को फेस्टिवल से हटाने के भी निर्देश दिए। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि फेस्टिवल के आयोजकों से कहा गया है कि फिल्म ‘हाड अनहद’ और ‘गे इंडिया मैट्रिमोनी’ की स्क्रीनिंग रद्द कर दी जाए।
15 फिल्मों की होनी थी स्क्रीनिंग
विश्वविद्यालय की फिल्म सोसायटी के एक सदस्य ने कहा कि शुक्रवार सुबह 10:30 बजे शुरू होने वाले महोत्सव को अधिकारियों ने एक दिन पहले ही रद्द कर दिया था। इस फैसले के बाद कुलपति के कार्यालय के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध हुआ। ऐसे में अधिकारियों ने फैसले पर पुनर्विचार किया।
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देबलीना मजूमदार ने फैसले को बताया शर्मनाक
'गे इंडिया मैट्रिमोनी' की डायरेक्ट देबालिना मजूमदार ने विश्वविद्यालय के फैसले को शर्मनाक और अपमानजनक बताया। उन्होंने कहा, ''मुझे हमारी फिल्म को सूची से बाहर करने के अंतिम मिनट के फैसले के पीछे कोई कारण नहीं दिखता। 'गे इंडिया मैट्रिमोनी' को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से अनुमति मिली है। वह ओडिशा के राज्यपाल से भी इस मुद्दे को लेकर बात करने का विचार कर रही हैं, जो रावेंशॉ विश्वविद्यालय के कुलपति हैं।