'मजदूरों की लड़ाई में आगे रहते थे’, फेडरेशन अध्यक्ष बी.एन तिवारी ने पंकज धीर को बताया जेंटलमैन; साझा की यादें
Pankaj Dheer Demise: बी आर चोपड़ा की 'महाभारत' में कर्ण के किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता पंकज धीर का 68 साल की उम्र में निधन हो गया है। पंकज के पुराने दोस्त एवं CINTAA के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने उनसे जुड़े किस्से साझा किए हैं।
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टीवी और फिल्म इंडस्ट्री से आज एक बहुत दुखद खबर आई है। लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे अभिनेता पंकज धीर अब नहीं रहे। बता दें, एक्टिंग के साथ-साथ पंकज धीर CINTAA (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) के सदस्य भी रहे। उन्होंने हमेशा कलाकारों और मजदूरों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई।
'लंबे समय से बीमार थे, लेकिन हमेशा मजबूत और प्रेरक'
अमर उजाला से बातचीत में, बी.एन. तिवारी, जो CINTAA के अध्यक्ष और पंकज के पुराने दोस्त हैं, ने कहा, 'मेरे लिए यह बहुत शॉकिंग खबर है। हां, वे लंबे समय से बीमार थे। लेकिन बीच-बीच में उनकी तबियत में सुधार भी हुआ करता था। उनका इलाज चल रहा था, इसलिए मिलने-जुलने का मौका भी बहुत कम था। यह खबर सच में बहुत दुखद और शॉकिंग है।'
'उन्होंने महाभारत में कर्ण का किरदार निभाया, लेकिन असली जीवन में भी वही व्यक्तित्व था'
तिवारी ने याद किया, 'पंकज को मैं महाभारत के दिनों से जानता हूं। वह सिर्फ अभिनेता नहीं थे, बल्कि साहसी, दयालु और न्यायप्रिय इंसान थे। उन्होंने 'महाभारत' में कर्ण का किरदार निभाया। लेकिन असली जीवन में भी उनका व्यक्तित्व उसी किरदार की तरह मजबूत और प्रेरक था। वर्षों पहले प्रयागराज में कुम्भ इवेंट में जब उन्होंने मंच संभाला, तो उनका ‘कर्ण वाला’ एटिट्यूड हर किसी को महसूस हुआ। 'महाभारत' के सभी सितारे वहां मौजूद थे, लेकिन उनके आने का असर अलग ही था। स्टेज पर उनका आत्मविश्वास, गंभीरता और गरिमा हर किसी को छू गया। उनकी फैन फॉलोइंग भी कमाल की थी। वह सच में एक जेंटलमैन थे।'
'हमेशा अपने साथी कलाकारों और मजदूरों के अधिकारों के लिए खड़े रहते थे'
पंकज धीर CINTAA की कमिटी के सदस्य भी थे। उनका व्यवहार हमेशा प्यारा और सम्मानजनक रहता था। महाभारत में उनका किरदार ऐसा था कि शो के बाद भी वह उसी अंदाज में रहते थे जैसे कर्ण। तिवारी ने आगे बताया, 'एक बार फिल्म सिटी में मजदूर यूनियन का चुनाव हुआ। उन्हें उस जिम्मेदारी के लिए चुना गया। जिस तरह उन्होंने चुनाव संभाला और जिस तरह उनका नेतृत्व और ऑरा सब पर दिखाई दिया, वह असली जीवन में भी कर्ण जैसा ही था। उनके अंदर जो रुतबा और मजबूत पर्सनालिटी था, उसे देखकर हर कोई प्रभावित हुआ।'
'पंकज हमेशा मजदूरों के न्याय के लिए तत्पर रहते थे'
बी.एन. तिवारी ने कहा, 'वह चाहते थे कि कलाकारों और मजदूरों दोनों के अधिकार बराबर रहें। किसी भी अन्याय या समस्या के सामने वह चुप नहीं रहते थे। वह न्यायप्रिय और मजबूत व्यक्तित्व के प्रतीक थे।'
'उनका दयालु और मजबूत व्यक्तित्व हमेशा याद रहेगा'
तिवारी ने आगे कहा, 'पंकज का दयालु और मजबूत व्यक्तित्व हम सबकी यादों में हमेशा जीवित रहेगा। उनका नेतृत्व और उनकी गरिमा भी हम कभी नहीं भूलेंगे। वह सिर्फ एक कलाकार नहीं थे, वह एक उदाहरण थे, जिन्होंने अपने कर्म से दूसरों को प्रेरित किया। हमें उन्हें केवल अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक सच्चे मित्र, नेता और प्रेरणा के रूप में याद रखना चाहिए।'
'उनके सम्मान में शोक सभा भी आयोजित की जाएगी'
फेडरेशन की तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। उनके सम्मान में शोक सभा भी आयोजित की जाएगी। टीवी और फिल्म इंडस्ट्री आज एक ऐसे सितारे को खो गई है। पंकज धीर ने अपने अभिनय और व्यक्तित्व से हर किसी के दिल में खास जगह बनाई। हम उन्हें हमेशा कर्ण की तरह साहसी, न्यायप्रिय और दयालु इंसान के रूप में याद रखेंगे।'