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'अमर, अकबर, एंथनी' के हार्वड यूनिवर्सिटी पहुंचने का ये है राज
amarujala.com- Presented by: आकांक्षा सिंह
Updated Sun, 30 Apr 2017 01:24 PM IST
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अमर, अक्बर, एंथनी
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बॉलीवुड की सदाबहार फिल्म 'अमर, अकबर, एंथनी' अब सिर्फ एक फिल्म नहीं रहेगी। ये फिल्म अब एक किताब में तब्दील हो गई है। हॉर्वड यूनिवर्सिटी ने इस फिल्म को 'बॉलीवुड, भाईचारे और देश' पर बनीं एक किताब में शामिल किया है। आखिर ऐसा इस फिल्म में क्या खास था जो हार्वड ने इसे अपनी किताब में शामिल किया, जानिए।
1977 में आई मनमोहन देसाई की फिल्म 'अमर, अकबर, एंथनी' ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना और ऋषि कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म की कहानी तीन भाइयों पर थी जो जन्म के वक्त बिछड़ जाते हैं। इसके बाद अलग-अलग धर्म के लोग उन्हें पाल-पोसकर बड़ा करते हैं। अमिताभ बच्चन ने एंथनी गोन्सालविज का किरदार निभाया था जो इसाई परिवेश में पला-बढ़ा था। विनोद खन्ना फिल्म में अमर खन्ना बने थे जो हिंदू थे। वहीं ऋषि कपूर फिल्म में अकबर अलाहाबादी बने थे। तीनों भाई फिल्म के विलेन को मारने के लिए साथ आते थे।
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मनमोहन देसाई की ये फिल्म कई मायनों में भाईचारे का संदेश देती है। फिल्म में तीन धर्मों को एक साथ शांति से रहते हुए दिखाया गया था। तीनों बेटे स्वतंत्र दिवस के दिन अपने पिता से अलग होते हैं जो उन्हें गांधी की मूर्ती के नीचे छोड़ जाता है। तीनों का फिल्म के अंत में साथ आना देश की जीत दिखाता है। 'अमर, अकबर, एंथनी' साल 1977 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी। बॉलीवुड में भाईचारे के लिहाज से इस फिल्म को हमेशा याद किया जाएगा।
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1977 में आई मनमोहन देसाई की फिल्म 'अमर, अकबर, एंथनी' ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना और ऋषि कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म की कहानी तीन भाइयों पर थी जो जन्म के वक्त बिछड़ जाते हैं। इसके बाद अलग-अलग धर्म के लोग उन्हें पाल-पोसकर बड़ा करते हैं। अमिताभ बच्चन ने एंथनी गोन्सालविज का किरदार निभाया था जो इसाई परिवेश में पला-बढ़ा था। विनोद खन्ना फिल्म में अमर खन्ना बने थे जो हिंदू थे। वहीं ऋषि कपूर फिल्म में अकबर अलाहाबादी बने थे। तीनों भाई फिल्म के विलेन को मारने के लिए साथ आते थे।
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मनमोहन देसाई की ये फिल्म कई मायनों में भाईचारे का संदेश देती है। फिल्म में तीन धर्मों को एक साथ शांति से रहते हुए दिखाया गया था। तीनों बेटे स्वतंत्र दिवस के दिन अपने पिता से अलग होते हैं जो उन्हें गांधी की मूर्ती के नीचे छोड़ जाता है। तीनों का फिल्म के अंत में साथ आना देश की जीत दिखाता है। 'अमर, अकबर, एंथनी' साल 1977 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी। बॉलीवुड में भाईचारे के लिहाज से इस फिल्म को हमेशा याद किया जाएगा।
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