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फिल्मों के 10 डायलॉग, जिनमें प्राण ने डाली जान
इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 12 Jul 2013 11:19 PM IST
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अपनी बेहतरीन अदाकारी से हिंदी सिनेमा पर जबरदस्त छाप छोड़ने वाले प्राण ने अपनी फिल्मों में एक से बढ़कर एक डायलॉग बोले। जानिए, ऐसे 10 डायलॉग, जिनमें प्राण ने नई जान डाल दी।
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-भारत तू दुनिया की छोड़ पहले अपनी सोच। राम ने हर युग में जन्म लिया है लेकिन लक्ष्मण जैसा भाई दोबारा पैदा नहीं हुआ।-फिल्म ‘उपकार’
-लाशें जो खरीदा करते हैं, वो कौन बड़ा व्यापारी है... आसमान पे उड़ने वाले मिट्टी में मिल जाएगा।-उपकार
-राशन पर भाषण बहुत है, भाषण पर कोई राशन नहीं। सिर्फ ये जब भी बोलता हूं ज्यादा ही बोलता हूं, समझे...!-उपकार
-मैं भी पुराना चिड़ीमार हूं पर कतरना अच्छी तरह से जानता हूं।-शीश महल
-ओय भगतसिंह, ये भारत माता की होंदी है..... मैंने इतने खून कित्ते भगतसिंह...।-शहीद
-शता ले-शता ले मेरा भी समय आएगा...।-कश्मीर की कली
-सरदार मैं फिर कहता हूं ये पुलिस का आदमी है।- जिस देश में गंगा रहता है
-तेरा बाप राका।-जिस देश में गंगा रहता है
-कालाय तस्मे नम:। -धर्मा
-टोक्यो में रहते हो पर टोकने की आदत नहीं गई।-अराउंड दि वर्ल्ड