The Kerala Story: 'दर्शक कम होने के कारण थिएटर्स ने खुद ही...', तमिलनाडु सरकार का सुप्रीम कोर्ट को जवाब
सरकार ने कोर्ट से कहा कि उन्होंने सिनेमाहॉल मालिकों पर द केरल स्टोरी फिल्म न दिखाने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया है।
विस्तार
अदा शर्मा स्टारर फिल्म द केरल स्टोरी इन दिनों सिनेमाघरों में छाई हुई है। तमाम विवादों के बावजूद यह फिल्म बेहतरीन कमाई कर रही है। इस फिल्म में केरल में करीब 32 हजार महिलाओं को लव जिहाद में फंसाने, उनका धर्म परिवर्तन करने और फिर उनको आतंकी गतिविधियों में शामिल करके शोषण करने की असल कहानी दिखाई गई है। बीते दिनों इस फिल्म को तमिलनाडु में बैन करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। जिसपर तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि द केरल स्टोरी के फिल्म निर्माताओं ने जानबूझकर भ्रामक बयान दिए हैं कि सरकार ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाया है।
लोग खुद नहीं देख रहे थे फिल्म
सरकार ने कोर्ट से कहा कि उन्होंने सिनेमाहॉल मालिकों पर द केरल स्टोरी फिल्म न दिखाने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया है। सरकार के मुताबिक फिल्म में बड़े अभिनेताओं के न होने या दूसरे कारणों से लोग फिल्म नहीं देख रहे थे इसलिए थिएटर वालों ने खुद ही फिल्म को हटा दिया है। 5 मई को रिलीज फिल्म को 7 मई को तमिलनाडु के सिनेमाघरों से हट गई थी। निर्माताओं ने इसे सरकारी दबाव बताते हुए याचिका दाखिल की है।
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तमिलनाडु सरकार ने दिया हलफनामा
इस मामले में तमिलनाडु सरकार ने एक हलफनामा दाखिल किया और कहा है, 'दर्शकों की खराब प्रतिक्रिया के कारण प्रदर्शकों ने खुद फिल्म की स्क्रीनिंग रोक दी है और सरकार सिनेमाघरों को सुरक्षा प्रदान करने के अलावा फिल्म के लिए दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए कुछ नहीं कर सकती है।'
क्या है मामला
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट द केरल स्टोरी फिल्म निर्माता की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब देश के दूसरे हिस्सों में फिल्म शांति से चल रही है तो बंगाल और तमिलनाडु में फिल्म पर बैन क्यों लगाया गया है, जिसके जवाब में तमिलनाडु सरकार ने हलफनामा दायर करते हुए कहा कि ये फिल्म 5 मई को 19 मल्टीप्लेक्स में रिलीज की गई है, हमारी तरफ से कोई बैन नहीं लगा है।