‘रीमिक्स बागची’के हाथों में अब मसकली की किस्मत, रहमान का एक और गाना रीक्रिएशन के डिब्बे में
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विश्व प्रख्यात संगीतकार ए आर रहमान को मशहूर गानों का रीक्रिएट वर्जन नहीं भाता है। वह खुद भी यह बात कह चुके हैं कि उन्हें ऐसे गाने पसंद नहीं हैं, फिर भी म्यूजिक कंपनियां उन पर दबाव बनाती हैं कि वह इस तरह के गानों को सपोर्ट करें। उनका मानना रहा है कि लोग असल संगीत के महत्व को महसूस करते हैं। बावजूद इसके दिल्ली 6 के उनके कंपोज किए गाने मसकली को रीक्रिएट किया जा रहा है। रीक्रिएशन की यह जिम्मेदारी फिर उन्हीं पर जिनका नाम ही ‘रीमिक्स बागची’ पड़ गया है।
तनिष्क बागची की पहचान मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में रीमिक्स म्यूजिशियन के तौर पर होती है। ओरीजनल गाना उन्होंने आखिरी बार कौन सा बनाया, श्रोताओं को पता ही नहीं। वह अब तक करीब दो दर्जन से भी अधिक गानों को रीमिक्स कर चुके हैं, जिनमें हम्मा हम्मा, चीज बड़ी, मेरे रश्के कमर, दिलबर, आंख मारे, मुकाबला, नाचन नु जी करदा, याद पिया की आने लगी, मेरे अंगने में आदि शामिल हैं।
ज्यादा दिन नहीं हुए जब तनिष्क ने जब निर्माता निर्देशक कमाल अमरोही की फिल्म पाकीजा में स्वर कोकिला लता मंगेशकर के गाए गाने चलते चलते को फिल्म मित्रों के लिए रीक्रएट किया था। लता ने तब इसे लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की थी। वहीं बागी 3 के सॉन्ग डू यू लव मी को लेकर इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक आर्टिस्ट ट्रॉयबोई ने उनके गाने को बिना इजाजत रीमिक्स करने को लेकर भी गुस्सा जाहिर किया था। म्यूजिक कंपोजर करण कुलकर्णी ने फिल्म शुभ मंगल ज्यादा सावधान को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि तनिष्क ने भले ही फिल्म के लिए गाने को कंपोज किया हो लेकिन बैकग्राउंड स्कोर का निर्माण उनके द्वारा किया गया है।
ए आर रहमान ने इन दिनों हिंदी फिल्मों के संगीत से दूरी बनाई हुई है। उनके अनुसार वह पिछले कुछ समय से अपने प्रोडक्शन में बन रहे प्रोजेक्ट्स जैसे 99 सॉन्ग्स में व्यस्त हैं। वहीं रहमान अधिकतर उन्हीं गानों को अपना रहे हैं जिनके आईपीआर (इंटेलेक्चुअल कॉपी राइट्स) उनके पास हों। संगीतकारों में अपने गानों को लेकर हाल के दिनों में काफी जागरुकता आई है और वह मशहूर गायकों के कंसर्ट व स्टेज शो में भी अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर अपनी रॉयल्टी की मांग करने लगे हैं। मशहूर गायक एस पी बालासुब्रहमण्य को कालजयी संगीतकार इलैयाराजा की तरफ से मिले कानूनी नोटिस को इस मामले में नजीर माना जाता है। ये नोटिस इलैयाराजा ने एस पी के उस कंसर्ट को लेकर दिया था जो वह अपनी गायिका के 50 साल पूरे होने पर विदेश में कर रहे थे।
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