सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। वहीं दूसरी तरफ सीएफएसएल (CFSL) की रिपोर्ट में सुशांत की हत्या से जुड़ा कोई सीधा सबूत नहीं मिला है। सीएफएसएल ने पाया कि सुशांत की मौत फांसी लगाने से हुई थी। सीन आफ क्राइम के री-क्रिएशन के बाद सुशांत की मौत मामले को फुल हैंगिंग मानने से इनकार कर दिया है।
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सुशांत सिंह राजपूत
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सीएफएसएल ने सीबीआई टीम को अपनी जांच की यह रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में सुशांत की मौत को 'पार्शियल हैंगिंग' यानी पूर्ण फांसी नहीं कहा गया है। इसका अर्थ होता है मरने वाले का पैर पूरी तरह से हवा में नहीं था। यानी वह किसी चीज से टिका हुआ था। सुशांत मामले में उनके घर से किसी भी तरह का स्टूल नहीं मिला। ऐसे में संभव है कि उनका पैर बेड से टिका हुआ होगा।
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सुशांत सिंह राजपूत
- फोटो : Twitter
आत्महत्या के ज्यादातर मामलों में पार्शियल हैंगिंग पाई जाती है। सीएफएसएल रिपोर्ट की मानें तो सुशांत ने दोनों हाथ का इस्तेमाल कर फांसी लगाई होगी। उसने अपने दाहिने हाथ का इस्तेमाल खुद को लटकाने के लिए किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राइट हैंडर ही इस तरह से फांसी लगा सकता है। सुशांत ने हरे रंग के कपड़े से फांसी लगाई थी।
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सुशांत सिंह राजपूत (फाइल फोटो)
- फोटो : इंस्टाग्राम
इसके अलावा लटकने के बाद गर्दन पर किस मात्रा में फंदे का दबाव पड़ा था, गर्दन पर फंदा कसने के कितनी देर तक शख्स जिंदा रहा और गले के कितने हिस्से पर फंदे का असर पड़ा। इन सभी तथ्यों को सीएफएसएल ने अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है।
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सुशांत सिंह राजपूत (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
सुशांत बिहार के रहने वाले थे और पटना से दिल्ली और फिर मुंबई का सफर उन्होंने अपने दम पर तय किया था। पटना में पैदा हुए सुशांत सिंह राजपूत चार बहनों के इकलौते भाई थे। 14 जून को सुशांत का शव उनके बांद्रा स्थित फ्लैट पर पाया गया था। 14 जून की दोपहर को सुशांत सिंह राजपूत की मौत की खबर से पूरा देश हिल गया। किसी को समझ ही नहीं आ रहा था कि करियर में बुलंदियों को छू रहे सुशांत ने फांसी लगाकर जान क्यों दी।