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इस शख्स ने पुराने गाने बजाकर बदल दिया FM का चेहरा, अब ओटीटी पर लहराएंगे भारतीय भाषाओं का परचम
Mon, 22 Apr 2019 09:28 AM IST
anand anand
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
मुंबई डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Mon, 22 Apr 2019 09:28 AM IST
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Tarun Katial
- फोटो : amar ujala mumbai
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भारतीय मनोरंजन उद्योग में तरुण कटियाल को खतरों का खिलाड़ी माना जाता है। नए गानों की रॉयल्टी को लेकर हुए विवाद के बाद ही तरुण ने बिग एफएम पर पुराने हिंदी फिल्मी गाने बजाने शुरू किए और रेडियो स्टेशन को नंबर वन बना दिया। अब उनके पास देसी ओटीटी जी5 की कमान है। खालिस भारतीय कहानियों पर फोकस करके तरुण ने जी5 को एकदम से नेटफ्लिक्स और प्राइम वीडियो की टक्कर में ला खड़ा किया है। इस बार के सीईओ संवाद में जी5 के सीईओ तरुण कटियाल से खास बातचीत।
एक लाइन में जी5 की यूएसपी बतानी हो तो आप क्या कहेंगे?
जी5 को हमने बहुत सोच विचार के बाद एक ऐसे ओटीटी ऐप के रूप में विकसित किया है जहां आपको भारत की सभी मुख्य भाषाओं की कहानियां देखने को मिलेंगी। हमने जो एक साथ 70 ओरीजनल्स लॉन्च किए, ये इसी सोच पर आधारित है।
मनोरंजन उद्योग में आपको खतरों का खिलाड़ी कहा जाता है, इस बार कौन सा खतरा मोल ले रहे हैं?
स्टार प्लस से लेकर सोनी और बिग एफएम से लेकर जी5 तक मेरा सफर हर बार एक नया खतरा लेने का ही रहा है। और, ऐसा इसलिए क्योंकि मेरा मानना है कि जब तक आप खतरा नहीं उठाएंगे कुछ नया नहीं कर पाएंगे। हम गलतियां करते हैं, विफल होते हैं। फिर खतरा लेते हैं, इसके बाद भी विफल होते हैं, लेकिन हमारी यही आदत हमें कामयाब भी बनाती है। गलतियों से मिलने वाले सबक आपको आने वाले कल के लिए तैयार करते हैं और मेरा ये भी मानना है कि हर चुनौती में एक नई संभावना जरूर छुपी होती है।
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एक लाइन में जी5 की यूएसपी बतानी हो तो आप क्या कहेंगे?
जी5 को हमने बहुत सोच विचार के बाद एक ऐसे ओटीटी ऐप के रूप में विकसित किया है जहां आपको भारत की सभी मुख्य भाषाओं की कहानियां देखने को मिलेंगी। हमने जो एक साथ 70 ओरीजनल्स लॉन्च किए, ये इसी सोच पर आधारित है।
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मनोरंजन उद्योग में आपको खतरों का खिलाड़ी कहा जाता है, इस बार कौन सा खतरा मोल ले रहे हैं?
स्टार प्लस से लेकर सोनी और बिग एफएम से लेकर जी5 तक मेरा सफर हर बार एक नया खतरा लेने का ही रहा है। और, ऐसा इसलिए क्योंकि मेरा मानना है कि जब तक आप खतरा नहीं उठाएंगे कुछ नया नहीं कर पाएंगे। हम गलतियां करते हैं, विफल होते हैं। फिर खतरा लेते हैं, इसके बाद भी विफल होते हैं, लेकिन हमारी यही आदत हमें कामयाब भी बनाती है। गलतियों से मिलने वाले सबक आपको आने वाले कल के लिए तैयार करते हैं और मेरा ये भी मानना है कि हर चुनौती में एक नई संभावना जरूर छुपी होती है।
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जी5 ने आपके आने के साल भर के भीतर ओटीटी कारोबार में चोटी पर जगह बना ली है, कैसे?
मेरा एफएम का अनुभव इसमें काम आया। हमारा देश विविधताओं के साथ साथ भाषाओं का देश है। एफएम में हमें हर 15-20 किमी पर अपना कंटेंट बदलना पड़ता है। आरजे की भाषा बदलनी होती है। हमने इसीलिए जी5 को भारतीय भाषाओं वाले कंटेंट का ऐप बनाया। दूसरी बात हमने ये की कि हम भारतीय कहानियों को ही प्रमुखता देंगे। रंगबाज, शोले गर्ल, 377 अब नॉर्मल, फाइनल कॉल इन सबमें भारतीयता है। और, इन सबमें कुछ न कुछ दूसरों से अलग है। अलग कंटेंट बना पाना ही हमारी खासियत रही है और यही हमारी कामयाबी का मंत्र भी है।
तो अगर आंकड़ों की बात करें तो जी5 का लक्ष्य क्या है?
निवेश की जहां तक बात है तो मैं कहूंगा कि हमारा बजट देसी ओटीटी ऐप्स में सबसे बड़ा है। लेकिन, हम पैसों की बजाय अच्छे शोज की गिनती कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम तीन साल के भीतर मुनाफा कमा पाने की स्थिति में आ जाएं। इस वक्त जी5 के छह करोड़ के करीब सक्रिय उपभोक्ता हैं और भारत के कस्बाई व ग्रामीण इलाकों में हमारी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। जियो फोन के लिए हमने अलग से एक खास ऐप बनाया है जो कम बैंडविथ वाले इलाकों में अच्छा काम करता है।
जी5 ने हाल ही में तमाम ब्लॉकबस्टर फिल्में भी रिलीज के कुछ ही महीनों बाद दिखाने की शुरूआत की है, क्या ये नेटफ्लिक्स और प्राइम वीडियो का दबदबा तोड़ने की रणनीति है?
बिल्कुल। जी5 का बस एक ही लक्ष्य है कि हम अपने यूजर को लगातार दमदार कंटेंट देते रहे हैं। यूजर को अपने प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने के लिए अच्छा कंटेंट बनाने में यकीन रखते हैं और नया कंटेंट भी हमारे यूजर को लगातार मिलता रहे, इसके लिए हमारी टीम मेहनत भी बहुत कर रही है। हम अच्छे लेखकों को अपने साथ जोड़ रहे हैं और वे कहानियां निकालकर सामने ला रहे हैं, जिनकी तरफ अमूमन दूसरे ओटीटी का ध्यान नहीं जाता।
मेरा एफएम का अनुभव इसमें काम आया। हमारा देश विविधताओं के साथ साथ भाषाओं का देश है। एफएम में हमें हर 15-20 किमी पर अपना कंटेंट बदलना पड़ता है। आरजे की भाषा बदलनी होती है। हमने इसीलिए जी5 को भारतीय भाषाओं वाले कंटेंट का ऐप बनाया। दूसरी बात हमने ये की कि हम भारतीय कहानियों को ही प्रमुखता देंगे। रंगबाज, शोले गर्ल, 377 अब नॉर्मल, फाइनल कॉल इन सबमें भारतीयता है। और, इन सबमें कुछ न कुछ दूसरों से अलग है। अलग कंटेंट बना पाना ही हमारी खासियत रही है और यही हमारी कामयाबी का मंत्र भी है।
तो अगर आंकड़ों की बात करें तो जी5 का लक्ष्य क्या है?
निवेश की जहां तक बात है तो मैं कहूंगा कि हमारा बजट देसी ओटीटी ऐप्स में सबसे बड़ा है। लेकिन, हम पैसों की बजाय अच्छे शोज की गिनती कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम तीन साल के भीतर मुनाफा कमा पाने की स्थिति में आ जाएं। इस वक्त जी5 के छह करोड़ के करीब सक्रिय उपभोक्ता हैं और भारत के कस्बाई व ग्रामीण इलाकों में हमारी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। जियो फोन के लिए हमने अलग से एक खास ऐप बनाया है जो कम बैंडविथ वाले इलाकों में अच्छा काम करता है।
जी5 ने हाल ही में तमाम ब्लॉकबस्टर फिल्में भी रिलीज के कुछ ही महीनों बाद दिखाने की शुरूआत की है, क्या ये नेटफ्लिक्स और प्राइम वीडियो का दबदबा तोड़ने की रणनीति है?
बिल्कुल। जी5 का बस एक ही लक्ष्य है कि हम अपने यूजर को लगातार दमदार कंटेंट देते रहे हैं। यूजर को अपने प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने के लिए अच्छा कंटेंट बनाने में यकीन रखते हैं और नया कंटेंट भी हमारे यूजर को लगातार मिलता रहे, इसके लिए हमारी टीम मेहनत भी बहुत कर रही है। हम अच्छे लेखकों को अपने साथ जोड़ रहे हैं और वे कहानियां निकालकर सामने ला रहे हैं, जिनकी तरफ अमूमन दूसरे ओटीटी का ध्यान नहीं जाता।