Shabana Azmi: बहू ने हुक्म दिया तो कैसे मना कर देती, शबाना आजमी ने बताई 'डब्बा कार्टेल' का हिस्सा बनने की वजह
सीरीज ‘डब्बा कार्टेल’ के ट्रेलर लांच इवेंट पर शबाना आजमी की अदाओं ने लोगों का खूब मनोरंजन किया। सीरीज को लेकर उन्होंने बताया कि उनकी बहू शिबानी ने उन्हें इस फिल्म में काम करने का हुक्म दिया।
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एक्सेल एंटरटेनमेंट की नई सीरीज ‘डब्बा कार्टेल’ के ट्रेलर लांच इवेंट पर शबाना आजमी की अदाओं ने लोगों का खूब मनोरंजन किया। महबूब स्टूडियो में इस कार्यक्रम का आयोजन शानदार तरीके से हुआ। लोगों में काफी उत्साह रहा लेकिन, आदतन प्रोग्राम अपने समय से ही शुरू हुआ। जनता बेसब्री से ट्रेलर का इंतजार करी दिखी। महबूब स्टूडियो में जब बारी इस ट्रेलर लॉन्च की आई तो मामला बहुत ही रोचक हो गया है। आहिस्ता आहिस्ता किरदारों पर से परदा हटा और जब बारी शबाना आजमी की आई तो फिर तो माहौल बदलना ही थी।
इवेंट में मीडिया के साथ सवाल जवाब के समय शबाना आज़मी ये कहा कि इस सीरीज की पूरी कास्टिंग घर का मामला था। शिबानी अख्तर ने क्रिएट किया ये प्रोजेक्ट और मुझे हुक्म दिया, एक्टिंग करने के लिए। बहू को कैसे मना कर सकती थी और बेटा तो प्रोड्यूसर ही है। साथ ही उन्होंने एक कन्फेशन ये भी किया की जब इस सीरीज की कास्टिंग चल रही थी तो वह नहीं चाहती थीं कि अभिनेत्री ज्योतिका को इसमें कास्ट किया जाए। इवेंट के दौरान ही शबाना आजमी ने इसके लिए ज्योतिका से माफी भी मांगी और कहा कि अच्छा हुआ शिबानी ने उनकी नहीं सुनी और दोनों ने साथ काम किया।
सीरीज के निर्देशक हितेश भाटिया ने इस मौके पर बताया कि शुरू में तो वह काफी परेशान थे लेकिन जब सारे लोग साथ आ गए तो उनकी घबराहट भरोसे में बदल गई। ज्योतिका के मुताबिक उन्हें ये प्रोजेक्ट इसलिए काफी पसंद आया क्योंकि इसमें महिलाओं की अहम भूमिका है। वह कहती हैं, "इस सीरीज में सिर्फ किरदार ही नहीं, बल्कि पूरी टीम में भी महिलाओं की बहुत भागीदारी रही। हमारे क्रू में लगभग 60-70% महिलाएं थीं, जो हर विभाग में शानदार काम कर रही थीं। यह देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ।"
अभिनेता आदर्श रावल के साथ फिल्म ‘बमफाड़’ से हिंदी सिनेमा में अपना करियर शुरू करने वाली साउथ सिनेमा की अभिनेत्री शालिनी पांडे ने भी ज्योतिका की बात का समर्थन किया और कहा कि यह शो महिलाओं के दम पर आगे बढ़ा है। उन्होंने उलाहना दिया कि शानदार अभिनेता गजराज राव के साथ उनका एक भी सीन नहीं है। वहीं, गजराज राव ने कहा, "आमतौर पर मैं सिर्फ अपने डायलॉग्स याद करता हूँ, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा मेहनत फार्मास्युटिकल्स के नाम याद करने में करनी पड़ी। और, अब तो मुझे इतने नाम याद हो गए हैं कि मेडिकल इंडस्ट्री में भी एंट्री ले सकता हूं!"