अभिनेत्री मधु ने बताया किस्सा, कैसा होता था 90 के दशक की अभिनेत्रियों का करियर; बोलीं- 'मैंने 9 साल में...'
Actress Madhoo: बॉलीवुड अभिनेत्री मधु ने हाल ही में बताया कि आखिरकार 90 के दशक की अभिनेत्रियों का करियर आज की अभिनेत्रियों की तुलना में लंबा क्यों होता था। जानिए क्या बताई इसके पीछे की वजह?
विस्तार
फिल्म 'रोजा' और 'फूल और कांटे' से प्रसिद्ध हईं दिग्गज अभिनेत्री मधु ने हाल ही में बताया कि 90 के दशक की अभिनेत्रियों का करियर आज की अभिनेत्रियों की तुलना में कैसा होता था। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे 9 साल के करियर में उन्होंने क्या-क्या सीखा।
सुधार करने का मौका
आईएएनएस से बीतचीत के दौरान, मधु ने बताया कि पहले की अभिनेत्रियों को खुद में सुधार करने का समय मिलता था। अगर दर्शकों को वे शुरुआत में पसंद नहीं भी आती थीं, तो उन्हें दूसरा या तीसरा मौका मिल जाता था।
आज के समय में हर नई अभिनेत्री को शुरुआत से ही पूरी तरह से परफेक्ट होना पड़ता है। उनके पास सीखने या गलती करने का समय नहीं होता। या तो वे पहली ही फिल्म से दर्शकों का दिल जीत लें, या फिर वे इंडस्ट्री से बाहर हो जाती हैं।
9 साल के करियर में हमेशा सीखा
मधु ने कहा, 'जब मैंने फिल्म 'फूल और कांटे' से शुरुआत की थी, तब मैं सर्वश्रेष्ठ नहीं थी। लेकिन दर्शकों ने मुझसे जुड़ाव महसूस किया। मेरे 9 साल के करियर में हर फिल्म मेरे लिए सीखने का जरिया बनी। मुझे अपने लुक, बालों और मेकअप को सुधारने का मौका मिला। मैंने 9 साल काम करने के बाद खुद अपनी मर्जी से एक्टिंग छोड़ी थी।'
मधु ने आगे कहा कि आज की अभिनेत्रियां अपनी पहली ही फिल्म में बेहद खूबसूरत और परफेक्ट दिखती हैं, लेकिन कुछ फिल्में करने के बाद जल्द ही उनकी जगह कोई नया चेहरा आ जाता है। पहले परफेक्ट न होने का फायदा यह था कि अभिनेत्रियां धीरे-धीरे खुद को बदलकर लंबे समय तक टिकी रहती थीं।
मधु का सफर
मधु ने 1991 में अजय देवगन के साथ फिल्म 'फूल और कांटे' से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'रोजा', 'योद्धा' और 'जेंटलमैन' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। मधु की आखिरी साउथ फिल्म 'कन्नप्पा' में देखा गया था, जो 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में उन्होंने 'पन्नागा' की भूमिका निभाई है।
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