रामगोपाल वर्मा ने बताया क्यों हुई थी गुलशन कुमार की हत्या? राकेश रोशन पर अंडरवर्ल्ड के हमले को लेकर कही ये बात
Ram Gopal Varma: निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने 90 के दशक के उस वक्त को याद किया, जब बॉलीवुड पर अंडरवर्ल्ड का साया मंडरा रहा था। जानिए गुलशन कुमार की हत्या को लेकर उन्होंने क्या कुछ खुलासा किया…
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फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में हिंदी सिनेमा के सबसे उथल-पुथल भरे दौरों में से एक 1990 के दशक को याद किया। उस वक्त मुंबई के अंडरवर्ल्ड का फिल्म इंडस्ट्री पर गहरा प्रभाव था। उन्होंने बताया कि कैसे दाऊद इब्राहिम जैसे सरगनाओं के नेतृत्व वाले आपराधिक गिरोह धमकियां, विदेशी फंडिंग और कास्टिंग को लेकर दबाव डालते थे। रामू ने यह भी समझाया कि राकेश रोशन और गुलशन कुमार जैसे प्रमुख नाम क्यों अंडरवर्ल्ड के निशाने पर आ गए थे।
बड़े नामों को डराकर अपना दबदबा बनाते थे अंडरवर्ल्ड के लोग
लेखक हुसैन जैदी के साथ यूट्यूब पर बातचीत में बॉलीवुड पर अंडरवर्ल्ड के प्रभाव को याद करते हुए कहा कि अंडरवर्ल्ड की हरकतें अचानक नहीं बल्कि सोची-समझी होती हैं। गैंगस्टर प्रभावशाली हस्तियों को निशाना बनाकर अपना दबदबा कायम करने के लिए डर का इस्तेमाल करते हैं। जब अंडरवर्ल्ड अपनी ताकत दिखाना चाहता है, तो वह राकेश रोशन, सलमान खान और शाहरुख खान जैसे बड़े नामों को निशाना बनाता है। इनमें से कई हस्तियां खुद को असाधारण व्यक्तित्व मानती हैं।
अंडरवर्ल्ड का मकसद सिर्फ पैसा नहीं होता, यह कंट्रोल और सत्ता हासिल करने के बारे में होता है। बड़े सितारों को डरा-धमकाकर वे अपना अधिकार स्थापित करना चाहते हैं। ऋतिक रोशन जैसे अभिनेताओं का जिक्र करते हुए आरजीवी ने कहा कि ऐसे सितारों तक पहुंचना आसान नहीं होता, इसलिए डर एक रणनीति बन जाती है। अगर कोई मना कर देता, तो उनका मकसद एक उदाहरण पेश करना होता था, ‘देखो उसके साथ क्या हुआ; तुम्हारे साथ भी हो सकता है’।
इस वजह से राकेश रोशन पर हुआ था हमला
राम गोपाल वर्मा ने इस भय के माहौल को जनवरी 2000 में राकेश रोशन पर हुए हमले से जोड़ा जो 'कहो ना... प्यार है' की सफलता के तुरंत बाद हुआ था। उन्होंने दावा किया कि गुंडे ऋतिक रोशन की फिल्म की तारीखों पर कंट्रोल चाहते थे, जिसे कथित तौर पर छोटा शकील का समर्थन प्राप्त था। जब राकेश रोशन ने इसका विरोध किया, तो हिंसा भड़क उठी। 21 जनवरी 2000 को बंदूकधारियों ने उनके कार्यालय के बाहर उन पर हमला किया। हालांकि, किस्मत से राकेश रोशन इस घटना में बच गए।
राम गोपाल वर्मा ने 1997 में हुई गुलशन कुमार की हत्या के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि गुलशन की बढ़ती सफलता और प्रभाव ने उन्हें निशाना बनाया होगा, जबकि कंपटेटिव विचार और बाहरी प्रभाव ने भी भूमिका निभाई। रामू के मुताबिक, अबू सलेम जैसे लोगों ने इस काम को अंडरवर्ल्ड में अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने का एक तरीका समझा होगा। गुलशन ने कथित तौर पर जबरन वसूली की मांगों का विरोध किया था और वह आसानी से डरने वाले व्यक्ति नहीं थे।