आखिर क्यों कम फिल्में करना चाहते हैं राजकुमार राव? बेटी पार्वती और पत्नी पत्रलेखा को लेकर कही ये बात
Rajkummar Rao: राजकुमार राव ने बेटी होने के बाद जीवन में आए बदलावों को लेकर बात की। एक्टर ने बताया कि आखिर क्यों साल में सिर्फ दो ही फिल्में करना चाहते हैं…
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राजकुमार राव इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘टोस्टर’ को लेकर सुर्खियों में है। ये फिल्म ओटीटी पर स्ट्रीम कर रही है। वहीं राजकुमार राव अपनी आगामी फिल्म की भी तैयारी में जुटे हैं, जो एक बायोपिक है। इस बीच हाल ही में राजकुमार राव ने अपनी बेटी पार्वती के जन्म के बाद के अपने अनुभव को लेकर बात की। साथ ही उन्होंने पत्रलेखा की भी जमकर तारीफ की।
बेटी का जिक्र होते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है
द राइट एंगल शो में सोनल कालरा से बातचीत करते हुए राजकुमार राव ने कहा कि बेटी के जन्म के बाद से जीवन काफी खूबसूरत हो गया है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई मुझसे पार्वती के बारे में बात करता है, मेरे चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान आ जाती है।
मेरे एक को-एक्टर्स ने मुझसे एक बार पूछा, 'आपकी बेटी का नाम क्या है?' मैंने कहा, 'पार्वती।' उन्होंने कहा, 'क्या आपने गौर किया है कि जब हम अपने बच्चों के बारे में बात करते हैं तो हमारे चेहरे कैसे बदल जाते हैं?' मैंने कहा, 'मैंने तो गौर ही नहीं किया!' पर हां सब कुछ बदल गया है।
हमेशा बेटी के साथ रहना चाहता हूं
राजकुमार राव ने अब अपनी फिल्मों के चयन के पीछे भी बेटी को एक प्रमुख कारण बताया। फिल्मों को चुनने के पीछे भी उनका यही नजरिया है कि बड़ी होकर उनकी बेटी उन्हें कैसे देखेगी। एक्टर ने कहा कि जितना भी समय मुझे मिलता है, मैं उसे देना चाहता हूं। उसके जन्म के बाद मैंने पांच महीने का ब्रेक लिया था।
फिर मैं 'दादा' की शूटिंग के लिए वापस आया। पांच महीने बाद उसे अकेला छोड़कर शूटिंग पर जाना मेरे लिए एक अजीब सा अनुभव था। यह बहुत मुश्किल था। मैं उसके साथ चौबीसों घंटे रहना चाहता हूं। मैं बस उसे एक दिन एक खूबसूरत लड़की बनते देखना चाहता हूं।
साल में सिर्फ दो फिल्में करने की करूंगा कोशिश
अपने अंदर आए बदलावों के बारे में बात करें तो राजकुमार खुद को पहले से ज्यादा संवेदनशील महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं अब जीवन में पहले से भी ज्यादा नरम हो गया हूं। मैंने अब फैसला कर लिया है कि मैं पहले की तुलना में बहुत कम काम करूंगा। मैं साल में सिर्फ दो फिल्में करने की कोशिश करूंगा। अब मैं फिल्मों के चुनाव को लेकर बहुत सावधान रहता हूं। मैं बस खुद को आगे बढ़ाना चाहता हूं और पार्वती, अपनी मां और पत्रलेखा को गर्व महसूस कराना चाहता हूं।