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Piyush Mishra Birthday: अभिनय ही नहीं लेखन में भी माहिर हैं पीयूष, अपनी प्रतिभा से दुनिया को बनाया दीवाना
Sat, 13 Jan 2024 07:25 AM IST
यशी पाल
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: यशी पाल
Updated Sat, 13 Jan 2024 07:25 AM IST
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पीयूष मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला, ब्यूरो
पीयूष मिश्रा हिंदी सिनेमा के ऐसे कलाकार हैं, जो गायन, लेखन, अभिनय सहित सभी कलाओं में निपुण हैं। आज उनकी इन कलाओं का जमाना दीवाना है। पीयूष मिश्रा आज यानी 13 जनवरी को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। दिल्ली से निकलकर मुंबई में अपना करियर बनाने वाले पीयूष मिश्रा ने अभिनय में ही नहीं लेखन में भी एक अलग पहचान बनाई है। तो आइए पीयूष मिश्रा के जन्मदिन पर जानते हैं उनकी फिल्मों और संवाद के बारे में...
परिवार वाले नहीं देते उनकी कला को तवज्जो
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्मे पीयूष मिश्रा के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए वे अपने परिवार के साथ अपनी बुआ के यहां रहते थे। कहा जाता है कि पीयूष की बुआ की कोई संतान नहीं थी, इसलिए उनकी बुआ ने उनको गोद ले लिया था। पीयूष की बचपन से ही कला में रुचि थी, लेकिन उनका परिवार कभी उन्हें कलाकार नहीं मानता था। जिस वजह से वे अपनी बात मनवाने के लिए तरह-तरह के उपाय करते थे। कभी हाथ की नस काट लेते तो कभी खुद को चोट पहुंचाते थे। पीयूष ने 1983 से 1986 तक नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अपना स्नातक पूरा किया।
यह भी पढ़ें: अजय देवगन की फिल्म 'रेड 2' में हुई रितेश देशमुख की एंट्री, विलेन के किरदार में दिखेंगे अभिनेता
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इन फिल्मों में किया अभिनय
पीयूष मिश्रा ने वर्ष 1998 में मणिरत्नम की फिल्म 'दिल से' बतौर अभिनेता अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'गुलाल', 'लाहौर', 'टशन', 'आजा नचले', आदि के तमाम गीत लिखे हैं। इसके अलावा 'मकबूल', 'गुलाल', 'तेरे बिन लादेन', 'लफंगे परिंदे', 'दैट गर्ल इन येलो बूट्स', 'रॉकस्टार', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'तमाशा', 'पिंक', 'संजू' जैसी शानदार फिल्मों में अभिनय किया।
अभिनय ही नहीं लेखन में भी हैं माहिर
पीयूष मिश्रा को बहुमुखी प्रतिभा का धनी कहा जाता है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर के दौरान कई नाटक लिखे, उन पर अभिनय किया। यहां तक की उन्होंने उनका निर्देशन भी किया है। दिलचस्प बात तो, यह रही की पीयूष ने उनमें संगीत भी दिया। उन्होंने 'गजनी', 'लाहौर', 'अग्निपथ', 'द लेजेंड ऑफ भगत सिंह' जैसी फिल्मों के संवाद भी लिखे हैं। पीयूष मिश्रा एक कवि भी हैं। उनकी लिखी कविता कुछ इश्क किया कुछ काम किया खासी मशहूर हुई थी। इसी नाम से उनकी किताब भी है।
यह भी पढ़ें: अनुपम खेर ने पूरी की 'छोटा भीम' की शूटिंग, सेट से तस्वीरें साझा करते हुए लिखा दिल छूने वाला नोट
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परिवार वाले नहीं देते उनकी कला को तवज्जो
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्मे पीयूष मिश्रा के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए वे अपने परिवार के साथ अपनी बुआ के यहां रहते थे। कहा जाता है कि पीयूष की बुआ की कोई संतान नहीं थी, इसलिए उनकी बुआ ने उनको गोद ले लिया था। पीयूष की बचपन से ही कला में रुचि थी, लेकिन उनका परिवार कभी उन्हें कलाकार नहीं मानता था। जिस वजह से वे अपनी बात मनवाने के लिए तरह-तरह के उपाय करते थे। कभी हाथ की नस काट लेते तो कभी खुद को चोट पहुंचाते थे। पीयूष ने 1983 से 1986 तक नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अपना स्नातक पूरा किया।
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इन फिल्मों में किया अभिनय
पीयूष मिश्रा ने वर्ष 1998 में मणिरत्नम की फिल्म 'दिल से' बतौर अभिनेता अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'गुलाल', 'लाहौर', 'टशन', 'आजा नचले', आदि के तमाम गीत लिखे हैं। इसके अलावा 'मकबूल', 'गुलाल', 'तेरे बिन लादेन', 'लफंगे परिंदे', 'दैट गर्ल इन येलो बूट्स', 'रॉकस्टार', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'तमाशा', 'पिंक', 'संजू' जैसी शानदार फिल्मों में अभिनय किया।
अभिनय ही नहीं लेखन में भी हैं माहिर
पीयूष मिश्रा को बहुमुखी प्रतिभा का धनी कहा जाता है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर के दौरान कई नाटक लिखे, उन पर अभिनय किया। यहां तक की उन्होंने उनका निर्देशन भी किया है। दिलचस्प बात तो, यह रही की पीयूष ने उनमें संगीत भी दिया। उन्होंने 'गजनी', 'लाहौर', 'अग्निपथ', 'द लेजेंड ऑफ भगत सिंह' जैसी फिल्मों के संवाद भी लिखे हैं। पीयूष मिश्रा एक कवि भी हैं। उनकी लिखी कविता कुछ इश्क किया कुछ काम किया खासी मशहूर हुई थी। इसी नाम से उनकी किताब भी है।
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