Phule: 'फिल्म इतिहास को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं पेश करती', विवाद के बीच निर्देशक अनंत महादेवन ने किया 'फुले' का बचाव
Phule Row: निर्देशक अनंत महादेवन ने अपनी फिल्म 'फुले' में जाति-भेदभाव के चित्रण के खिलाफ उठाई गई आपत्तियों के बारे में बात की। फिल्म निर्माता ने कहा कि भेदभाव के खिलाफ भारत की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
विस्तार
निर्देशक अनंत महादेवन की हालिया फिल्म 'फुले' पर विवाद गर्माया हुआ है। निर्देशक की फिल्म ने दर्शकों के एक वर्ग को परेशान कर दिया है। अब अनंत ने विवाद के बारे में बात की। हाल ही में एक साक्षात्कार में निर्देशक ने उन मुद्दों के अस्तित्व के बारे में बात की, जिन्हें उनकी फिल्म पेश करती है- जाति और लिंग भेदभाव।
फिल्म के विषय-वस्तु पर हो रहा विवाद
प्रतीक गांधी और पत्रलेखा अभिनीत 'फुले' में इस कपल की जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ लड़ाई को दिखाया गया है, ताकि महिलाओं के लिए शिक्षा के समान अधिकार की मांग की जा सके। कुछ ब्राह्मण समूहों ने फिल्म की विषय-वस्तु पर आपत्ति जताई है, जिसके कारण इसकी रिलीज स्थगित कर दी गई है। पुणे टाइम्स से बात करते हुए महादेवन ने जवाब दिया कि क्या उन्हें लगता है कि इस मुद्दे का कोई समाधान हो सकता है।
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विवाद पर निर्देशक ने दी प्रतिक्रिया
उन्होंने कहा, 'मुझे ऐसा नहीं लगता। भविष्य में भी नहीं, क्योंकि हम एक इममैच्योर समाज हैं। यह या तो कुछ उकसावों या किसी और कारण से सामने आता है, लेकिन ऐसा लगता है कि हमने प्रगति नहीं की है। वास्तव में, हम कई मायनों में पीछे चले गए हैं, बावजूद इसके कि ज्योतिबा और सावित्रीबाई ने महिलाओं की शिक्षा और स्वतंत्रता जैसी कई चीजों के लिए लड़ाई लड़ी, जो हासिल हुई हैं।'
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फिल्म में बदलाव करने पर क्या बोले निर्देशक
महादेवन ने फिल्म में बताए गए बदलावों के बारे में अपने विचार साझा करते हुए कहा, 'एक फिल्म निर्माता के रूप में, मैं नहीं चाहूंगा कि मेरी फिल्म को ऐसे महत्वहीन बदलावों से छुआ जाए। मुझे समझ में नहीं आता कि हम इस बात को लेकर इतने घबराए हुए क्यों हैं कि लोग कैसी प्रतिक्रिया देंगे या वे कितने संवेदनशील हैं। मुझे लगता है कि हमें दर्शकों की भावनाओं और संवेदनाओं का सम्मान करना चाहिए।'