द माइंड दैट मैटर्स: महिलाओं से भेदभाव के खिलाफ संघर्ष और सफलता की कहानी बयां करती है यह डॉक्यूमेंट्री
'पायल चावला: द माइंड दैट मैटर्स' एक शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री है, जिसके निर्माता अजय चिटनिस हैं। यह कहानी महिलाओं से खासकर गर्भावस्था के दौरान होने वाले भेदभाव पर केंद्रित है।
विस्तार
पायल चावला देश की जानी-मानी वकील हैं। आज की तारीख में उनकी कामयाबी की मिसाल दी जाती है, लेकिन उनका सफर आसान नहीं था। डॉक्यूमेंट्री 'पायल चावला : द माइंड दैड मैटर्स' में पायल की जिंदगी के इसी संघर्ष को बयां किया गया है। यह डॉक्यूमेंट्री अजय चिटनिस ने बनाई है। जानी-मानी मॉडल, अभिनेत्री और मिसेज वर्ल्ड रह चुकीं डॉ. अदिति गोवित्रिकर ने इसमें मुख्य किरदार अदा किया है।
पहले डॉक्यूमेंट्री के बारे में जानते हैं
'पायल चावला : द माइंड दैड मैटर्स' एक ऐसी महिला की कहानी है, जिसने जिंदगी में साजिश और तकलीफ को बराबरी से झेला। कहानी में साफ तौर पर दिखाया गया कि देश में महिलाओं और प्रेग्नेंसी को लेकर लोगों की सोच आज भी कितनी खराब है। अपनी शादी के बाद पायल को एहसास हुआ कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को किस तरह से भेदभाव का सामना करना पड़ता है। पायल को कार्यस्थल पर भेदभाव का शिकार होना पड़ा। सिर्फ प्रेग्नेंसी की वजह से उन्हें कई बोर्ड मीटिंग से दूर रखा गया। पायल की जिंदगी में तमाम उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने अपने अंदर की आग को कभी बुझने नहीं दिया और कामयाबी हासिल करके ही दम लिया। यह डॉक्यूमेंट्री संघर्ष की इसी कहानी को बयां करती है।
पायल चावला जानी मानी वकील हैं
पायल चावला सेंट स्टीफंस कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई कर चुकी हैं। वे रंगमंच भी कर चुकी हैं और तैराकी में उन्होंने कई पदक जीते हैं। वे शिकागो यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप हासिल कर चुकी हैं। कानून की पढ़ाई के बाद वे भारत लौटीं और एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में उन्होंने काम किया। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने juscontractus नाम से लॉ स्टार्टअप शुरू किया।
कई फिल्म फेस्टिवल में हुई स्क्रीनिंग
अजय चिटनिस अब तक अलग-अलग मसलों पर 70 से ज्यादा डॉक्यूमेंट्री बना चुके हैं। फिलहाल, अजय अपनी नई डॉक्यूमेंट्री पायल चावला 'द माइंड दैड मैटर्स' को लेकर सुर्खियों में हैं। अजय तपस्या प्रॉडक्शन के प्रबंधक निदेशक हैं। बता दें कि यह डॉक्यूमेंट्री देशभर में काफी ज्यादा पसंद की गई और इसकी काफी तारीफ हो रही है। इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग कई प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल, विश्वविद्यालयों और बेंगलुरु, कोलकाता, नोएडा और दिल्ली में हुए फिल्म फेस्टिवल में की जा चुकी है।
नौकरी छोड़कर प्रोडक्शन की दुनिया में आए अजय
अजय कहते हैं, 'मैंने बी. कॉम, एलएलबी और बिजनेस मैनेजमेंट किया। वहीं, सीएस करने के बाद मैं बतौर कंपनी सेक्रेटरी जॉब करने लगा। दरअसल, मेरे पिता बैंक में थे। ऐसे में उनके तबादलों की वजह से मैं देश में जगह-जगह घूमा। अलग-अलग संस्कृतियों, रीति-रिवाजों और भाषाओं से रूबरू हुआ। खासतौर पर मैं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में रहा। इस पूरे सफर के दौरान बचपन से ही सिनेमा ने मुझे प्रभावित किया। यकीन मानिए कि मैंने हमेशा सिनेमा की दुनिया में ही कुछ करने का सपना देखा।'
अजय बताते हैं, 'अपने सपने को पूरा करने के लिए मैंने मुंबई की शानदार नौकरी छोड़ दी और डायरेक्शन-प्रॉडक्शन की दुनिया में उतरने का फैसला कर लिया। मेरी जिंदगी का फलसफा यही रहा कि जो मैंने सीखा, उसके लिए कभी प्रैक्टिस करने की जरूरत नहीं पड़ी। वहीं, जिन चीजों के लिए प्रैक्टिस की, उनसे कभी सीख नहीं पाया।'
इस वीडियो ने दिलाई पहचान
अजय चिटनिस के लिए सबसे अहम कदम साल 2000 के दौरान रहा। दरअसल, उस दौरान मैंने 'दमा दम मस्त कलंदर' वीडियो प्रॉड्यूस किया था। 2013 में उन्होंने 'ट्रेलब्लेजर्स' की शुरुआत की, जिसके 75 एपिसोड बनाए गए। इस सीरीज के तहत राम जेठमलानी, ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता, जिओनी इंडिया के एमडी अरविंद वोहरा, अन्ना हजारे आदि शख्सियतों के बारे में बताया गया।'