Pt. Jasraj: पंडित जसराज ने की थीं नई जुगलबंदियां और रागों की रचना, शास्त्रीय संगीतकार पर रखा गया ग्रह का नाम
Pt. Jasraj: पंडित जसराज ने की थीं नई जुगलबंदियां और रागों की रचना, शास्त्रीय संगीतकार पर रखा गया ग्रह का नाम
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भारतीय शास्त्रीय संगीत के पुरोधाओं में शुमार प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज की आज 95वीं जयंती है। पंडित जसराज का सबसे बड़ा योगदान शास्त्रीय संगीत को जनता के लिए सरल और सहज बनाना रहा जिससे उसकी लोकप्रियता बढ़ी। उन्होंने ख्याल गायकी में ठुमरी का पुट डाला, जो सुनने वालों के कानों में मिसरी घोल जाता था। वह बंदिश भी अपने जसरंगी अंदाज में गाते थे। चलिए आज उनकी जयंती के मौके पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें...
नई जुगलबंदियां और रागों की रचना
28 जनवरी 1930 को हरियाणा के हिसार में जन्मे मेवाती घराने के अग्रणी गायक पंडित जसराज ने शास्त्रीय संगीत के ज्ञाता होने साथ पंडित जसराज ने अर्ध शास्त्रीय शैली जैसे हवेली संगीत को भी लोकप्रिय बनाया। उन्होंने मंदिरों में भजन गाए और उनके गाए कृष्ण भजन खासकर ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ दुनिया भर में लोकप्रिय हुए। उन्होंने नई तरह की जु्गलबंदी ‘जसरंगी’ भी रची और 'अबीरी तोड़ी' व 'पटदीपकी' जैसे नए रागों का निर्माण किया।
शास्त्रीय संगीतकार होने के बावजूद उन्हें नए दौर के संगीत से गुरेज नहीं था। वह दुनिया भर का संगीत सुनते थे और सराहते थे। जगजीत सिंह की गजल ‘सरकती जाए रुख से नकाब’ उनकी पसंदीदा थी और कहते हैं कि एक बार दिन भर में वह सौ बार इसे सुन गए थे। भारत, कनाडा, अमेरिका समेत दुनिया भर में संगीत सिखाने वाले पंडित जसराज खुद अपने शिष्यों से सीखने को लालायित रहते थे।
जसराज के ऊपर ग्रह का नाम
पंडित जसराज ने आठ दशक से अधिक के अपने सुनहरे सफर में यूं तो कई सम्मान और पुरस्कार हासिल किए, लेकिन साल 2019 में इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन (IAU) ने अगस्त में सौरमंडल में एक छोटे ग्रह का नाम उनके नाम पर रखा। सितंबर 2019 में सौरमंडल में एक ग्रह का नाम उनके नाम पर रखा गया था। इंटरनेशनल एस्ट्रोनामिकल यूनियन :आईएयू: ने 'माइनर प्लेनेट' 2006 वीपी 32 (नंबर 300128) का नामकरण पंडित जसराज के नाम पर किया था, जिसकी खोज 11 नवंबर 2006 को की गई थी। यह सम्मान पाने वाले वह पहले भारतीय कलाकार बने। उनसे पहले सिर्फ मोजार्ट, बीथोवन और टेनर लूसियानो पावारोत्ति को यह सम्मान मिला था। उन्होंने इस बारे में कहा था, मुझे तो ईश्वर की असीम कृपा दिखती है। सूर्य की प्रदक्षिणा कर रहा है यह ग्रह। भारत और भारतीय संगीत के लिए ईश्वर का आशीर्वाद है।