फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Pakistani cinemas Groan in a week

हफ्ते भर में कराह उठे पाकिस्तानी सिनेमाघर

Fri, 07 Oct 2016 12:05 AM IST
रवि बुले/अमर उजाला, मुंबई
रवि बुले/अमर उजाला, मुंबई Updated Fri, 07 Oct 2016 12:05 AM IST
विज्ञापन
Pakistani cinemas Groan in a week

बॉलीवुड फिल्मों का प्रदर्शन बंद करने के हफ्ते भर के भीतर पाकिस्तानी सिनेमाघर कराह उठे हैं। इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इंपा) द्वारा पाकिस्तानी कलाकारों के बॉलीवुड में काम करने पर रोक लगाने के बाद वहां के सिनेमाघरों में पिंक, बैंजो, बार बार देखो और मोहेंजो दारो का प्रदर्शन तत्काल रोक दिया गया था। एमएस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी को बैन कर दिया गया था। मगर एक ही हफ्ते में पाकिस्तानी थियेटर मालिक परेशान हैं।

विज्ञापन


पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक सवाल है कि सिनेमाघरों में क्या लगाएं? पाकिस्तानी सिनेमाघरों की एक प्रमुख चेन सुपर सिनेमा ने पिछले साल की पाकिस्तानी और कुछ हॉलीवुड फिल्में लगाईं, मगर दर्शक नहीं पहुंच रहे। कराची और लाहौर जैसे मैट्रो शहरों समेत अन्य जगहों पर भी सिनेमाघरों का बिजनेस चरमराने लगा है।
विज्ञापन


सिनेमाघरों से जुड़े कर्मचारियों के बयानों से साफ है कि बॉलीवुड फिल्मों को बैन करने वाले सिनेमाघर मालिक पछता रहे हैं। उन्हें डर है कि हालात लंबे खिंचे तो धंधा चौपट हो सकता है। पाकिस्तानी सिनेमाघरों का 60 फीसदी से ज्यादा बिजनेस बॉलीवुड फिल्मों से होता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पाकिस्तान में सालाना 15-20 फिल्में बनती हैं

Pakistani cinemas Groan in a week

पाकिस्तान में सालाना 15-20 फिल्में बनती हैं। इस साल केवल छह पाकिस्तानी फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें से तीन फ्लॉप रहीं। कुछ लोग कह रहे हैं कि पाकिस्तानी सिनेमाघरों पर पड़े खराब असर का इतनी जल्दी आकलन ठीक नहीं है, परंतु वे सहमत हैं कि बॉलीवुड फिल्मों को बैन करने का खामियाजा टॉकीजों को उठाना पड़ेगा। जानकार कहते हैं कि यह स्थिति कुछ महीनों तक खिंची तो 80 फीसदी मल्टीप्लेक्स बंद हो सकते हैं।

खतरा पायरेसी का
-बॉलीवुड फिल्मों को बैन करने के बाद पाकिस्तान में इनकी पायरेसी का खतरा बढ़ गया है। यह खबर आर्थिक मुश्किलें उठा रहे बॉलीवुड के लिए भी अच्छी नहीं है। भारतीय फिल्में सीधे पाकिस्तान नहीं जातीं। वह भारत से दुबई निर्यात होती हैं और वहां से पाकिस्तान जाती हैं। हर साल पाकिस्तान में 50 से 60 भारतीय फिल्में रिलीज होती हैं। 

पाकिस्तान दुनिया भर की फिल्मों की पायरेसी का बड़ा अड्डा है। जानकारों के अनुसार जब वहां थियेटरों में बॉलीवुड फिल्में नहीं लगेंगी तो स्वाभाविक है कि पायरेसी की मांग बढ़ेगी। पाकिस्तान में मौजूद अंडरवर्ल्ड के लिए पायरेसी बड़े मुनाफे का कारोबार है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed