Actress Nutan: जब नूतन का बोल्ड अंदाज देख चौंक गए दर्शक, जानिए किन-किन फिल्मों में निभाए यादगार किरदार
निर्देशक कुमारसेन समर्थ और अभिनेत्री शोभना समर्थ की बेटी थीं अदाकारा नूतन। अपने एक्टिंग करियर में नूतन ने एक से बढ़कर एक उम्दा किरदार निभाए। वह किरदारों में ढल जाने वाली एक बेहतरीन अदाकारा थीं। आज अभिनेत्री नूतन की पुण्यतिथि (21 फरवरी 1991) है। इस मौके पर जानिए, नूतन की कुछ चर्चित फिल्मों और उनके किरदारों के बारे में।
विस्तार
नूतन ने अपने करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार फिल्म ‘नल दमयंती’ से की थी। आगे चलकर नूतन ने फिल्मों में मुख्य नायिका के रोल किए। नूतन इतनी शिद्दत से अपने किरदार निभाती थीं दर्शक बस उन्हें देखते ही रह जाते थे, उनकी तारीफ करते नहीं थकते थे। जानिए, नूतन की ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में, जिनमें उनके किरदारों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
सुजाता
फिल्म ‘सुजाता (1959)’ छुआछात की समस्या के ईद-गिर्द बुनी गई एक प्रेम कहानी है। इस फिल्म में एक अछूत महिला सुजाता के रोल में नूतन नजर आई थीं। फिल्म में सुजाता की पीड़ा को उन्होंने बहुत ही उम्दा तरीके से पर्दे पर उकेरा था। इस फिल्म के लिए नूतन को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था।
दिल्ली का ठग
फिल्म ‘दिल्ली का ठग(1958)’ में नूतन ने किशोर कुमार के साथ अभिनय किया था। इस फिल्म में वह एक तैराक आशा के रोल में नजर आईं। फिल्म में जब नूतन की एंट्री होती है तो वह एक स्विमिंग कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेती हुई नजर आती हैं। ऐसे में इस सीन में नूतन की एंट्री स्विम सूट में होती है। इस सीन ने 50 के दशक में दर्शकों के बीच तहलका ही मचा दिया था। नूतन का बोल्ड अंदाज देखकर दर्शक हैरान रह गए थे।
बंदिनी
साल 1963 में फिल्म ‘बंदिनी’ में नूतन ने कल्याणी नाम की महिला का किरदार निभाया था। यह एक दर्द भरी प्रेम कहानी वाली फिल्म थी। फिल्म में कल्याणी एक खून के इल्जाम में जेल में है। वहां एक जेल के डॉक्टर (धर्मेंद्र) को उससे प्रेम हो जाता है। लेकिन कल्याणी डॉक्टर के प्रेम को नहीं स्वीकारती है, दरअसल, अतीत में वह किसी और व्यक्ति से प्रेम करती थी। इस फिल्म में नूतन पर कई गीत फिल्माए गए जो आज भी बहुत चर्चित है, इन्हीं में एक गीत ‘ओ मेरे मांझी’ भी शामिल है।
पेइंग गेस्ट
1957 में रिलीज हुई देव आनंद की फिल्म ‘पेइंग गेस्ट’ में नूतन ने शांति का किरदार निभाया। यह एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी। जहां नूतन गंभीर किरदारों को बखूबी निभा लेती थीं, वहीं ‘पेइंग गेस्ट’ में उन्होंने रोमांस के साथ कॉमेडी भी की। इस फिल्म में शांति के रोल में दर्शकों ने उन्हें काफी पसंद किया।

सुनील दत्त के साथ 1965 में ‘खानदान’ और 1967 में फिल्म ‘मिलन’ में नूतन नजर आईं, दोनों ही फिल्मों में उन्होंने राधा नाम की लड़की का रोल किया। दोनों ही फिल्म अलग-अलग जॉनर की थीं। लेकिन सुनील दत्त और नूतन की जोड़ी को पर्दे पर काफी पसंद किया गया। वहीं ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की (1978)’ और सौदागर (1973) में भी नूतन ने यादगार किरदार निभाए।