मेरी कमजोरी ही मेरी ताकत है: नवाजुद्दीन
फर्राटेदार अंग्रेजी और 6 पैक एब्स वाले बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के बीच साधारण चेहरे वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी कम-से-कम हिंदी फिल्मों के हीरो तो नहीं लगते। लेकिन नवाजुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि,'मेरी यही कमजोरी मुझे आम आदमी का हीरो बनाती है।'
आम आदमी उनमें अपना अक्स तलाशता है और यही कोशिश उनकी सफलता का राज है।नवाजुद्दीन ने मांझी, रमन, अली, फैजल, चांद नवाब जैसे आम किरदारों को अपने टैलेंट से खास बना दिया। इस बारे में बीबीसी से बात करते हुए नवाज के कहते हैं कि,'इस तरह के किरदारों को जीने के लिए उनकी आत्मा में घुसना पडता है। ट्रांसफॉर्मेशन की यह प्रक्रिया काफी जटिल और थकाऊ होती है। लेकिन जैसे ही यह सारे किरदार परदे पर जीवंत होते हैं मैं अपनी सारी थकान भूल जाता हूं।'
परदे पर हिंदी में डायलॉग बोलकर स्टार बने अभिनेता ऑफ स्क्रीन सांस भी अंग्रेजी में ही लेते हैं। ऐसे लोगों के बीच नवाज को परेशानी होने जैसे सवाल का जवाब देते हुए नवाज बताते हैं कि,'अंग्रेजी एक भाषा है। समझ में आए तो ठीक और नहीं भी आए तो कोई फर्क नहीं पडता।'
'अंग्रेजी बोलता हूं, तो लोग मजाक उड़ाते हैं'
नवाज के मुताबिक,'मैं लोगों के बीच जब कभी अंग्रेजी बोलता हूं तो लोग मेरा मजाक उडा देते हैं। इसलिए मैं अंग्रेजी नहीं बोलता। लेकिन जब बाहर जाता हूं तो दो-दो घंटे बैठकर अंग्रेजों से इंग्लिश में ही बात करता हूं और वहां कोई मजाक नहीं उडाता।'
नवाज जल्द ही सोहेल खान की फिल्म 'फ्रीकी अली' में नजर आएंगे, जो गोल्फ खेल पर आधारित है। फिल्म के बारे में बात करते हुए नवाज बताते हैं कि,'क्रिकेट के बाद दुनियाभर में गोल्फ खेल सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, फिल्म के जरिए इस खेल के प्रति हमारी छोटी-सी कोशिश कोई भी योगदान देती है, तो हमारे लिए बडी बात होगी।'
गोल्फ खेल के अलावा हमारी फिल्म एक इंस्पायरिंग फिल्म है, जिसमें एक आदमी के जीरो से शुरू होकर गोल्फ चैम्पियन बनने की कहानी है। फिल्म का यही पहलू सामान्य इंसान को हमसे जोडेगा।' खेल की बात करें तो नवाज को केवल पतंग और इश्कबाजी का खेल पसंद है। नवाज के मुताबिक,'मैंने गांव में पतंग उडाते-उडाते खूब इश्कबाजी की है। मेरे ख्याल से पतंगबाजी और इश्कबाजी एक-दूसरे के पूरक हैं।'