Exclusive: अभिनेत्री पूनम झावर ने खास बातचीत में कहा- अक्षय कुमार और परेश रावल के साथ बनाना चाहती हूं फिल्म
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'न कजरे की धार' गाना जब भी कहीं बजता है, तो दर्शकों के जहन में सबसे पहले पूनम झावर का ख्याल आता है। पूनम झावर आज कल फिल्मी परदे से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वो लगातार सक्रिय हैं। फिल्मों में अभिनय के अलावा वो बतौर प्रोड्यूसर भी काम कर चुकी हैं। सुनील शेट्टी से लेकर नाना पाटेकर जैसे कई सितारों के साथ काम कर चुकी पूनम ने अमर उजाला के साथ खास बातचीत की और अपने आगामी प्रोजेक्ट के बारे में बताया।
प्रश्न: मोहरा से आपने अपनी शुरुआत की थी अब तक का फिल्मी परदे का सफर कैसा रहा है आपका, मोहरा के समय का कोई ऐसा किस्सा, जो आप अपने दर्शकों को सुनाना चाहें?
उत्तर: मुझे मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा गाना मोहरा से मिला। मेरे युवावस्था के दिनों में मुझे वो फिल्म मिली और वो बहुत बड़ी सुपरहिट हुई, इसलिए मैं अपने आपको बहुत खुशनसीब मानती हूं कि मेरी शुरुआत मोहरा से हुई 'न कजरे की धार' से। वैसे तो कई ऐसे किस्से हैं जो कई लोगों को नहीं पता हैं। लेकिन एक किस्सा ऐसा है जो मैं साझा करना चाहूंगी। मेरी जो भूमिका थी वो बहुत सीधी और बड़ी भूमिका थी। लेकिन बाद में उसे यादों में फ्लैश-फॉरवर्ड में कर दिया गया। हमारा एक गाना था, ये एक स्लो-रोमांटिक गाना था जहां मुझे सुनील शेट्टी के आगे घोड़े पर बैठना था, मैं उस घोड़े से दो बार गिरी थी और उसकी फोटोज आज भी मेरे पास हैं। बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जो हमने शूट की हैं लेकिन वो आज तक लोगों ने देखी नहीं है, वो सिर्फ यादें ही बनकर रह गई हैं। थोड़ी तकलीफ होती है, लेकिन एक निर्देशक को जो अच्छा लगता है जैसी कहानी होती है उस हिसाब से वो बनाते हैं।
प्रश्न: आज भी 'न कजरे की धार' सुनकर लोगों के जहन में सबसे पहला नाम आपका आता है, इसे कितनी बड़ी उपलब्धि आप मानती हैं?
उत्तर: मैं खुद को लकी मानती हूं, क्योंकि आप कई फिल्में कर लें और आपको लोग एक गाने से जाने तो बहुत खुशी होती है। उदाहरण के तौर पर रवीना जी ने जितनी भी फिल्में की हो लोगों के दिमाग में उनका टिप-टिप बरसा पानी ही बजता है। मेरे लिए भी मुझे बहुत अच्छा लगता है कि जब भी मैं आऊं तो बोलते हैं 'न कजरे की धार' अभिनेत्री। ये देश में मेरी एक पहचान है।
प्रश्न: इस फिल्म के बाद लोगों ने काफी उम्मीद की कि आप उन्हें फिल्मों में दिखाई दें, लेकिन आपने परदे से दूरी बना ली कोई खास वजह?
उत्तर: ऐसा आप कह सकते हों, लेकिन मैंने वो फिल्में स्वीकार नहीं की जहां पर मेरे लिए कुछ करने को नहीं था। मैं सिर्फ एक फिल्मी स्ट्रगलर लड़की बनकर काम नहीं करना चाहती थी। मैं मुंबई की हूं अगर फिल्म नहीं तो मेरे पास बहुत रास्ते हैं जिंदगी में कुछ करने के लिए, इसलिए मैं चाहती थी कि मुझे ऐसा रोल मिले जो मुझे अच्छा लगे। तो उस तरह के जो रोल मुझे ऑफर हो रहे थे वो मुझे नहीं पसंद थे। मेरी उम्र के हिसाब से उस वक्त मैं एक फिल्म में साड़ी पहन सकती हूं हर फिल्म में नहीं। उस वक्त मेरी पढ़ाई चल रही थी तो मैंने कुछ चीजों को न भी बोला था और हमारी इंडस्ट्री आपको पता है लोगों को लगता था मुझे काम नहीं करना। लेकिन मैंने उसके बाद बहुत सारी साउथ की फिल्में की जो हिट रही हैं। बहुत नहीं की, लेकिन जो किया अच्छा किया।
प्रश्न: 90 के सिनेमा में अब तक के सिनेमा में आपको क्या लगता है कितना बदलाव आया है?
उत्तर: सिनेमा में तकनीकी रूप से बहुत बदलाव आया है सब कुछ अच्छा है। लेकिन जो रोमांस है जैसे माधुरी की फिल्मों में हुआ करता था मुझे लगता है वो आज की फिल्मों में मिस है। हम अपने समय में ऐसे ही साड़ी पहनकर खड़े हो जाते थे, लेकिन आज तकनीकी चीजों का ध्यान रखा जाता है। लेकिन रोमांस बहुत कम फिल्मों में देखने को मिलता है जैसे शाहरुख खान की फिल्म में या करण जौहर की फिल्म में बाकी में एक्शन बहुत अधिक है।
प्रश्न: क्या लोग आज भी आपको 'न कजरे की धार' वाली अभिनेत्री कहते हैं जब आप कहीं जाती हैं तो?
उत्तर: आज भी जब मैं बहुत सारे शोज और इवेंट करती हूं तो मेरा परिचय ही 'ना कजरे की धार' वाली लड़की से होता है। आज भी जब लोग मुझे जानते पहचानते हैं तो वो ओह माय गॉड की साध्वी मां भी जानते हैं और न कजरे की धार लड़की के नाम से भी जानते हैं।
प्रश्न: आपने कहा कि आप निर्देशक भी बनना चाहती हैं, तो वो कौन सा अभिनेता है जिसे आप फिल्म में कास्ट करेगी?
उत्तर: मैं अक्षय कुमार को लेकर फिल्म बनाना चाहूंगी क्योंकि वो अपने निर्देशक के ऊपर विश्वास करते हैं। वो निर्देशक के हिसाब से काम करते हैं ये मैंने उनके साथ काम करके जाना है। इसके अलावा मैं चाहूंगी कि परेश रावल भी मेरी फिल्म में हो क्योंकि वो अच्छे अभिनेता हैं वो बहुत सरल हैं निर्देशक को परेशान नहीं करते हैं। इसलिए मैं चाहूंगी मैं जब भी फिल्म बनाऊं ये मेरी फिल्म में हों। मैं फिल्म में एक किरदार तो निभाऊंगी ताकि दर्शक मेरे अभिनय को देख सकें। लेकिन उस वक्त अभिनेत्री जो रोल में फिट बैठेगी उसे लूंगी।
प्रश्न: ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कोई ऐसी सीरीज है जो आपकी पसंदीदा हो?
उत्तर: हां जो किरदार शैफाली शाह ने दिल्ली क्राइम में निभाया था उस तरह की भूमिका मैं करना चाहती हूं, इसके अलावा लस्ट स्टोरी में जिस तरह का ग्लैमर दिखाया गया है वो किरदार करने में मुझे कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कुछ फिल्मों में जबरदस्ती का ग्लैमर भरा जाता है, उसे मैं प्रमोट नहीं करती। मेरी ओटीटी सीरीज में ग्लैमर पार्ट जरूर होगा लेकिन ऐसे की लोग उसको पसंद करेंगे।
प्रश्न: क्या आप कभी ट्रोलिंग का शिकार हुईं हैं?
उत्तर: मैं कभी ट्रोलिंग का शिकार नहीं हुई। मुझे लगता है हर इंसान प्रतिभाशली है। अगर आप किसी को उल्टा बोलेंगे तो लोग आपको भी बोलेंगे। अगर आपने एक प्रशंसक के रूप में मुझे कुछ लिखा है तो मैं यही कोशिश करती हूं कि लोगों को प्यार से उसका जवाब दूं। मेरे सोशल मीडिया पर बहुत प्रशंसक हैं। 90 प्रतिशत मेरे कमेंट्स अच्छे ही होते हैं। मैं सोशल मीडिया को बहुत ज्यादा दिमाग पर हावी नहीं होने देती। लेकिन मुझे लगता है ये एक रास्ता है जहां हम अपने प्रशंसकों के साथ जुड़े रह सकते हैं। मुझे बस ये अच्छा नहीं लगता कि कुछ लोग सोशल मीडिया का फायदा उठाते हैं। किसी के साथ क्या हो जाता है। उसका नुकसान भी है। लेकिन लोगों से आप जुड़ सकते हैं, फिल्में प्रमोट कर सकते हैं। तो ये भी अच्छी है।
प्रश्न: नाना पाटेकर के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा था ?
उत्तर: मैंने जब नाना पाटेकर के साथ फिल्म बनाई थी उस समय मैं सबसे युवा निर्माता थी हमारी इंडस्ट्री की। मेरे लिए वो फिल्म एक चुनौती थी क्योंकि मुझे लगा ही नहीं था निर्माता के रूप में मैं काम कर सकती हूं, लेकिन उस फिल्म ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। जब मैंने उस एक्शन फिल्म का कंसेप्ट सोचा था क्योंकि उस समय लोगों को अधिकतर एक्शन फिल्में ही पसंद आती थी। उस वक्त मेरे जहन में सिर्फ दो नाम आए थे नाना पाटेकर और परेश रावल। इनसे मजबूत कलाकार नहीं हो सकते। मैं जब नाना के पास गई तो उन्होंने दो मिनट तक देखकर मुझसे पूछा कि तुम प्रोड्यूस करोगी फिल्म तो मैंने हां कहा। दो तीन दिन उन्होंने बुलाया और उसके बाद उन्होंने एक मोटी फीस बोल दी। उन्हें लगा मैं वापस नहीं आऊंगी, लेकिन मैं अगले दिन पैसे लेकर गई। उन्होंने काफी दिनों तक चेक नहीं डाला था क्योंकि उन्हें लगा मैं मजाक कर रही हूं, लेकिन मैंने जब उन्हें बताया कि मैं सीरियस हूं तब उन्होंने चेक डाला और हमारी शुरुआत हुई। उस वक्त जो भी मेरी फिल्म में कास्ट थी आज वो सफल है और बड़े-बड़े रोल कर रहे हैं। उस फिल्म में मैं ने वैजयंती माला जी के बेटे को भी कास्ट किया था। मेरे लिए वो फिल्म एक मील का पत्थर है
प्रश्न: आपकी आगामी फिल्में क्या हैं?
उत्तर: आप मुझे बहुत ही जल्द दो फिल्मों में देखेंगे। वो जल्द ही शुरू होंगी। मैंने हमेशा सोचा है कि मैं बतौर अभिनेत्री अच्छी फिल्मों में काम करती रहूंगी। प्रोड्यूसर के साथ-साथ मैं अभिनय करती रहूंगी। लेकिन ये सब मैं ओटीटी प्लेटफॉर्म पर करूंगी क्योंकि फिल्मों वाला चक्कर अब मुझे लगता नहीं है 2-3 साल तक होगा।