अपने अंतिम समय में भी गाने का रिहर्सल कर रहे थे मोहम्मद रफी, अस्पताल भी नहीं पहुंचे; बेटे ने याद किया भावुक पल
Mohammed Rafi Last Moment: मोहम्मद रफी के बेटे ने दिग्गज गायक के अंतिम क्षणों को याद किया। साथ ही उनके आखिरी गाने के बारे में भी बताया। जानिए क्या कुछ कहा…
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दिग्गज गायक मोहम्मद रफी को भारतीय संगीत जगत की सबसे बड़ी धरोहर माना जाता है। उन्होंने अपनी आवाज में हिंदी सिनेमा को न जाने कितने यादगार नगमे दिए हैं। हाल ही में उनके बेटे शाहिद रफी ने रफी साहब के अंतिम गाने और अंतिम दिनों को याद करते हुए एक किस्सा साझा किया।
रफी साहब के अंतिम क्षणों को किया याद
शाहिद रफी रियलिटी शो इंडियन आइडल के हालिया विषेष एपिसोड में पहुंचे। इस दौरान मोहम्मद रफी को एपिसोड में ट्रिब्यूट दिया गया। जहां शाहिद ने अपने पिता को याद करते हुए उनसे जुड़ा एक किस्सा सुनाया।
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कंटेस्टेंट तनिष्क शुक्ला की ‘तेरे आने की आस है दोस्त’ गाने पर परफॉर्मेंस के बाद शाहिद रफी भावुक हो गए। उन्होंने अपने पिता के आखिरी दिनों और उनके अंतिम क्षणों में घटी घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि पिता ने अपनी मृत्यु से कुछ समय पहले ही अपना आखिरी गाना रिकॉर्ड किया था। तबीयत ठीक न होने के बावजूद रफी साहब रिहर्सल में भी शामिल हुए थे।
रिहर्सल के समय उठा सीने में दर्द, अस्पताल पहुंचने से पहले हो गई मौत
शाहिद ने पिता के आखिरी गाने और अंतिम क्षणों को याद करते हुए बताया कि 1981 में आई फिल्म ‘आस पास’ का गाना ‘तेरे आने की आस है दोस्त’ रफी साहब का आखिरी गाना था। इसे लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था।
इस गाने की रिकॉर्डिंग के दो दिन के बाद ही पिताजी का निधन हो गया। उन्होंने उस दिन भी रिहर्सल किया था। वो रिहर्सल के लिए गए थे और रिहर्सल होने के समय पर भी उनके सीने में दर्द उठा था। उन्होंने अलमारी से उठकर अपनी दवा ली।
लेकिन मां को शक हुआ तो उन्होंने कहा कि डॉक्टर को बुलाओ। तुरंत ही डॉक्टर आए। इस दौरान माहिम से बॉम्बे अस्पताल जाने के बीच में ही डैड को एम्बुलेंस में ही तीन अटैक आए। इसके बाद अधिकतम पांच मिनट बाद ही डॉक्टर ने कहा दिया कि अफसोस, अब वो नहीं रहे।
शो पर रफी और मुकेश को दी गई श्रद्धांजलि
इंडियन आइडल के इस एपिसोड में मोहम्मद रफी और मुकेश के गीतों को श्रद्धांजलि दी गई। इस एपिसोड में मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद रफी और मुकेश के बेटे नितिन मुकेश अतिथि के रूप में शामिल हुए। साथ ही दिग्गज संगीतकार प्यारेलाल शर्मा भी अतिथि के रूप में उपस्थित थे। प्रतियोगियों ने हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम युग के गीतों पर प्रस्तुति दी, जिससे दिग्गज गायकों की यादें ताजा हो गईं।