फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Javed Akhtar Defamation Case Kangana Ranaut case transfer petition dismissed in defamation case

Javed Akhtar Defamation Case: कंगना रणौत की याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- नहीं मिले पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के सबूत

Thu, 17 Mar 2022 09:47 PM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निधि पाल Updated Thu, 17 Mar 2022 09:47 PM IST
विज्ञापन
Javed Akhtar Defamation Case Kangana Ranaut case transfer petition dismissed in defamation case
जावेद अख्तर, कंगना रणौत - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

मुंबई की एक सत्र अदालत ने कंगना रणौत के जावेद अख्तर से संबंधित मानहानि मामले को स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उन्हें इस प्रकार के सबूत नहीं मिले हैं जिससे साबित हो कि उनके साथ पक्षपातपूर्णं कार्रवाई की गई है। दरअसल कंगना ने यह दावा किया था कि उनके साथ पक्षपातपूर्णं कार्रवाई की गई है। इसलिए उन्होंने गीतकार जावेद अख्तर द्वारा उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि का मामला अंधेरी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट से किसी अन्य अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की थी।

विज्ञापन


सत्र अदालत ने जावेद अख्तर के खिलाफ अंधेरी अदालत में दायर कंगना की शिकायत को ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया। इससे पहले 9 मार्च को भी कंगना रनौत द्वारा दर्ज की गई दोनों याचिकाओं को दूसरे अतिरिक्त प्रधान और सत्र न्यायाधीश (डिंडोशी) एस एस ओजा ने खारिज कर दिया था। याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने माना कि निष्पक्ष जांच या ट्रायल नहीं होने की आशंका अनुमान के आधार पर काल्पनिक नहीं होनी चाहिए। 
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि यदि ऐसा लगता है कि किसी भी अदालत के सामने निष्पक्ष और बिना किसी पक्षपात के आपराधिक न्याय संभव नहीं है तो वह मामले को दूसरी अदालत में ट्रांसफर कर सकती है। जहां उसे लगता है कि निष्पक्ष और उचित सुनवाई करना अनुकूल है। अदालत ने कहा कि केवल इस आरोप के आधार पर आशंका जाहिर की जाती है कि दिए गए मामले में न्याय नहीं किया जाएगा, यह उचित नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जज ने अपने आदेश में कहा कि बिना किसी पक्षपात के न्याय नहीं होने की आशंका जाहिर करने वाले किसी भी सबूत के आभाव में इस तरह के आवेदन पर विचार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि कंगना रणौत के पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट बिना निष्पक्षता के मामले को निपटा रहे थे। पिछले साल अक्टूबर में, मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) ने अभिनेत्री की इसी तरह की याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने सत्र अदालत के सामने इस आदेश को चुनौती दी थी। हालांकि उनकी पुनरीक्षण याचिका को भी खारिज कर दिया गया था। 

जावेद अख्तर ने नवंबर 2020 में अदालत में एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया गया था कि कंगना रणौत ने एक टीवी इंटरव्यू में उनके खिलाफ मानहानि वाले बयान दिए थे, जिससे कथित तौर पर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा था। इस शिकायत की सुनवाई अंधेरी की मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट कर रही है। गीतकार ने दावा किया है कि पिछले साल जून में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद बॉलीवुड में मौजूद एक 'मंडली' के बारे में बात करते हुए कंगना रणौत ने उनका नाम घसीटा था।


जिसके बाद कंगना रणौत ने जावेद अख्तर के खिलाफ  मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष कथित रुप से जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के लिए एक जवाबी शिकायत भी दर्ज कराई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed