Javed Akhtar: सेट पर हिरोइन के जूते लाते थे जावेद अख्तर, शराब की वजह से टूटी पहली शादी; पढ़ें अनसुने किस्से
Javed Akhtar Birthday: दिग्गज गीतकार, डायलॉग राइटर और स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर आज अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर जानिए उनसे जुड़े कुछ अनसुने किस्से…
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महज 19 साल की उम्र में एक लड़का आंखों में बड़े सपने और दिग्गज निर्माता-निर्देशक गुरु दत्त का असिस्टेंट बनने की उम्मीद से मुंबई पहुंचता है। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। उसके मुंबई पहुंचने के छह महीने के अंदर ही गुरु दत्त का निधन हो जाता है। मशहूर परिवार से आने के बावजूद उसने संघर्ष को चुना और खुद अपना रास्ता तय करने की ठानी। नतीजन काम की तलाश में इधर-उधर भटकता रहा। कई रातें फुटपाथ पर सो कर बिताईं, तो वहीं कई बार मुंबई का चर्चित कमल स्टूडियो सिर रखने का सहारा बना। काफी हाथ-पैर मारने के बाद असिस्टेंट डायरेक्टर का काम मिला, लेकिन काम था हीरो-हीरोइन के कपड़े और जूते लेकर आना। समय के साथ किस्मत बदली और 19 साल का संघर्ष करता ये लड़का एक समय इंडस्ट्री का दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर बन गया। लेकिन अभी एक और करिश्मा बाकी था। शायरी खून में होने के चलते लिखता तो बचपन से ही था। एक दिन फिल्म में गाना लिख दिया। गाना सुपरहिट हो गया और फिर देखते-देखते ये लड़का भारतीय सिनेमा का दिग्गज गीतकार और देश का मशहूर शायर जावेद अख्तर बन गया।
17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में जन्में जावेद अख्तर आज अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। जावेद अख्तर एक मशहूर परिवार से आते हैं। उनके पिता जां निसार अख्तर एक मशहूर शायर थे। यही नहीं उनके दादा मुजतर खैराबादी शायर थे और उनके दादा के बड़े भाई बिस्मिल खैराबादी भी शायर ही थे। जावेद अख्तर ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया। फिर उन्होंने बतौर स्क्रिप्ट राइटर काम किया। सलमान खान के पिता सलीम खान के साथ मिलकर सलीम-जावेद की जोड़ी इंडस्ट्री के स्क्रिप्ट राइटर्स की सबसे बड़ी जोड़ी बनी। जिसने ‘शोले’, ‘दीवार’, ‘डॉन’, ‘दोस्ताना’, ‘त्रिशूल’ और ‘क्रांति’ जैसी कई फिल्में लिखीं। बतौर स्क्रिप्ट राइटर इस जोड़ी की अधिकांश फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रहीं।
इसके बाद साल 1981 में आई फिल्म ‘सिलसिला’ में जावेद अख्तर ने पहली बार गाना लिखा ‘देखा एक ख्वाब’ ये गाना पसंद किया गया। इसके बाद देखते-देखते जावेद अख्तर बॉलीवुड के दिग्गज गीतकार बन गए और उन्होंने न जाने कितने सुपरहिट गानों को शब्द दे डाले। इनमें ‘एक लड़की को देखा’, ‘कल हो न हो’, ‘संदेसे आते हैं’ और ‘कभी अलविदा न कहना’ जैसे कई सुपरहिट गीत शामिल हैं। आज जन्मदिन के मौके पर जानते हैं जावेद अख्तर से जुड़े कुछ अनसुने किस्से।
हीरो-हीरोइन के जूते और कपड़े लाते थे जावेद
मुंबई पहुंचने के बाद काम की तलाश में घूम रहे जावेद अख्तर ने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर भी काम किया। हालांकि, उस वक्त असिस्टेंट डायरेक्टर को ज्यादा सम्मान नहीं मिलता था। एक बार खुद जावेद अख्तर ने बताया था कि मुझे याद है जब मैं असिस्टेंट डायरेक्टर था, तो इस पद की बिल्कुल इज्जत नहीं थी। हमारा काम क्या था? 'मैडम के जूते जल्दी लाओ।' 'हीरो का कोट कहां है?' यही हमारी जिंदगी थी। आज के असिस्टेंट स्टार्स को उनके नाम से बुलाते हैं। जब मैं उन्हें देखता हूं तो डर जाता हूं। असिस्टेंट डायरेक्टर हीरो को उनके नाम से बुला रहे हैं। हम इसकी कभी कल्पना भी नहीं कर सकते थे।’
रेलवे स्टेशन और पार्क में सोकर बिताई रातें
शुरुआती दौर में जावेद अख्तर ने कमाल अमरोही के साथ काम किया। वहां महीने में सिर्फ 50 रुपये कमाए। संघर्ष के दिनों को याद करते हुए जावेद अख्तर ने डॉक्यूमेंट्री 'एंग्री यंग मेन' में बताया कि मैं कुछ दोस्तों के साथ रहता था। रेलवे स्टेशनों, पार्कों, स्टूडियो परिसरों, गलियारों, बेंचों वगैरह में सोता था। कई बार तो मैं दादर से बांद्रा तक पैदल ही जाता था, क्योंकि मेरे पास बस का किराया नहीं होता था। कई बार तो मुझे याद आता था कि मैंने दो दिन से कुछ खाया नहीं है। मैं हमेशा सोचता था कि अगर कभी मेरे बारे में कोई जीवनी लिखी जाए, तो यह एक यादगार पल होगा।
एक बार में 18 बीयर की बोतलें पी जाते थे
जावेद अख्तर किसी वक्त में बहुत ज्यादा शराब पीते थे। अपनी शराब की लत का जिक्र वो कई इंटरव्यूज में भी कर चुके हैं। एक इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने बताया था कि मुझे व्हिस्की से एलर्जी हो गई थी, तो मैंने सोचा कि अब सिर्फ बीयर ही पीनी चाहिए। फिर मैं एक बार में 18 बीयर की बोतलें पी जाता था, लेकिन फिर लगा कि ये पेट फुलाने वाला काम कर रहा हूं, तो बीयर छोड़ दी और रम पीने लगा। यही नहीं उन्हें पीने के लिए किसी साथी की भी जरूरत नहीं थी। वो अकेले ही बैठकर पीते थे। खुद उन्होंने बताया था कि अगर कोई साथ हो तो ठीक है, नहीं तो मैं अकेले भी पी लेता था। मुझे किसी की जरूरत नहीं पड़ती थी।
इस वजह से टूटी पहली शादी
हालांकि, अब जावेद अख्तर को अपनी इस शराब की लत के चलते कई बातों को लेकर पछतावा होता है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, 'मैंने बहुत सारा वक्त बेकार में गंवा दिया। कुछ लोगों से बुरा बर्ताव किया, कुछ को निराश किया। ये बात हमेशा मेरे साथ रहेगी। शराब पीकर मैंने बहुत समय गंवाया।' यही नहीं जावेद अख्तर ने माना था कि उनकी पहली शादी टूटने की बड़ी वजह उनकी शराब की लत थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था, 'मुझे अपनी पहली शादी टूटने का अफसोस है। वो बच सकती थी, लेकिन मेरी गैर-जिम्मेदाराना सोच, शराब की लत, जब आप नशे में होते हैं तो कुछ भी बोल देते हैं, बहस करते हैं ऐसे मुद्दों पर जो बड़े होते ही नहीं। मैंने वो सारी गलतियां की हैं।' हालांकि, अब जावेद अख्तर शराब छोड़ चुके हैं।