Jagapathi Babu: साउथ के 'जग्गू दादा' हैं जगपति बाबू, इस वजह से अजय देवगन के साथ नहीं कर पाए काम
जगपति बाबू का पूरा नाम वीरामचनेनी जगपति चौधरी है। इन का जन्म 12 फरवरी 1962 को मछलीपट्टनम में हुआ।
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साउथ सिनेमा के चर्चित एक्टर जगपति बाबू आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। जगपति बाबू को साउथ का 'जग्गू दादा' कहा जाता है। वह करीब 33 वर्षों से अभिनय की दुनिया में सक्रिय हैं। तीन दशक से अधिक के करियर में जगपति बाबू तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषा की करीब 170 फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा बिखेर चुके हैं। उम्दा काम के लिए उन्हें चार बार फिल्म फेयर अवॉर्ड और सात बार नंदी अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। आइए जानते हैं इनके बारे में...
जगपति बाबू का पूरा नाम वीरामचनेनी जगपति चौधरी है। इन का जन्म 12 फरवरी 1962 को मछलीपट्टनम में हुआ। ये निर्देशक वीबी राजेंद्र प्रसाद के बेटे हैं। जगपति बाबू का पालन पोषण चेन्नई में हुआ। बता दें कि जगपति बाबू ने वर्ष 1989 में फिल्म 'सिम्हा स्वप्न' से साउथ इंडस्ट्री में डेब्यू किया। यह फिल्म उनके पिता ने प्रोड्यूस की थी। वहीं इसका निर्देशन मधुसूदन राव ने किया था। फिल्मों के अलावा जगपति बाबू टीवी शो में भी नजर आ चुके हैं।
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जगपति बाबू को फिल्म 'पेड्रीकम' (1992) से बड़ी पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने गायम, मा अविदा कलेक्टर, मनोहरम, कबड्डी-कबड्डी, थांडवम और पटेल एसआईआर समेत कई हिट फिल्मों में काम किया। सपोर्टिंग रोल और हीरो के रोल के अलावा जगपति बाबू ने फिल्मों में विलेन की भूमिका भी निभाई है। दर्शकों ने उन्हें नेगेटिव रोल में भी खूब प्यार दिया।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्ष साल 2020 में आई अजय देवगन की फिल्म 'तानाजी' के लिए जगपति बाबू को भी अहम रोल ऑफर किया गया था, लेकिन समय न होने की वजह से उन्होंने ये फिल्म छोड़ दी थी। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि उन्हें 45 दिन के लिए शूट करना था, लेकिन किसी बड़े प्रोजेक्ट में बिजी होने की वजह से उन्हें समय नहीं मिल पा रहा था। इसलिए उन्होंने यह फिल्म नहीं की।
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