30 मई से 2019 वर्ल्ड कप का आगाज हो चुका है। कुछ मैच हो चुके हैं जबकि कई मैच बाकी हैं। मैच का फिनाले 14 जुलाई को होगा लेकिन जिस मैच पर पूरे देश की नजरें टिकी होंगी वो है भारत वर्सिज पाकिस्तान। दरअसल पाकिस्तान से बॉलीवुड का भी कनेक्शन रहा है। ऐसे में आपको बताते हैं फिरोज खान के एक बयान का किस्सा। इस बयान के बाद पाकिस्तान में काफी बवाल मचा था।
25 सितंबर 1939 को फिरोज खान का जन्म हुआ था। अफगानिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए एक पठान परिवार में उनका खानदान गजनी का रहने वाला था। उनकी मां ईरानी थीं। फिरोज खान को जनता ने सिर्फ बतौर हीरो ही नहीं बल्कि विलेन के किरदारों में भी काफी पसंद किया।
फिल्मों के अलावा फिरोज अपने बयानों को लेकर भी काफी सुर्खियों में रहते थे। उनकी बेबाकी की वजह से 2006 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने उनके पाकिस्तान में आने पर प्रतिबंध लगा दिया था। बता दें कि फिरोज जब अपने भाई अकबर खान की फिल्म 'ताजमहल' को रिलीज करने लाहौर गए थे तब उन्होंने भारत और पाकिस्तान के मुसलमानों की स्थिति को लेकर टिप्पणी की थी।
दरअसल 2006 में एक कार्यक्रम में फिरोज खान से भारत में मुसलमानों की खराब हालत को लेकर सवाल किया गया था। फिरोज ने अपने जवाब में कहा था, भारत धर्म निरपेक्ष देश है। हमारे यहां मुसलमान प्रगति कर रहे हैं। हमारे राष्ट्रपति मुस्लिम हैं, प्रधानमंत्री सिख हैं। पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर बना था, लेकिन देखिए यहां उनकी कैसी हालत है, एक-दूसरे को मार रहे हैं।'
इसके बाद फिरोज ने कहा था- 'यहां मैं खुद से नहीं आया हूं। मुझे यहां आने के लिए निमंत्रण दिया गया था। हमारी भारतीय फिल्में इतनी प्रभावशाली होती हैं कि आपकी सरकार उसे ज्यादा वक्त के लिए रोक नहीं सकती।' खबरों के मुताबिक उस कार्यक्रम में 1000 के करीब लोग मौजूद थे। तब उनके बयान पर पाकिस्तान में काफी बवाल मचा था। जिस वक्त फिरोज ने ये बातें कहीं, मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री थे और राष्ट्रपति के पद पर एपीजे अब्दुल कलाम थे। गौरतलब है कि 2009 में फिरोज खान का निधन हो गया था।