“तमाम किताबें जो नहीं कर पातीं वह असर एक फिल्म कर जाती है” : राज्यपाल सत्यपाल मलिक
गोवा, मांडवी नदी की मचलती लहरों को यहां गुरुवार की शाम जब सूरज की सुनहरी किरणों ने चूमा तो देश में सिनेमा का सबसे बड़ा मेला भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव अगले साल फिर मिलने के वादे के साथ अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने इस मौके पर कहा कि तमाम किताबें जो काम नहीं कर पातीं, वह एक फिल्म कर जाती है। तीसरी कसम और गंगा जमना जैसी फिल्मों ने उनके व्यक्तित्व को गढ़ने में अहम भूमिका निभाई है।
आठ दिन तक लगे इस मेले के आखिरी दिन फ्रांस और स्विटजरलैंड के संयुक्त प्रयास से बनी फिल्म पार्टिकल्स को स्वर्ण मयूर पुरस्कार यानी सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार देने का ऐलान किया गया। महोत्सव का रजत मयूर पुरस्कार यानी किसी फिल्ममेकर की पहली फिल्म का खिताब रोमानिया की फिल्म मॉन्सटर्स और अल्जीरिया के गृह युद्ध पर बनी फिल्म अबाउ लीला को दिया गया।
भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का ये स्वर्ण जयंती वर्ष रहा और इस खास मौके का जश्न यहां आठ दिन तक चली 200 फिल्मों के प्रदर्शन के साथ मनाया गया। इस दौरान सिनेमा को लेकर तमाम महफिलें जमीं। तमाम बहसें, सवाल जवाब हुए। और, आखिरी दिन सब यहां से यही संदेश लेकर निकले कि सिनेमा जैसा समाज को जोड़ने का साधन आज के समय में दूसरा मिलना मुश्किल है। महोत्सव के समापन में देश विदेश के जिन दिग्गज कलाकारों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, उनमें मशहूर संगीतकार इलय्याराजा, जापानी फिल्मकार तकाशी मीके, भारतीय निर्देशक रमेश सिप्पी व रोहित शेट्टी और मशहूर कलाकार विजय देवराकोंडा, प्रसनजीत चटर्जी और रकुलप्रीत सिंह आदि प्रमुख रहे।
मशहूर कलाकारों कुणाल कपूर और सोनाली कुलकर्णी की मेजबानी में हुए महोत्सव के समापन समारोह में सबसे भावुक क्षण उस समय आया जब मांडवी नदी के किनारे जुटे सिनेमा के सुधी प्रेमियों के बीच महान नर्तक बिरजू महाराज की आवाज गूंजी। स्वर्ण जयंती समाहोर में सिनेमा से जुड़े मशहूर सितारों इल्लयाराजा, मंजू बोराह, प्रेम चोपड़ा, पवन कुमार, अरविंद स्वामी का खास सम्मान किया गया। बिरजू महाराज अपरिहार्य कारणों से समारोह में नहीं पहुंच सके और उनका रिकॉर्डेड संदेश यहां सुनाया गया।
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल पद से स्थानांतरित होकर हाल ही में गोवा के राज्यपाल पद का कार्यभार संभालने वाले सत्यपाल मलिक समापन समारोह के मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने लोगो से क्षमा याचना करते हुए कहा कि वह अभी अभी कश्मीर से आए हैं इसलिए गोवा को ज्यादा समझ नहीं पाए हैं। राज्यपाल ने कहा कि सिनेमा ही एक ऐसी चीज है जो सब पर असर करती है। तमाम किताबें जो काम नहीं कर पातीं, वह एक फिल्म कर जाती है। तीसरी कसम और गंगा जमना जैसी फिल्मों ने उनके व्यक्तित्व को गढ़ने में अहम भूमिका निभाई है।
भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2019 की पुरस्कार सूची
स्वर्ण मयूर पुरस्कार – पार्टिकल्स
रजय मयूर पुरस्कार – मॉन्सटर्स व अबाउ लीला
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – सेउ जॉर्ज
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – उषा जाधव
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक- लिजो जोस पेल्लीसेरी
स्पेशल ज्यूरी पुरस्कार – बैलून, पेमा सेडेन
स्पेशल मेंशन पुरस्कार - हेल्लारो
आईसीएफटी यूनेस्को स्पेशल मेंशन – बहात्तर हूरैन
आईसीएफटी यूनेस्को गांधी मेडल - रवांडा