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भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात मजाक है: करण जौहर

Fri, 22 Jan 2016 01:19 PM IST
Updated Fri, 22 Jan 2016 01:19 PM IST
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freedom of expression in India a 'joke': Karan Johar

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) के आगाज के मौके पर बृहस्पतिवार को फिल्म निर्माता व निर्देशक करण जौहर ने देश के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारे देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पहला और प्रजातंत्र दूसरा मजाक है। जयपुर में परवान चढ़ रही ठंड, नर्म धूप और शास्त्रीय संगीत की तानों के बीच करन जौहर के इस टिप्पणी के बाद इस फेस्टिवल में नामी हस्तियों की ओर से इस तरह की और भी बेबाक टिप्पणियों की संभावना बढ़ गई है।

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जौहर ने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कथित खतरे और लोकतंत्र के बनते-बिगड़ते मिजाज पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हालात ये हैं मैं एक फिल्म में राष्ट्रगान को गमगीन माहौल में फिल्माने की वजह से 14 साल से कानूनी लड़ाई लड़ रहा हूं। यहां हर समय कानूनी नोटिसों और एफआईआर का डर लगा रहता है। जौहर ने खुद पर लिखी किताब ‘ए सूटेबल ब्वॉय’ पर लेखिका शोभा डे और पूनम सक्सेना के साथ बातचीत की।
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इस दौरान उन्होंने खुद के जीवन, फिल्मी दुनिया के हालात, समलैंगिकता और देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि फिल्मों के संवाद और कहानी को जब कानूनी विशेषज्ञों को दिखाते हैं, तो आपत्तियों का ढेर लग जाता है। हम हर जगह लड़ रहे हैं और हम हमेशा सेंसर से लड़ते रहते हैं।

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'फिल्मी दुनिया में एक सच्चा दोस्त मिल जाए'

freedom of expression in India a 'joke': Karan Johar

फिल्मी दुनिया के मौजूदा हालात पर बात करते हुए करन ने कहा कि अब यहां सब कुछ बनावटी हो गया है। कॉरपोरेट कल्चर ने रिश्तों की गर्माहट खत्म कर दी है। आज फिल्मी दुनिया में आपको एक सच्चा दोस्त मिल जाए तो यह बहुत बड़ी बात है।

फेस्टिवल में नामी-गिरामी लेखकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को रस्किन बांड ने अपनी लेखन शैली और उपन्यासों के पात्रों पर बात की। उन्होंने कहा कि मेरे लेखन में पिता के साथ बिताए गए दिनों का असर है।

बुकर पुरस्कार विजेता कनाडाई लेखिका मारग्रेट एटवुड ने कहा कि मजबूत लेखन अंधेरे पर रोशनी डालता है। उन्होंने इस साहित्यिक जमावड़े को लेखकों और पाठकों के लिए एक सेवा करार दिया।

समलैंकिता पर करण ने रखी अपने दिल पर बात

freedom of expression in India a 'joke': Karan Johar

समलैंगिकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए करण ने कहा कि इस पर कानून बनाने से कुछ नहीं होगा। हम तीसरी दुनिया के देश हैं और हमारी कुछ सीमाएं है। जब तक लोगों की सोच में बदलाव नहीं आएगा तब तक कानून या धरने देने से भी कुछ हासिल नहीं होगा।


कॉजोल भी बिखेरेंगी जलवा

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के नौवें संस्करण में बॉलीवुड स्टार काजोल के आने से यह और भी ग्लैमरस हो जाएगा। वह उपन्यास और थ्रिलर लिखने वाले जाने-माने युवा लेखक अश्विन सांघी और उनकी प्रकाशक सुधा सदानंदन से उनके नए उपन्यास सियालकोट सागा पर बातें करेंगी। काजोल काफी पढ़ाकू मानी जाती हैं और यहां सांघी के लिखने के स्टाइल पर उनका बात करना लोगों को काफी रास आएगा।

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