EXCLUSIVE: चोक्ड की हीरोइन सयामी खेर का खुलासा, कैमरा ऑन होने से ठीक पहले सीन बदल देते हैं अनुराग
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चर्चित निर्माता निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म मिर्ज्या से अपनी अभिनय यात्रा शुरू करने वालीं अभिनेत्री सयामी खेर इस बात को लेकर अब तक परेशान रहती हैं कि उन्हें लोग मशहूर अभिनेता अनुपम खेर का रिश्तेदार समझते हैं। इसकी वजह पूछे जाने पर वह बताती हैं, “ये मेरी पहली फिल्म मिर्ज्या के रिलीज के वक्त की बात है और अनुपम खेर को शायद मेरा अभिनय काफी पसंद आया था। तो उन्होंने ट्विटर या फिर कहीं और सोशल मीडिया पर मुझे अपनी बिटिया जैसा मानते हुए कुछ तो मेरे अभिनय की तारीफ कर दी थी और इस तारीफ ने तब से मुझे परेशान कर रखा है।”
सयामी बताती हैं कि खेर उपनाम सिर्फ कश्मीर में ही नहीं बल्कि गुजरात और महाराष्ट्र में भी होते हैं। अपने को संपूर्ण मराठी मुलगी (लड़की) बताते हुए सयामी ने अपनी आने वाली फिल्म चोक्ड – पैसा बोलता है में अपने रोल के बारे में भी ‘अमर उजाला’ को बताया। सयामी कहती हैं, “ये फिल्म अनुराग कश्यप के अब तक के सिनेमा का एक नया अध्याय है। मैंने अपने करियर की दूसरी ही फिल्म में एक मां का रोल किया है तो आप समझ सकते हैं कि इस रोल में किसी अभिनेता के लिए क्या कुछ नहीं होगा। फिल्म नोटबंदी के दिनों की बात करती है और ये भी बात करती है कि जीवन के रंग कैसे और कितनी जल्दी बदलते हैं।”
अनुराग कश्यप को अपनी तरह का अलहदा निर्देशक मानने वालीं सयामी बताती हैं, “अनुराग सर की शूटिंग के वक्त माहौल मेरी पहली फिल्म के माहौल से ठीक उलट रहा। वहां हमने छह महीने वर्कशॉप की थी। यहां हमें कहा गया कि स्क्रिप्ट लेकर सेट पर मत आओ। बस अपना कैरेक्टर याद रखो। यहां हर दिन कुछ नया होता था। अनुराग कश्यप सेट पर आने से ठीक पहले और कभी कभी तो बीच शूटिंग सीन बदल देते हैं। ये उनका फिल्म बनाने का तरीका है और यही शायद उनकी पहचान भी है।”
तो अनुराग कश्यप की इन आदतों से बचने का क्या तरीका होता है फिल्म के कलाकारों के पास? ये पूछे जाने पर सयामी कहती हैं, “मैं और रोशन मैथ्यू चीटिंग करके सेट पर स्क्रिप्ट पढ़ लिया करते थे ताकि समझ में आता रहे कि फिल्म की कहानी में क्या क्या हो चुका है और क्या हो रहा है लेकिन फिर अनुराग सर पकड़ लेते और हमें शूटिंग के वक्त स्क्रिप्ट से दूर ही रहने को कहा जाता।”
सयामी खेर ने ये भी बताया कि फिल्म चोक्ड से पहले वह अनुराग कश्यप से कभी मिली नहीं। उन्होंने अनुराग का सिनेमा तो देखा था और उनके बारे में काफी कुछ सुन भी रखा था। चोक्ड के लिए पहले फोन पर बात हुई और उनके पास फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट भेज दी गई। नोटबंदी के माहौल में एक गृहिणी के किचन में नए पुराने नोटों के बंडल निकलने की इस कहानी में सयामी के काम की अभी से तारीफें हो रही हैं। जिन लोगों ने भी ये फिल्म देख ली है, उनके मुताबिक फिल्म चोक्ड से सयामी खेर को हिंदी सिनेमा में एक अलग मुकाम मिलने वाला है।