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नौकर के किरदार से इस एक्टर को मिली थी पहचान, अशोक कुमार की बेटी को पहली नजर में दे बैठे थे दिल
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 23 Oct 2018 04:31 PM IST
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Deven Verma
- फोटो : twitter
मशहूर कॉमेडियन देवेन वर्मा की 23 अक्तूबर को बर्थ एनिवर्सरी है। देवेन वर्मा आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी दमदार एक्टिंग का लोहा लोग आज भी मानते हैं। देवेन वर्मा ने 42 साल तक बॉलीवुड में काम किया और बाद में एक्टिंग से खुद ही अपने आप को अलग कर लिया। एक इंटरव्यू के दौरान देवेन ने एक्टिंग से किनारा करने की वजह बदलती तहजीब को बताया था। देवेन ने एक्टिंग से तो किनारा कर लिया था लेकिन फिल्मों से अपना जुड़ाव कम नहीं कर पाए थे। इसी वजह से देवेन ने डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर भी फिल्म इंडस्ट्री में योगदान दिया।
बी आर चोपड़ा ने दिया था पहला ब्रेक
देवेन वर्मा मुख्य रूप से गुजरात के रहने वाले थे और बाद में उनका परिवार पुणे शिफ्ट हो गया था। देवेन को शुरुआत से ही एक्टिंग का शौक था। फिल्मों से आने से पहले देवेन एक ड्रामा ग्रुप का हिस्सा थे और स्टेज शोज किया करते थे। देवेन को फिल्म में पहला ब्रेक बी आर चोपड़ा ने दिया था। कहा जाता है कि एक बार देवेन 'नार्थ इंडिया पंजाबी एसोसिएशन' के शो में स्टेज शो कर रहे थे। इस शो को देखने के लिए बी आर चोपड़ा भी आए थे। शो के दौरान ही बी आर चोपड़ा को देवेन इतने भा गए कि उन्होंने देवेन को तुरंत अपनी फिल्म 'ब्रह्मपुत्र' के लिए कास्ट कर लिया।
पहली फीस थी महज 600 रुपए
'ब्रह्मपुत्र' फिल्म के लिए देवेन को 600 रुपए फीस दी गई थी। देवेन की पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गई। इसके बाद ए वी मीयप्पन के 'एवीएम स्टूडियो' ने देवेन वर्मा के साथ तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया और चेन्नई भेज दिया। चेन्नई में अभिनय में प्रशिक्षण की ट्रेनिंग दी गई, साथ ही 1500 रुपए महीने दिए गए। इस दौरान देवेन की साल 1963 में 'गुमराह' फिल्म रिलीज हुई जिसमें उन्होंने नौकर का किरदार निभाया था। इस फिल्म में देवेन की एक्टिंग काफी पंसद की गई और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा।
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जीते 3 फिल्म फेयर अवॉर्ड
इसके बाद देवेन वर्मा ने 'देवर', 'अनुपम', 'चोर के घर चोर,' 'बेशरम', 'भोला भला', 'लोक-परलोक' और 'गोलमाल' जैसी कई फिल्में इस लिस्ट में शामिल हैं। 70 के दशक में देवेन वर्मा बॉलीवुड के इकलौते ऐसे कॉमेडियन थे जिनकी काफी डिमांड थी। देवेन वर्मा ने तीन फिल्म फेयर अवॉर्ड जीते। यहां तक साल 1975 में रिलीज फिल्म 'चोरी मेरा काम' के लिए फिल्म फेयर बेस्ट कॉमेडियन का अवॉर्ड भी अपने नाम किया।
कॉमेडी के थे बादशाह
देवेन वर्मा के वैसे तो सभी किरदारों ने लोगों के दिलों पर कब्जा जमाया लेकिन डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी, बासु चैटर्जी और गुलजार की फिल्मों के रोल आज भी लोगों के जहन में जिंदा है। गुलजार ने साल 1982 में आई 'अंगूर' फिल्म में डबल रोल निभाया था। इस फिल्म में संजीव कुमार मुख्य किरदार में थे। इस फिल्म के लिए देवेन वर्मा को तीसरा फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था।
अशोक कुमार की बेटी से पहली नजर में हो गया था प्यार
देवेन वर्मा ने अपने फिल्म करियर में करीब 149 फिल्मों में काम किया। देवेन वर्मा की फिल्मों की एंट्री की कहानी जितनी दिलचस्प है उतनी ही उनकी लव स्टोरी भी। देवेन वर्मा ने अशोक कुमार की बेटी रूपा गांगुली से शादी की थी। देवेन ने अशोक कुमार के साथ कई सारी फिल्मों में काम किया है। एक दिन अशोक कुमार ने देवेन को डिनर पर घर बुलाया और तभी उनकी मुलाकात रूपा से हुई। पहली ही मुलाकात में देवेन और रूपा एक दूसरे को दिल दे बैठे थे।
2 साल बाद की थी शादी
एक दिन देवेन ने बड़ी हिम्मत करके अशोक कुमार से शादी की बात की। अशोक कुमार ने उस वक्त कहा था कि हम इस बारे में सोचेंगे। इसके बाद 2 साल बाद दोनों की शादी हुई। देवेन वर्मा का दिल का दौरा पड़ने और किडनी फेल हो जाने की वजह से 2 दिसंबर 2014 को दुनिया को हमेशा हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।
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बी आर चोपड़ा ने दिया था पहला ब्रेक
देवेन वर्मा मुख्य रूप से गुजरात के रहने वाले थे और बाद में उनका परिवार पुणे शिफ्ट हो गया था। देवेन को शुरुआत से ही एक्टिंग का शौक था। फिल्मों से आने से पहले देवेन एक ड्रामा ग्रुप का हिस्सा थे और स्टेज शोज किया करते थे। देवेन को फिल्म में पहला ब्रेक बी आर चोपड़ा ने दिया था। कहा जाता है कि एक बार देवेन 'नार्थ इंडिया पंजाबी एसोसिएशन' के शो में स्टेज शो कर रहे थे। इस शो को देखने के लिए बी आर चोपड़ा भी आए थे। शो के दौरान ही बी आर चोपड़ा को देवेन इतने भा गए कि उन्होंने देवेन को तुरंत अपनी फिल्म 'ब्रह्मपुत्र' के लिए कास्ट कर लिया।
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पहली फीस थी महज 600 रुपए
'ब्रह्मपुत्र' फिल्म के लिए देवेन को 600 रुपए फीस दी गई थी। देवेन की पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गई। इसके बाद ए वी मीयप्पन के 'एवीएम स्टूडियो' ने देवेन वर्मा के साथ तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया और चेन्नई भेज दिया। चेन्नई में अभिनय में प्रशिक्षण की ट्रेनिंग दी गई, साथ ही 1500 रुपए महीने दिए गए। इस दौरान देवेन की साल 1963 में 'गुमराह' फिल्म रिलीज हुई जिसमें उन्होंने नौकर का किरदार निभाया था। इस फिल्म में देवेन की एक्टिंग काफी पंसद की गई और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा।
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जीते 3 फिल्म फेयर अवॉर्ड
इसके बाद देवेन वर्मा ने 'देवर', 'अनुपम', 'चोर के घर चोर,' 'बेशरम', 'भोला भला', 'लोक-परलोक' और 'गोलमाल' जैसी कई फिल्में इस लिस्ट में शामिल हैं। 70 के दशक में देवेन वर्मा बॉलीवुड के इकलौते ऐसे कॉमेडियन थे जिनकी काफी डिमांड थी। देवेन वर्मा ने तीन फिल्म फेयर अवॉर्ड जीते। यहां तक साल 1975 में रिलीज फिल्म 'चोरी मेरा काम' के लिए फिल्म फेयर बेस्ट कॉमेडियन का अवॉर्ड भी अपने नाम किया।
कॉमेडी के थे बादशाह
देवेन वर्मा के वैसे तो सभी किरदारों ने लोगों के दिलों पर कब्जा जमाया लेकिन डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी, बासु चैटर्जी और गुलजार की फिल्मों के रोल आज भी लोगों के जहन में जिंदा है। गुलजार ने साल 1982 में आई 'अंगूर' फिल्म में डबल रोल निभाया था। इस फिल्म में संजीव कुमार मुख्य किरदार में थे। इस फिल्म के लिए देवेन वर्मा को तीसरा फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था।
अशोक कुमार की बेटी से पहली नजर में हो गया था प्यार
देवेन वर्मा ने अपने फिल्म करियर में करीब 149 फिल्मों में काम किया। देवेन वर्मा की फिल्मों की एंट्री की कहानी जितनी दिलचस्प है उतनी ही उनकी लव स्टोरी भी। देवेन वर्मा ने अशोक कुमार की बेटी रूपा गांगुली से शादी की थी। देवेन ने अशोक कुमार के साथ कई सारी फिल्मों में काम किया है। एक दिन अशोक कुमार ने देवेन को डिनर पर घर बुलाया और तभी उनकी मुलाकात रूपा से हुई। पहली ही मुलाकात में देवेन और रूपा एक दूसरे को दिल दे बैठे थे।
2 साल बाद की थी शादी
एक दिन देवेन ने बड़ी हिम्मत करके अशोक कुमार से शादी की बात की। अशोक कुमार ने उस वक्त कहा था कि हम इस बारे में सोचेंगे। इसके बाद 2 साल बाद दोनों की शादी हुई। देवेन वर्मा का दिल का दौरा पड़ने और किडनी फेल हो जाने की वजह से 2 दिसंबर 2014 को दुनिया को हमेशा हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।