सेंसर बोर्ड चीफ जेल में, और अटक गईं ये फिल्में
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केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के सीईओ राकेश कुमार के खिलाफ सीबीआई द्वारा बीते बृहस्पतिवार को मामला दर्ज करने के बाद से सेंसर बोर्ड का कामकाज ठप्प पड़ गया है। ऐसे में प्रमाण पत्र पाने की कतार में लगी फिल्मों की संख्या बढ़ती जा रही है। सीबीआई ने फिल्मों को प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में घूसखोरी की शिकायत पर सेंसर बोर्ड के एक पैनल मेंबर और एक एजेंट को गिरफ्तार किया है।
सूत्रों का कहना है कि बीते चार दिनों में सप्ताहांत अवकाश और त्यौहारों की छुट्टियां खत्म होने के बाद सीबीआई सक्रिय होगी। ऐसे में संभव है कि एक-दो दिन में राकेश कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया जाए। सीबीआई उनके घर पर छापा मार कर दस लाख 30 हजार रुपये और सोने-चांदी के गहने बड़ी मात्रा में बरामद कर चुकी है।
अटक जाएंगी ये फिल्में
इस बीच बोर्ड से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि प्रमाण पत्र के लिए आने वाली फिल्मों की संख्या रोज बढ़ रही है। मुश्किल यह है कि मुंबई क्षेत्र में केवल 28 पैनल सदस्य हैं और हर स्क्रीनिंग में करीब चार सदस्यों और एक अधिकारी की जरूरत होती है। ऐसे में दिन में तीन से चार फिल्मों का प्रदर्शन संभव हो पाता है। बताया जा रहा है कि इस समय बोर्ड के सामने करीब 40 फिल्में और 60 से ज्यादा वीडियो फिल्में प्रमाण पत्र के लिए हैं। इनमें तमिल और बांग्ला फिल्में भी शामिल हैं।
सूत्र के अनुसार बोर्ड का कामकाज जब तक पटरी पर नहीं लौटेगा, फिल्मों को प्रमाण पत्र जारी करने में देरी होगी। इस समय जो फिल्में बोर्ड के पास हैं, उनमें फाइंडिंग फैनी, दावत-ए-इश्क, मैरीकॉम, क्रीचर, राजा नटवरलाल और देसी कट्टे शामिल हैं, जो अगस्त-सितंबर में रिलीज होंगी। रिलीज से करीब 21 दिन पहले फिल्मों को सेंसर प्रमाण पत्र लेना पड़ता है। अगर फिल्मों को समय से सर्टिफिकेट नहीं मिला तो निर्माताओं को इनकी रिलीज आगे बढ़ानी पड़ सकती है।
किक और सिंघम के लिए भी आई थीं मुश्किलें
बताया जा रहा है कि राकेश कुमार ने प्रमाण पत्र देने में कई बड़े निर्माता-निर्देशकों की फिल्मों को काफी लटकाया था। क्या ये लोग सीबीआई से इसकी शिकायत करेंगे? सूत्रों के अनुसार हालिया रिलीज फिल्म ‘किक’ और ‘सिंघम रिटर्न्स’ को भी राकेश कुमार ने तब सर्टिफिकेट जारी किए, जब इसके निर्माता-निर्देशकों ने उनके घर-दफ्तर जाकर गुहार लगाई।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार फिलहाल तो इन लोगों ने शिकायत नहीं की है, लेकिन जरूरत पड़ी तो सीबीआई अपने स्तर पर छानबीन कर सकती है। सेंसर बोर्ड की अध्यक्ष लीला सैमसन कह चुकी हैं कि राकेश कुमार द्वारा प्रमाण पत्र में देरी की शिकायतें उनके पास आई थीं। लेकिन घूस की शिकायत किसी ने नहीं की। सैमसन के अनुसार जब देरी के मुद्दे पर उन्होंने राकेश कुमार से बात की थी तो वह सुनते रहे। मगर शिकायतों का सिलसिला रुका नहीं।