बॉम्बे हाई कोर्ट का महाराष्ट्र सरकार से सवाल, 70 साल के दुकानदार पर रोक नहीं तो एक्टर्स पर क्यों
शूटिंग के सेट पर 65 साल से ऊपर के कलाकारों के वर्जित होने वाले नियम पर आज शुक्रवार को हुई सुनवाई में बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि जब 70 साल से ऊपर का आदमी दुकान खोलकर काम पर वापस लौट सकता है तो कलाकारों के लिए यह नियम क्यों? दोनों पक्षों के वकील इस सवाल का जवाब कोर्ट के सामने कल शनिवार को फाइल करेंगे। इस केस की अगली सुनवाई अगले बुधवार यानी 29 जुलाई को न्यायाधीशों की यही बेंच करेगी।
अनलॉक-1 के दौरान शूटिंग शुरू करने के लिए सिने कर्मचारियों के महासंघ फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाइज ने सरकार के सामने कोरोना से निपटने की गाइडलाइन्स का खाका तैयार करके महाराष्ट्र सरकार को सौंपा था। उन दिशानिर्देशों में यह नियम भी था कि 65 साल से ऊपर के कलाकार अपना काम फिलहाल के लिए शुरू नहीं कर सकेंगे। इन सभी नियमों पर महाराष्ट्र सरकार ने मुहर लगा दी और जून के दूसरे पखवाड़े से शूटिंग शुरू हो गई। इस नियम से बुजुर्ग कलाकारों की परेशानियां बढ़ गई हैं और वह अपनी जीविका का हवाला देकर सरकार से काम शुरू करने की अनुमति मांग रहे हैं।
जब कहीं से बात नहीं बनी तो अभिनेता प्रमोद पांडे और इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इम्पा) ने बॉम्बे हाई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत की पहली सुनवाई आज शुक्रवार को जस्टिस एस जे कथावाला और जस्टिस रियाज चागला ने की है। इम्पा और प्रमोद पांडे की तरफ से वकील अशोक सराओगी और महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पूर्णिमा कंथारिया इस केस का नेतृत्व कर रहे हैं। कोर्ट ने सरकार का महाराष्ट्र सरकार का नेतृत्व कर रही वकील से पूछा कि जब 70 साल का बूढ़ा दुकानदार अपने काम पर लौट सकता है तो कलाकारों पर यह बंदिश क्यों?
हालांकि, आज इस केस में सुनवाई आंशिक रूप से हुई है। जजों की बेंच ने तय किया है कि वह इस पर अंतिम सुनवाई अगले बुधवार को करेंगे। बता दें कि इस नियम में संशोधन करवाने को लेकर कलाकारों की यूनियन सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मनोज जोशी भी कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर चुके हैं।
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